00:03भारत में इदुल फितर या मीठी ईद 21 मार्ज 2026 दिन शनिवार को पढ़ रहा है
00:10महीं ईद की नमाज का टाइम सुबह साड़े छे बजे से लेकर साड़े आठ बजे के बीच है
00:15अब सवाल यह उठता है कि ईद की नमाज कहां पढ़ी जाती है
00:19क्या अकेले पढ़ सकते हैं और ईद की नमाज पढ़ना फर्ज है यह सुन्नत आईए इन सबी सवालों के आपको
00:27जवाब देते हैं
00:28देखे ईद की नमाज खास्तोर से ईदगा में पढ़ी जाती है
00:32इसके अलावा यह जामा मस्जदों और इस्थानी मस्जदों में भी अदा की जाती है
00:36सुन्नत यह है कि इसे एक बड़े मजमे के साथ खुले मैदान में पढ़ा जाए ताकि एकता का प्रदर्शन हो
00:43सके
00:43इद की नमाज को लेकर अलग-अलग इसलामी विचारधाराओं की अलग-अलग राय है
00:48इद की नमाज अकेले नहीं पढ़ी जा सकती इसके लिए जमात और इमाम का होना जरूरी है
00:53अगर किसी की जमात छूट जाए तो अकेले इद की नमाज नहीं पढ़ सकता
00:58ऐसी स्थिती में वो चार रकाट चास्त की नफल नमाज पढ़ सकता है
01:03वहीं शाफ़ई और कुछ अन्य विद्वानों के मुताबिक
01:07यदि किसी की जमाद छूट जाए या वो ईदगा नहीं जा सके तो वो घर पर अकेले भी इद की
01:11नमाज पढ़ सकता है
01:12लेकिन अमोमन तोर पर बहतर यही है कि इसे जमाद के साथ ही पढ़ा जाए
01:16क्योंकि एद का मकसद ही भाईचारा और सामोहिक इबादत है
01:20अब सवाल यह उठता है कि एद की नमाज फर्ज है या नहीं
01:25इद की नमाज ना तो सिर्फ एक आम सुन्नत है और ना ही पांच वक्त की नमाज की तरह फजरे
01:30एन
01:31बल्कि एक वाजब इबादत है जिसे शान और शौकत और जमाद के साथ पढ़ना हर मुसल्मान मर्द के लिए जरूरी
01:38बताए गया है
01:38औरतों और बीमारों पर ये नमाज वाजब नहीं है हाला कि वो चाहें तो इसमें शामिल हो सकती है
01:44अगर वहां उनके लिए अलग से इंतजाम हो तो
01:48ध्यान रहे ये उन सभी लोगों पर वाजब है जिन पर जुमे की नमाज फर्ज है
01:53फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
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