00:03इत की नमाज सिर्फ इबादत ही नहीं बलकि एक खास संदेश फिले कराती है जुसे खुदबा कहा जाता है।
00:32इत के खुदबे के बारे में कुछ एहम बाते अब आपको बताते हैं।
01:00अल्हा की हमद यानि अल्हा की तारीफ और बढ़ाई।
01:04नभी पर दरूद यानि रसूल पाक पर दरूद और सलाम।
01:08रमजान और ईद यानि रमजान के रोजों की कबूलियत की दूआ और ईद की खुश्यों का सही तरीका।
01:15और इसके अलावा सदकाए फित्र यानि गरीबों की मदद करने और फित्रा अदा करने की ताकीद
01:21अब खुद्बा सुनने की जरूरी आदाब क्या होती है?
01:25दोस्तों ईत का खुद्बा सुनना वाचिब है
01:28इसके लिए कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए
01:31सबसे पहला है खामोशी
01:32जब इमाम खुद्बा पढ़ रहे हो तो बिल्कुल खामोश रहे
01:36आपस में बात करना या मुबाइल चलाना सक्थ मना है
01:39बैठे रहना
01:40बहुत से लोग नमाज खत्म होती ही भागने लगती है जो की कलत है
01:44खुद्बा पूरा होने तक अपनी जगह पर बैठे रहना चाहिए
01:47दूआ
01:48खुद्बा खत्म होने के बाद इमाम साहब जो सामोहिक दूआ मांगते हैं
01:53उसमें शामिल होना बहुत परकत वाला होता है
01:55अब एक और सवाल आता है कि क्या खुद्बा पढ़ना जरूरी है
01:59दोस्तों अगर किसी वजह से खुद्बा ना पढ़ा जाए
02:03तो नमाज तो हो जाती है लेकिन खुद्बा छोड़ना सुन्नत के खिलाब है
02:07जमात के साथ नमाज होने पर खुद्बा पढ़ना इमाम के लिए सुन्नत और मुकदमीन के लिए वाजब है
02:13अब खुद्बे की शुरुआत कैसे होती है
02:15तो दोस्तों स्क्रीन पर दी गई तक्बीरों को पढ़कर इमाम साहब इसकी शुरुआत करते हैं
02:21और एक खास बात ये है कि अगर आप अर्बी नहीं समझते तब भी खुद्बे के दोरान अदब से बैठना
02:26और इमाम की आवास पर ध्यान देना इबादत का हिस्सा है
02:30उमीर है आपको आज की वीडियो ज़रूर पसंद आई होगी
02:33और भी ऐसी वीडियो को देखने के लिए आप जुड़े रहे हमारे साथ तब तक के लिए नमस्कार
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