00:00धन्यवाद माने अद्यजी
00:01माने अद्यजी
00:04आपके माद्यम से माने मंत्री जी
00:07नाम भी पढ़ने को तयार थे
00:09उधार देने को तयार थे
00:11जवाब में आपने कहा है केवल 75,000 किसानों की आमदनी दूनी है
00:15उससे ज़्यादा बड़ी है
00:17जबकि देश के अंदर
00:18140 करोड लोगों में
00:20लगवग 60 फीजदी लोग
00:22आज भी खेती किसानी पर निर्वा रहे है
00:24अद्यजी सवाल प्यारों में
00:26अद्यजी सवाल प्यारों में
00:282014 का मानी मंत्री जी अपना
00:30घोस्ना पत्र पढ़िए
00:31और घोस्ना पत्र में आपने कहा था
00:34कि श्वामी नातन आयो की सिपारस
00:36को हम लागू करेंगे
00:37श्वामी नातन आयो की सिपारस आप जानते हो
00:40C2 प्लस 50%
00:42मेरा स्पेस्टिक सवाल है मानी मंत्री जी से
00:45और सरकार से
00:47कि 2014 में सरकार बनाने के लिए
00:49जो किसानों को गुमरा किए आपने
00:51कि हम स्वामी नातन लाएंगे, आप लाएंगे की नहीं लाएंगे, नमबर एक और अदजी एक मिनट, अदजी आदम लिट, अदजी
00:58आदम लिट, अदजी आदम लिट, अदजी आदम लिट, अदजी आदम लिट, अदजी आदम लिट, आईए माननी मंति मोदे, आप मंति
01:09मो
01:11मानिय जी, मानिय जी मानिय जमधा पता नहीं धन्यम रियादती क्यों गुस्सा हो जाते हैं
01:24जरम आप उनकी डिवेट मत करो, मानिय आपि सुफे की आपि जहिते हैं
01:36मानिय मंती महोदे आप जवाब दो
01:47मानिय अच्छ महोदे जावियो मानिय अच्छ महोदे आप सुनो तो भाई
01:55एक मिल बधो एक मिल बाई
02:05मैं मान्य सदश्य और मान्य मंत्री गणों को भी आगरह करता हूं।
02:12मान्य सदश्य कभी भी पश्ट निकाल में इतनी उत्तिजत होने के आउशकता नहीं है।
02:19इस पर कर्शी के विशे पर बॉट डिटेल साड़े चार घंटे चर्चा हुई।
02:36सभी मान्य सदश्यों को प्रयाप्त अउसर मिलाता।
02:39और प्रश्ट निकाल क्योंकि संशिप्त में होता है।
02:44इसने मैंने मान्य मंति जी को का, सभी सदश्यों को पुण के रहाऊ।
02:49कभी भी प्रश्ट में काल के अंदर ना तो इतना उत्तीजित होना,
02:54न इतने लंबे प्रश्ट कूछना, आप लिखके भी लाते होना है।
02:57तो शोट लिखने के आदत बनाओ।
02:59और मानी मंति जी डिटेल इसमें पृष्णी जवाब दिया जाता है आप बता दे मानी अध्यक्ष महोद है जब यूपे
03:20की सरकार थी इन्हें स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की जा सकती मार्केट विकृत हो जाएगा
03:26ये एफिडेट दे कर मंतरी मंदल की नोट च्रीट में बता दू ये हाथे के दाद खाने की भाष्णी ने
03:32पहाँ लेकिन मानी अध्यक्ष महोद है ये प्रदान मंत्री नरेंध्र मौधी जी मानी अध्यक्ष महोद है
03:41मैं विनम्रता के साथ कह रहा हूँ
03:43ये एंडिया की सरकार है
03:46जिसने उत्पादन की लागत पर 50% मुनाफ़ा देखकर
03:51मिनिमम सपोर्ट प्राइज ट्रेक करने का फैस्टा किया है
03:54और वो हम लगातार दे रहे हैं
03:57ना के बल मिनिममम सपोर्ट प्राइज
03:59बलके प्यम आसा योजना बनाके
04:02हमने दलहन और तलहन की खरीद को भी सुनिश्चित किया है
04:05तुर मसूर और उलग जितनी किसान बैचेगा रजिस्टर करवाके
04:10पूरी की पूरी खरीदने का हम काम करेंगे
04:13ये हमारी सरकार कर रही है
04:15यहां तक मानी अद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्
04:44में कहीं लागे किसार बेंचेगा, तो ट्रांस्पोर्टिशन का खर्का भी कहनरी सरकार देगी, हमनों लाभी करके दिखाए।
04:51Qution number 443, Shri Dehrashil, और माने सदाशे, प्लेच, प्लेच, नौ, नौ, डिवेट मत करा करें आपस में, आपस में
05:08एक दूसरे की डिवेट मत करें।
05:14Quto, भाजành, मोइद पाटिल, रशनलचन्यसंक्या 443,
05:19Qution भंडे, माने मंती मोदे, मानने अधाऍेक्षी मोदे, एक विपरें सभा-पतल पर रख दिया जया है।
05:30मानिया मंत्री मोदेविच से यह पूछना चाहूंगा क्या सरकार किसानों की पहुंच को बहतर बनाने के लिए गाव या क्लस्टर
05:40स्तर पर खरीदिके न्रों का नेटवर्क विस्तार करने का प्रस्ताव रखती है
05:47मानिया द्रक्ष बहुत है
05:51किसान की पूरे उत्पात को ढंग से खरी जा जाए यह हम राज्य सरकारों के सहयोग से करते हैं
05:59लेकिन यह क्यूशन तो एफसी आई समद्धित है ना
06:01हाँ एफसी आई से समद्धित है भावी और इसलिए आपके जानकारी में है एफसी आई भी खरीदी करती है
06:09कई वार नेफेड जैसी सहस्ताओं को भी हम कहते हैं के खरीदे और कई वार राज्य सरकार अपनी एजेंसी खुद
06:16तह करती है तो राज्य सरकार के माध्यम से भी हम खरीदी करते हैं
06:19और राज्य सरकारे खरीदी केंदरों की उसे साफ से व्यवस्ता करती है जहां जितने आवस्ता खरीदी केंदरों खोले जाते हैं
06:27आवस्ता और पढ़ेगी तो यह संबन दित एजेंसिया उसका फैसला करेंगे
06:31माने सदाशे क्या MSP और बाजार किमतों के बीच क्यांतर को समझने के लिए MSP को कानुनी रुप से लागो
06:40होने की योग्य गैरेंटी या मुल्य अंतर बुक्तान प्रानाली शुरू करने के कोई योजना है
06:46माने अद्धिक बहुत है MSP पर रिकार्ड खरिदी हमारी सरकार में की है मैं आपको बता सकता हूँ कि चाहे
06:59गेहूं हो चाहे धान हो चाहे दलहन हो चाहे तिलहन हो चाहे फल हो चाहे सब्जिया हो
07:07सरकार खरीदने का काम करती है
07:09पर आगे भी जैसे मैंने बताए कि कई
07:13दलहन और तलहन की फसलों के लिए
07:15पीम आसा जैसी योजना भी हम लेके आए है
07:18किसान का उतबाद की ठीक दाम मिले
07:20इसमें कोई कसरम नहीं छोड़ेंगे
07:38झाल
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