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Chaitra Navratri Kalash Visarjan 2026: 2026 में चैत्र नवरात्रि का कलश विसर्जन 27 मार्च (शुक्रवार) को रामनवमी तिथि के बाद या 28 मार्च (शनिवार) को दशमी तिथि पर करना सबसे शुभ माना गया है। पारण और विसर्जन की उत्तम विधि नवमी तिथि (27 मार्च) के बाद या अगले दिन सूर्योदय के बाद है, जिसमें मां दुर्गा से क्षमा मांगकर विसर्जन किया जाता है।Chaitra Navratri Kalash Visarjan 2026: 27 Ya 28 March Kab Kare,Muhurt,Vidhi..

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~HT.504~PR.111~ED.120~

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Transcript
00:03चैत्र नवरात्री के पावन पर्व पर अगर आपने भी नौ दिनों तक कलश स्थापना की हुई है
00:09और ऐसे में कलश विसर्जन को लेकर आपके मन में संशय है
00:14कि आखिर 26, 27 या 28 किसे दिन कलश विसर्जन करना चाहिए
00:20तो आईए इस वीडियो में आपकी इस परिशानी को दूर किये देते हैं
00:24चैत्र नवरात्री 2026 में कलश का विसर्जन
00:27अब 27 मार्श 2026 दिन शुक्रवार को राम नवमी तिथी की समापती के बाद कर सकते हैं
00:35या फिर अगले दिन 28 मार्श को दश्मी तिथी पर भी किया जा सकता है
00:41वैसे अमूमन नवमी तिथी समापत होने के बाद कलश का विसर्जन करते हैं
00:46जो कि 27 मार्श 2026 को सुबह 10 बच कर 6 मिनट के बाद की जा सकी की
00:53ऐसे में अगर आप 27 तारिक को कलश विसर्जन करते हैं
00:57तो अभीजीत मुहूर्त में जो की 11 बच कर 45 मिनट से 12.5 बजे के बीच में किया जा
01:04सकता है
01:04ध्यान रहे विसर्जन दिन के शुब चोगणिया में करें और राहु काल से बचे रहें
01:11सुबस नान के बाद पूजा स्थल की साफ सफाई कर ले मादुरगा की पूजा और आरती करें
01:16कलश विसर्जन से पहले करने पूजन करना उत्तम रहता है
01:20कलश को धीरे से हिलाएं
01:22कलश को हिलाते समय ओम गच गच सुर्व श्रेष्ट स्वस्थाने परमेश्वर मम पूजा ग्रिहत मेवाम पुनरागमनायच यानि कि हे देवी
01:34हे परमेश्वर आप अपने स्थान पर विराजिये
01:37मेरी पूजा को स्वेकार करे और अगले साल फिर से अपने पुनरागमन के लिए पधारे
01:44अब आप कलश के जल को पूरे घर में छिड़क सकते हैं
01:48बच्चेवे जल को घर के पौधों में या किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें इसे नाली में ना डाले
01:54जों का विसर्जिन भी किया जाता है उग्योए जों को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें या किसी पेड़िया
02:00पौधी की जड़ में रख दें
02:02आप चाहें तो खाली गमले में भी जों बो सकते हैं
02:05नारियल को प्रसाद के रूप में परिवार में बाट दें कलश को साफ करके अगली पूजा के लिए सुरक्षत रख
02:11लें
02:11अगर ये मिट्टी का कलश है तो आप इसे भी पूजा सामगरियों के साथ ही प्रवाहित कर दें
02:17अब सवाल ये उठता है कि मा को चड़ाई हुई चुनरी, साडी या श्रिंगार की सामगरी का क्या करें
02:24अमूमन तोर पर वरतधारी या फिर अगर आपने घर में पूजा की है तो महलाये से खुद ही रख लेती
02:32है
02:32मा के आशरवात के तौर पर लेकिन जो चीज अर्पित कर दी गई है उसे वापस खुद के लिए इस्तमाल
02:40करना सही नहीं है
02:41ऐसे में मा को चड़ाई हुई श्रिंगार की वस्तू, साडी, चुनरी को किसी जरूरत मंद या गरीब महला को दान
02:50कर दे
02:51आप चाहे तो किसी ब्रामभणी को भी ये दे सकती है
02:55इससे मा प्रसन होंगी और आपको वरत का पूरा फल जरूर देंगी
03:02आप चाहे तो मा को चड़ाई हुई कोई भी चीज अपने पास मा के आशरवात के तौर पर रख सकती
03:08है
03:08इन में साड़ी, चुनरी या श्रिंगार की कोई भी एक सामगरी हो सकती है
03:13फिलहाल इस वीडियो में इतना ही
03:15वीडियो को लाइक और शेयर करें
03:17साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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