Skip to playerSkip to main content
  • 2 hours ago
तमिलनाडु में सिनेमा और सियासत के बीच हमेशा से चोली-दामन का साथ रहा है. पहले भी फिल्मी सितारों ने सियासत की दहलीज पार की है. कभी कामयाब रहे हैं तो कभी नाकामी हाथ लगी है. राजनीति के मैदान में नए खिलाड़ी हैं - विजय. सवाल ये नहीं है कि वे कितने लोकप्रिय हैं। सवाल है कि क्या उनकी लोकप्रियता वोटों में तब्दील होगी?विजय ने सिनेमा जगत में पिता, एस. ए. चंद्रशेखर के निर्देशन में कदम रखा। तमिल फिल्म उद्योग में उनके शुरुआती साल अनिश्चितता भरे थे. उन्हें लुक्स, स्क्रीन प्रेजेंस और यहां तक कि अभिनय में गंभीरता के अभाव को लेकर भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. बुलंद हौसले रंग लाने लगे. धीरे-धीरे लोगों की सोच बदलने लगी. समय का पहिया आगे बढ़ा तो फिल्मों में ना सिर्फ उनकी पहचान लोकप्रिय एक्शन स्टार के रूप में बनी, बल्कि वे एक ऐसे नायक के रूप में भी उभरे, जिसके किरदारों में नैतिक संदेश होते थे. अब वो नेता के रूप में जनता के बीच हैं. 

Category

🗞
News
Transcript
00:00You hear Tamil Nadu, Tamil Nadu, I am hearing you, now I am straight and I am straight and I
00:05am a great partner, this is Tamil Nadu, this is Tamil Nadu.
00:24Tamil Nadu, there is always a social and political scene.
00:31Remember the film, of course, Eliot claims the policy.
00:35Some have worked hard and some some have held hand on it.
00:39Be sure to ask a question about theoun who will not be waterless.
00:45Is that the question of those who have been there?
00:52the
00:521
00:521
00:521
00:541
00:551
00:551
00:562
00:562
00:581
01:001
01:001
01:011
01:022
01:021
01:031
01:202
01:22विजये ने सिनेमा जगत में पिता एस चंदरशेखर के निर्देशन में कदम रखा
01:27तमिल फिल्म उद्योग में उनके शुरुवाती साल अन्श्चितता भरे थे
01:32उन्हें लुक्स, स्क्रीन प्रेजन्स और यहां तक की अभिने में कमभीरता के अभाव को लेकर भारी आलोचनाओं का सामना करना
01:39पड़ा
01:45जब विजये ने सिनेमा में कदम रखा तो पहले वे बाल कलाकार के रूप में आए
01:50फिर उन्हें एक युवा हीरो के रूप में पेश किया गया
01:53उनके शरीर को लेकर काफी आलोचना हुई क्यूंकि वे दिखने में आकरशक नहीं थे
01:57वे दुबले पतले थे, थोड़े सावले थे, उनके चहरे के भाव उतने अच्छे नहीं थे
02:01जब उनके पिता ने उन्हें हीरो के रूप में पेश किया
02:04तो जाहिर है कि बहुत से लोगों ने सोचा ये हीरो कैसे बन सकते हैं
02:08ये स्टार कैसे बनेंगे
02:09मुझे लगता है कि उस समय खास कर तमिल मीडिया में उनके शरीर को लेकर काफी आलोचना हुई थी
02:15लेकिन विजय ने कभी हार नहीं मानी वे लगाता कोशिश करते रहें
02:22बुलंद होसले रंग लाने लगे धीरे धीरे लोगों की सोच बदलने लगी
02:26समय का पहिया आगे बढ़ा तो फिल्मों में ना सिर्फ उनकी पहचान लोकप्रिय एक्शन स्टार के रूप में बनी
02:33बल्कि वे एक ऐसे नायक के रूप में भी उभरे जिसके किरतारों में नैतिक संदेश होते थे
02:44उनकी कोई फिल्म फ्लाउप हो जाती तो वे उसका विस लेषन करते और अगली फिल्म में उसे सुधारते
02:50वे कभी निर्देशकों को नहीं छोड़ते थे बलकि उन्हें और मौके देते थे
02:56फिर थुपक्की और कथी जैसी फिल्में आई उनका ग्राफ लगातार उपर चड़ता गया
03:02स्वामाजिक रूप से वे एक जिम्मेदार सक्स बन गए
03:05एक ऐसा सक्स जो जनता के बारे में सोचता है दीरे दीरे वे जन आंदोलन के नेता बने
03:12फिर कल्यानकारी फंस्था के नेता और अंत में एक राजनेतिक नेता उन्होंने कई पड़ाओ पार किये और इस मुकाम तक
03:21पहुँचे हैं वे कोई साधारा राजनेतिक नेता नहीं हैं उनके पीछे भारी समर्थन है
03:30लोग का प्रियता बढ़ी तो उनकी फिल्मों के राजनेतिक संदेशों को नजर अंदाज करना मुश्किल हो गया
03:38हालांकि ये बात एक वर्थ को नागवार भी गुज़िए
03:48जब वे बेहत लोग प्रिय हो गए और उन्होंने अपनी फिल्मों में राजनीतिक संबाद बोलने शुरू किये
03:53तब ही से उन्हें तमिल्लाडू के नेताओं के साथ परिशानियों का सामना करना पड़ा
03:57खास कर पूर्व मुखमंतरी डॉक्टर जे जय ललीता के साथ
04:01इसी वज़ा से उन्हें कए परिशानिया जहिलनी पड़ी
04:04क्योंकि उनकी राजनीतिक महत्वक आंगशाय उनके संबादों और फिल्मों के शीर्शकों जैसे थलाईवा इससे जहलकने लगी थी
04:11लोगों को खास कर नेताओं को लगने लगा था कि वे राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं
04:16कोई ऐसा तरीका होना चाहिए जिससे उन्हें रोका जा सके
04:222010 के दशक तक विज़ा स्टार के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे
04:27एक ऐसा स्टार जिसकी ज़वी औरों से अलगी लोगों ने इसे बात में महसूस किया
04:36तमिलनाड ऐसे बदलाव भरे सफर देखने का आदी है
04:39स्टार से राजनेता तक इलाय तलपती से फार्टी नेता तक बाक्स आफिस के बार्शाह से चुनावी दावेदार तक का सफर
04:52उन्होंने कई अच्छी फिल्में बनाई हैं ताकतवर समाजिक संदेश वाली फिल्में बनाई हैं
04:57There were many films in the past 10 years, and there were a lot of films in the past, and
05:05there were a lot of films in the past.
05:07If you look at the most of these films in the past 30 years,
05:12it was not possible for 30 years in the past 30 years.
05:16It wasn't possible for a long time.
05:20He didn't do it.
05:512011 to 2021 that was a 10 years of silence 2011-2021 to 10 years ago a
06:00कि खामोश करांती चलती रही 2021 में उन्होंने मककल यकम बैनर के तले अस्थानिय निकाय चुनाव लड़ा हमारे निता ने
06:08कोई परचार नहीं किया चुनाव लड़ने बाले हर उमिद्वार को सिर्फ मककल यकम का जंडा और हमारे नेता की तस्वीर
06:17इस्तिमाल करने की अनुव
06:30सिर्फ हमारे नेता की तस्वीर और मककल यकम के जंडे का इस्तिमाल करके विजय ने फरवरी दोहजार चौबिस में अपनी
06:41राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्टी करणगम बनाने का एलांग कर दिया
06:53फॉरन इसका असर दिखना शुरू हो गया उनकी रैलियों में भारी भीड होती सोशल मेडिया पर समर्दकों की भरमार हो
07:00गए
07:00सिनेमा से सियासत में कदम रखने के बावजूद उन्हें प्रशंसकों का प्यार मिलता रहा
07:10हमें बदलाव चाहिए उन्हें मुख्यमंत्री बनना चाहिए तब ही वे अपनी सारी योजनाए लागू कर पाएंगे
07:19हम सभी के वोट टीवी के के लिए हैं मैं हमेशा से विजे का प्रशंसक रहा हूँ
07:28फिर भी जानकारों को शक है कि रैलियों में उमरने वाली भीड वोटों में तब्दील होगी या नहीं
07:40बिजे जहां भी गए उन्होंने भाशन दिये और रैलियां की वहां भारी भीड उमरी है
07:45अब खासका राजनती में प्रवेश्ट करने वाले एक फिल्म एस्टार के बाले में हमें जो महत्पुर्ण सवाल पूछा चाहिए वो
07:52यह है कि क्या भीड एक फिल्म एस्टार को देखने आई थी
07:56क्या वो भीड उन्हें परस्वंसक के रूप में देखने आई थी या चुनाओं में समर्थन करने के लिए
08:06विजय का अब तक का सियासी सफद उनकी फिल्मों की तरह उतार चड़ाओ भरा रहा है
08:17उनकी पार्टी टिवी के आरोप लगाती है कि उनके संबेलनों और रैलियों को सरकार से इजासत लेने में परिशानी होती
08:25है
08:27उधा डियेम के सरकार की दलील है कि चुनकी विजय की रैलियों में भारी पीड जुटती है लिहाजा कुछ सावधानिया
08:35बरतनी जरूरी है
08:45सितंबर दो हजार पचीज में करूर में टीवी के की रैली थी रैली में भारी भगदर मजी और एक्तालिस लोगों
08:52को जान से हाथ दोना पड़ा
08:59अगा येंगा पूरी माइन का लावा
09:11भगदर के बाद विजय के इस वीडियो की काफी आरोचना हुई कई लोगों ने इसे फिल्मी करार देकर खारिश कर
09:18दिया
09:29अभी नेता से नेता बने विजय पर उस भगदर के मामले में सीवी आई जान चल रही है
09:35उन्हें अब तक कूछताज के लिए दिल्ली के सीवी आई मुख्याले में तीन बार पेश होना पड़ा है
09:52विजय जैसे अभी नेता को एक बड़ा फाइदा है पैसा और भीड अपने आप इकठा हो जाती है
09:58हाला कि ये भीड जागरुक नहीं होती ज्यादा तर 16 से 30 साल के विवा इकठे होते हैं लड़कियां भी
10:04अगर आप उनकी रैली देखें
10:05तो महिलाएं पारिटी इसकार पहन कर उचलती हैं उन्हें खुद नहीं पता कि वे क्यों उचल रही हैं
10:12उनके बोल हर फब्द पर जब हमारी फीटी बचती है तो देश कांप उटता है
10:18मुख्यमंत्री हमारी फीटी फे डरते हैं लोग तालिया बजाते हैं लोगों में इस तरह की फ्रद्धा स्वाभाविक रूप से मौजूद
10:26होती है
10:31राजमीती में कदम रखने के साथ विजय अपनी तुलना दिवंगत MGR से करने लगे थे
10:36चाहे सिन्वा से राजमीती का सफर हो या फिर साजा प्रतिद्वंदी DMK का
10:50मैं ये बात पहले भी कह रहा था अब हर कोई कह रहा है
10:54लराई सिर्फ दो के बीच में है एक DMK और दूसरी TV के
10:58एक है शुद्ध ताकत वाली TV के दूसरी है दुष्ट ताकत वाली DMK
11:02अब चुनाओ की बात करते हैं क्या आप जनता से प्यार करने वाले विजय को चाहते हैं
11:07या जनता से नफरत करने वाले स्टालिन को यही इस चुनाओ का मुद्ध है
11:12इन दोनों के बीच कोई नहीं है
11:19अगर कोई पार्टी सिर्फ अपने नेता के दम पर 25 सिस्दी से ज्यादा वोट हाफिल कर लेती है
11:25तो इसका मतलब है कि वे एक बड़ी लहर है
11:28यहां कोई त्रिपच्छी या च्वतरसा मुकाबला नहीं है
11:31मुखे रूप से टीवी के प्रमुख पार्टी के रूप में उभरेगी
11:35डियम के सिर्फ कटबंदन के फाहरे ठिक पाएगी
11:38मैदान में कोई और पार्टी नहीं है
11:40जन्ता का यहीं मानना है
11:44फिर भी आलोचकों को शक है
11:47यह खासियत चुनावों में मददगार साबित होगी
11:58मेरा द्रडविश्वास है कि 2026 में तमिलनाडू के मददाता
12:031970 के दशक के मददाताओं से बहुत अलग है
12:06उस दशक में MGR का उदय हुआ था
12:08आज के मददाताओं में बड़ी संख्या में जन्रेशन जेड भी शामिल है
12:13मुझे लगता है कि उनकी प्रात्मिक्ताएं बिलकुल अलग है
12:16नतरत को लेकर उनका नजरिया आलग है
12:19यह 1970 के दशक की इस्तिती से बिलकुल अलग है
12:22जब MGR का उदय हुआ था
12:28टीवी के नेता आमूमन कई बाते कहते हैं
12:31मैं भी ऐसा ही कहता हूँ
12:34चिडिया चाहे कितनी भी उँची उड़ जाए
12:38वो कभी बाज नहीं बन सकती
12:41तमलाड की राजनेती में विजय की संभावित एहमियत को समझने के लिए
12:45राज की सियासी आबोहवा को परखना जरूरी है
12:49इसकी गहराई में ताकतवर जिला नेटवर्क है
12:52बूतिस्तर की समितियां है और मजबूत गटवंधन का समीकरण है
12:56तमलाड के मतदाताओं को राजवीती का अच्छा तजुर्बा है
13:00उन्होंने शक्सियत आधारित आंदोलनों को चड़ते और गिरते हुए देखा है
13:05बिजय एक बड़े सितारे हैं
13:12उनके प्रशंसक बहुत सारे हैं
13:14लेकिन मज़े संदे है कि ये प्रशंसक बोटों में तब्दिल होंगे
13:17वे अब भी पार्टी को एक बड़े प्रशंसक नमू की तरह चला रहे हैं
13:22कोई संगठन या धाचा नहीं है
13:23उन्हें बोट तो मिलेंगे लेकिन शाय सीटे ना मिले
13:27शेहरी शत्रों में उन्हें अच्छे बोट मिल सकते हैं
13:30लेकिन ग्रामी शत्रों में कम
13:32उन्हें उन युवाओं के वोट मिल सकते हैं
13:34जो सीधे राजनिती में भाग नहीं ले रहे
13:36लेकिन मुझे यकीन नहीं है
13:38कि ये वोट उन्हें सीट दिला पाएंगे
13:44सवाल पार्टी को लेकर भी है
13:46सवाल है कि टिवी के में फैसलों का आधार क्या होता है
13:51कि ये पर में कुछ आवरोडे इंट्राइक बना मुद आवरोडे वीऊ से कुछ विजयना कुछ नम अंड़स्टन मने का आधार
13:57है
13:57जब भी हम उनसे बात चित करते हैं तो उनके विचारों को और ज़्यादा समझ पाते हैं
14:02جب ہم کچھ کہتے ہیں
14:04تو دس لوگ بات کرنے لگتے ہیں
14:06ہم دس لوگوں کی بات سنتے ہیں
14:11جب وہ بینا کسی
14:12سفائی کے سہمت ہوتے ہیں
14:14تب ہی آگے بڑھتے ہیں
14:15جب وہ لاپروہی سے
14:17فیسلے کرنے والے نہیں ہیں
14:18اس لیے چاہے کسی چیچ کا نام کرنے کرنا ہو
14:21کسی کو تم الاٹ
14:23چھوڑنے کے لیے کہنا ہو
14:24جب بینا سوچے سمجھے
14:26کبھی کچھ نہیں کرتے
14:28پہلے ہی دن یہ کہنے کی کیا جرورت ہے
14:31वे फाहव के फाथ, जिम्मेंडारी और ताकत फाजह करते हैं
14:53मैदान तयार है
14:55उमिद्वारों का चैन साब्धानी पुर्बक किया गया है
14:58You can see him in the store, it will be one of the way, the first to the board will
15:03be one of the people's leaders in New York.
15:08From the depth of the city you will look at, and it will see them in the early garden.
15:19If the lens of TV and the generation is not, then the revenge of the people they are.
15:23Thank you very much.
15:53Thank you very much.
Comments

Recommended