00:03धर्म बदलने पर क्या रक्षन खत्म हो जाता है अगर कोई फिर से अपने पुराने धर्में लोटे तो क्या उसे
00:09अनुसुची जाती का दर्ज़व वापस मिल सकता है इन सवालों पर लंबे समय से बहच चल रही थी अब सुप्रेम
00:14कोट ने साफ कर दिया है कि धर्मान तरण �
00:16और ऐसे स्टेट के लाग दोनों साथ साथ नहीं चल सकते कोट के इस फैसले का असर सीधा लाखों लोगों
00:23पर पड़ सकता है खासकर उन परिवारों पर जहां धर्म और पहचान दोनों बदल रहे हैं क्या है सुप्रेम कोट
00:29का फैसला चलिए बताते हैं सुप्रेम कोट ने क
00:46इन्वी अंजारी की बेश ने फैसला सुनाते हुए साफ कहा कि साइध धर्म अपनाने वाला दलित व्यक्ति ऐसी या एस्टी
00:54अधिनियम का लाप नहीं ले सकेगा ये सुप्रीम कोट का महत्पूर्ण और एतिहासिक फैसला माना जा रहा है अब बताते
01:01हैं आपको कि आखिर मा
01:05साम का एक व्यक्ति जो 10 सालों से एक चर्चा में पादरी के रूप में जुड़ा था उसने कुछ लोगों
01:10को मारपीट करने और जाती सुचक गालियां देने का आरोप लगाते हुए सीस्टी एक्ट के तहत शिकायत दर्श कराई थी
01:17और अपरादी कारेवाई की मांग की थी
01:20ये मामला बाद में आंध्रा प्रदेश हाई कोर्ट तक पहुच गया वहीं पिछले साल आंध्रा हाई कोर्ट ने एक इसाई
01:26पादरी की ओर से सीस्टी अधिनियम के तहत दर्श कराए बैदता पर सुनवाई की थी इस मामले में अप्रेल 2025
01:33में फैसला आया था
01:35मैं चलिए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का किस पर पढ़ेगा असर वो बताते हैं धर्म परिवर्दन के मामले में
01:41जाते लाप की सुविधा से जुड़े नियम इस बात पर निर्भर करते हैं कि वैक्ति किस वर्ग से संबंधित हैं
01:47सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के म
02:05हिंदू से बौद, सिख से हिंदू, सिख से बौद और बौद से हिंदू या बौद से सिख धर्म यानिकी यानि
02:12इनी तीनों धर्मों के अंत्रगरत परिवर्दन होता है तो उसका अनुसूची जाती का वर्गी करण खत्म नहीं होगा उमीद करती
02:20हूँ आपको जानकारी पसं
02:25करना ना भूले।
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