00:00मुंबई में चल रही ग्यास सिलेंडर की दिक्कत की वज़े से अब 1500 साल पुरानी संस्था जो मुंबई डबे वाला
00:06संघटना है वो भी प्रभावित होते वे नज़र आ रहे हैं
00:10मुंबई डबे वाला असोसियेशन भी इससे प्रभावित हुआ है इससे अच्छूता नहीं रहा है जो डिब्बे वो दिया करते थे
00:18उसमें अब कमी आई है वो बहुत कम हा रहे हैं जिनके घरों से डिब्बे आते थे वो तो पहुँच
00:25रहे हैं लेकिन जिनका परिवार यहा
00:38पूरा यह operation संभालते हैं किरन जी सिलेंडर की कमी है इसके वज़े से कितना असर पड़ा है कितना operation
00:44प्रभावित हुआ है सबसे पहले मैं किरन गवांदे जनरल सेक्रेटरी मुंबड़ बोला और जो मतलब हमारे मेस के टिफिन थे
00:54उनके उपर आसर गिरा है और जो मतलब घर
01:08ही है वह कहीं तो अभी महसूस होने लगी है कि कभब से घरिफिन नहीं आते तो वह कम से
01:31कम पासदस्त निच्छी तो हो चुका है
01:33अगर यह लड़ाई ऐसी शुरू रही और सिलेंडर की कमी ऐसी ही खलती रही तो क्या लगता आने वाले दिनों
01:41में और क्या असर देखने को मिलेगा नहीं पक्का असर तो होता ही रहेगा मेरे खायल से मुझे लग रहा
01:49है कि दिक्कत आएगी
01:52बिल्कुल तो अगर सिलेंडर की किलत ऐसी ही जारी रही तो आने वाले दिनों में यह दिक्कत जो है और
01:57भी बढ़ सकती है साफ मानना जो है वो इनका है अब देखना होगा कि यह जंग कब रुकती है
02:02और कब इनकी जो सेवा है वो पहले जैसे पट्री पर आती है
02:31हम लोग ने भी हमारे स्टाफ के लिए कुछ अरेंज्मेंन किया है गर से हम लोग भी कभी-कभी खाना
02:35उनके लिए मंगा लेते हैं और जो क्राइसिस है जैडिस वह गवर्मन्न के हाथ में भी तो है नहीं यह
02:39वर्ल्ड की क्राइसिस है और मेरे कहले से यह शौट में भी कतम होने वाले तो है नहीं है इस
02:44गोई इंपक्ट लाइक आगे बहुत आएगा
02:47सर मेरा नाम नवनात था नतु पाशानगर मैं एक डब्बावाला हूं और डब्बेवाले के साथ मेरा एक टेपिंग सर्विस घर
02:55से भी चलाता हूं तो पहले जाएस मतलब ग्यास रेगूलर था तो उस टाइम हमारे सर्विस अच्छी तरह से चलो
03:03थी बढ़ी जो ग्यास का ज
03:21पूरा जो रेगूलर जो कस्टमर है उनके लिए सिर्वी चालो रखा है अभी खाली 40-40 जा रहे हैं जो
03:30बाकी जो टिफिंग सर्व से बंद की है उनका क्या कहना है उनका रेगूलर ना एक्शली कैस कैसा है कि
03:38उनका वर्क प्राम हम जो है वेकली 2-3 दिन के लिए ओपी जात
03:47पर ओपिस के लिए जाते हैं मंगते हैं तो आप अपना डिफिंगर से ले आई है क्योंकि ओपीस ओपीस में
03:53क्या है जो केंटीन थी और शाहिद ऑफिस में चालू है लेकिन होटेल्स होकर जो है ओवाटेल्स के बहुत सारे
03:59जगभब मिलने में कितनी दिखते और कितनी मु�
04:36सब्सक्राइब करना पड़ेगा क्योंकि अगर हमारे फैमिली के लिए अगर दिखके ता जाएगे तो फिर दंदा करके क्या मतलब शाहिए
05:04अबर उनको भूलना पड़ेगा अगर है इसे चलो रहेगा अगर मंगाई बढ़ती रहेगी
05:15तो फिर उनको भी बोलना पड़ेगा।
05:16कैमरामन ने तिन वरने के साथ दिपेश्तिर पाठी मुंबई आज तक।
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