00:00You hear Tamil Nadu, Tamil Nadu, I am hearing you, now I am straight and I am straight and I
00:05am a great partner, this is Tamil Nadu, this is Tamil Nadu.
00:24Tamil Nadu, there is always a social and political scene.
00:31Remember the film, of course, Eliot claims the policy.
00:35Some have worked hard and some some have held hand on it.
00:39Be sure to ask a question about theoun who will not be waterless.
00:45Is that the question of those who have been there?
00:52the
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01:22विजये ने सिनेमा जगत में पिता एस चंदरशेखर के निर्देशन में कदम रखा
01:27तमिल फिल्म उद्योग में उनके शुरुवाती साल अन्श्चितता भरे थे
01:32उन्हें लुक्स, स्क्रीन प्रेजन्स और यहां तक की अभिने में कमभीरता के अभाव को लेकर भारी आलोचनाओं का सामना करना
01:39पड़ा
01:45जब विजये ने सिनेमा में कदम रखा तो पहले वे बाल कलाकार के रूप में आए
01:50फिर उन्हें एक युवा हीरो के रूप में पेश किया गया
01:53उनके शरीर को लेकर काफी आलोचना हुई क्यूंकि वे दिखने में आकरशक नहीं थे
01:57वे दुबले पतले थे, थोड़े सावले थे, उनके चहरे के भाव उतने अच्छे नहीं थे
02:01जब उनके पिता ने उन्हें हीरो के रूप में पेश किया
02:04तो जाहिर है कि बहुत से लोगों ने सोचा ये हीरो कैसे बन सकते हैं
02:08ये स्टार कैसे बनेंगे
02:09मुझे लगता है कि उस समय खास कर तमिल मीडिया में उनके शरीर को लेकर काफी आलोचना हुई थी
02:15लेकिन विजय ने कभी हार नहीं मानी वे लगाता कोशिश करते रहें
02:22बुलंद होसले रंग लाने लगे धीरे धीरे लोगों की सोच बदलने लगी
02:26समय का पहिया आगे बढ़ा तो फिल्मों में ना सिर्फ उनकी पहचान लोकप्रिय एक्शन स्टार के रूप में बनी
02:33बल्कि वे एक ऐसे नायक के रूप में भी उभरे जिसके किरतारों में नैतिक संदेश होते थे
02:44उनकी कोई फिल्म फ्लाउप हो जाती तो वे उसका विस लेषन करते और अगली फिल्म में उसे सुधारते
02:50वे कभी निर्देशकों को नहीं छोड़ते थे बलकि उन्हें और मौके देते थे
02:56फिर थुपक्की और कथी जैसी फिल्में आई उनका ग्राफ लगातार उपर चड़ता गया
03:02स्वामाजिक रूप से वे एक जिम्मेदार सक्स बन गए
03:05एक ऐसा सक्स जो जनता के बारे में सोचता है दीरे दीरे वे जन आंदोलन के नेता बने
03:12फिर कल्यानकारी फंस्था के नेता और अंत में एक राजनेतिक नेता उन्होंने कई पड़ाओ पार किये और इस मुकाम तक
03:21पहुँचे हैं वे कोई साधारा राजनेतिक नेता नहीं हैं उनके पीछे भारी समर्थन है
03:30लोग का प्रियता बढ़ी तो उनकी फिल्मों के राजनेतिक संदेशों को नजर अंदाज करना मुश्किल हो गया
03:38हालांकि ये बात एक वर्थ को नागवार भी गुज़िए
03:48जब वे बेहत लोग प्रिय हो गए और उन्होंने अपनी फिल्मों में राजनीतिक संबाद बोलने शुरू किये
03:53तब ही से उन्हें तमिल्लाडू के नेताओं के साथ परिशानियों का सामना करना पड़ा
03:57खास कर पूर्व मुखमंतरी डॉक्टर जे जय ललीता के साथ
04:01इसी वज़ा से उन्हें कए परिशानिया जहिलनी पड़ी
04:04क्योंकि उनकी राजनीतिक महत्वक आंगशाय उनके संबादों और फिल्मों के शीर्शकों जैसे थलाईवा इससे जहलकने लगी थी
04:11लोगों को खास कर नेताओं को लगने लगा था कि वे राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं
04:16कोई ऐसा तरीका होना चाहिए जिससे उन्हें रोका जा सके
04:222010 के दशक तक विज़ा स्टार के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे
04:27एक ऐसा स्टार जिसकी ज़वी औरों से अलगी लोगों ने इसे बात में महसूस किया
04:36तमिलनाड ऐसे बदलाव भरे सफर देखने का आदी है
04:39स्टार से राजनेता तक इलाय तलपती से फार्टी नेता तक बाक्स आफिस के बार्शाह से चुनावी दावेदार तक का सफर
04:52उन्होंने कई अच्छी फिल्में बनाई हैं ताकतवर समाजिक संदेश वाली फिल्में बनाई हैं
04:57There were many films in the past 10 years, and there were a lot of films in the past, and
05:05there were a lot of films in the past.
05:07If you look at the most of these films in the past 30 years,
05:12it was not possible for 30 years in the past 30 years.
05:16It wasn't possible for a long time.
05:20He didn't do it.
05:512011 to 2021 that was a 10 years of silence 2011-2021 to 10 years ago a
06:00कि खामोश करांती चलती रही 2021 में उन्होंने मककल यकम बैनर के तले अस्थानिय निकाय चुनाव लड़ा हमारे निता ने
06:08कोई परचार नहीं किया चुनाव लड़ने बाले हर उमिद्वार को सिर्फ मककल यकम का जंडा और हमारे नेता की तस्वीर
06:17इस्तिमाल करने की अनुव
06:30सिर्फ हमारे नेता की तस्वीर और मककल यकम के जंडे का इस्तिमाल करके विजय ने फरवरी दोहजार चौबिस में अपनी
06:41राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्टी करणगम बनाने का एलांग कर दिया
06:53फॉरन इसका असर दिखना शुरू हो गया उनकी रैलियों में भारी भीड होती सोशल मेडिया पर समर्दकों की भरमार हो
07:00गए
07:00सिनेमा से सियासत में कदम रखने के बावजूद उन्हें प्रशंसकों का प्यार मिलता रहा
07:10हमें बदलाव चाहिए उन्हें मुख्यमंत्री बनना चाहिए तब ही वे अपनी सारी योजनाए लागू कर पाएंगे
07:19हम सभी के वोट टीवी के के लिए हैं मैं हमेशा से विजे का प्रशंसक रहा हूँ
07:28फिर भी जानकारों को शक है कि रैलियों में उमरने वाली भीड वोटों में तब्दील होगी या नहीं
07:40बिजे जहां भी गए उन्होंने भाशन दिये और रैलियां की वहां भारी भीड उमरी है
07:45अब खासका राजनती में प्रवेश्ट करने वाले एक फिल्म एस्टार के बाले में हमें जो महत्पुर्ण सवाल पूछा चाहिए वो
07:52यह है कि क्या भीड एक फिल्म एस्टार को देखने आई थी
07:56क्या वो भीड उन्हें परस्वंसक के रूप में देखने आई थी या चुनाओं में समर्थन करने के लिए
08:06विजय का अब तक का सियासी सफद उनकी फिल्मों की तरह उतार चड़ाओ भरा रहा है
08:17उनकी पार्टी टिवी के आरोप लगाती है कि उनके संबेलनों और रैलियों को सरकार से इजासत लेने में परिशानी होती
08:25है
08:27उधा डियेम के सरकार की दलील है कि चुनकी विजय की रैलियों में भारी पीड जुटती है लिहाजा कुछ सावधानिया
08:35बरतनी जरूरी है
08:45सितंबर दो हजार पचीज में करूर में टीवी के की रैली थी रैली में भारी भगदर मजी और एक्तालिस लोगों
08:52को जान से हाथ दोना पड़ा
08:59अगा येंगा पूरी माइन का लावा
09:11भगदर के बाद विजय के इस वीडियो की काफी आरोचना हुई कई लोगों ने इसे फिल्मी करार देकर खारिश कर
09:18दिया
09:29अभी नेता से नेता बने विजय पर उस भगदर के मामले में सीवी आई जान चल रही है
09:35उन्हें अब तक कूछताज के लिए दिल्ली के सीवी आई मुख्याले में तीन बार पेश होना पड़ा है
09:52विजय जैसे अभी नेता को एक बड़ा फाइदा है पैसा और भीड अपने आप इकठा हो जाती है
09:58हाला कि ये भीड जागरुक नहीं होती ज्यादा तर 16 से 30 साल के विवा इकठे होते हैं लड़कियां भी
10:04अगर आप उनकी रैली देखें
10:05तो महिलाएं पारिटी इसकार पहन कर उचलती हैं उन्हें खुद नहीं पता कि वे क्यों उचल रही हैं
10:12उनके बोल हर फब्द पर जब हमारी फीटी बचती है तो देश कांप उटता है
10:18मुख्यमंत्री हमारी फीटी फे डरते हैं लोग तालिया बजाते हैं लोगों में इस तरह की फ्रद्धा स्वाभाविक रूप से मौजूद
10:26होती है
10:31राजमीती में कदम रखने के साथ विजय अपनी तुलना दिवंगत MGR से करने लगे थे
10:36चाहे सिन्वा से राजमीती का सफर हो या फिर साजा प्रतिद्वंदी DMK का
10:50मैं ये बात पहले भी कह रहा था अब हर कोई कह रहा है
10:54लराई सिर्फ दो के बीच में है एक DMK और दूसरी TV के
10:58एक है शुद्ध ताकत वाली TV के दूसरी है दुष्ट ताकत वाली DMK
11:02अब चुनाओ की बात करते हैं क्या आप जनता से प्यार करने वाले विजय को चाहते हैं
11:07या जनता से नफरत करने वाले स्टालिन को यही इस चुनाओ का मुद्ध है
11:12इन दोनों के बीच कोई नहीं है
11:19अगर कोई पार्टी सिर्फ अपने नेता के दम पर 25 सिस्दी से ज्यादा वोट हाफिल कर लेती है
11:25तो इसका मतलब है कि वे एक बड़ी लहर है
11:28यहां कोई त्रिपच्छी या च्वतरसा मुकाबला नहीं है
11:31मुखे रूप से टीवी के प्रमुख पार्टी के रूप में उभरेगी
11:35डियम के सिर्फ कटबंदन के फाहरे ठिक पाएगी
11:38मैदान में कोई और पार्टी नहीं है
11:40जन्ता का यहीं मानना है
11:44फिर भी आलोचकों को शक है
11:47यह खासियत चुनावों में मददगार साबित होगी
11:58मेरा द्रडविश्वास है कि 2026 में तमिलनाडू के मददाता
12:031970 के दशक के मददाताओं से बहुत अलग है
12:06उस दशक में MGR का उदय हुआ था
12:08आज के मददाताओं में बड़ी संख्या में जन्रेशन जेड भी शामिल है
12:13मुझे लगता है कि उनकी प्रात्मिक्ताएं बिलकुल अलग है
12:16नतरत को लेकर उनका नजरिया आलग है
12:19यह 1970 के दशक की इस्तिती से बिलकुल अलग है
12:22जब MGR का उदय हुआ था
12:28टीवी के नेता आमूमन कई बाते कहते हैं
12:31मैं भी ऐसा ही कहता हूँ
12:34चिडिया चाहे कितनी भी उँची उड़ जाए
12:38वो कभी बाज नहीं बन सकती
12:41तमलाड की राजनेती में विजय की संभावित एहमियत को समझने के लिए
12:45राज की सियासी आबोहवा को परखना जरूरी है
12:49इसकी गहराई में ताकतवर जिला नेटवर्क है
12:52बूतिस्तर की समितियां है और मजबूत गटवंधन का समीकरण है
12:56तमलाड के मतदाताओं को राजवीती का अच्छा तजुर्बा है
13:00उन्होंने शक्सियत आधारित आंदोलनों को चड़ते और गिरते हुए देखा है
13:05बिजय एक बड़े सितारे हैं
13:12उनके प्रशंसक बहुत सारे हैं
13:14लेकिन मज़े संदे है कि ये प्रशंसक बोटों में तब्दिल होंगे
13:17वे अब भी पार्टी को एक बड़े प्रशंसक नमू की तरह चला रहे हैं
13:22कोई संगठन या धाचा नहीं है
13:23उन्हें बोट तो मिलेंगे लेकिन शाय सीटे ना मिले
13:27शेहरी शत्रों में उन्हें अच्छे बोट मिल सकते हैं
13:30लेकिन ग्रामी शत्रों में कम
13:32उन्हें उन युवाओं के वोट मिल सकते हैं
13:34जो सीधे राजनिती में भाग नहीं ले रहे
13:36लेकिन मुझे यकीन नहीं है
13:38कि ये वोट उन्हें सीट दिला पाएंगे
13:44सवाल पार्टी को लेकर भी है
13:46सवाल है कि टिवी के में फैसलों का आधार क्या होता है
13:51कि ये पर में कुछ आवरोडे इंट्राइक बना मुद आवरोडे वीऊ से कुछ विजयना कुछ नम अंड़स्टन मने का आधार
13:57है
13:57जब भी हम उनसे बात चित करते हैं तो उनके विचारों को और ज़्यादा समझ पाते हैं
14:02جب ہم کچھ کہتے ہیں
14:04تو دس لوگ بات کرنے لگتے ہیں
14:06ہم دس لوگوں کی بات سنتے ہیں
14:11جب وہ بینا کسی
14:12سفائی کے سہمت ہوتے ہیں
14:14تب ہی آگے بڑھتے ہیں
14:15جب وہ لاپروہی سے
14:17فیسلے کرنے والے نہیں ہیں
14:18اس لیے چاہے کسی چیچ کا نام کرنے کرنا ہو
14:21کسی کو تم الاٹ
14:23چھوڑنے کے لیے کہنا ہو
14:24جب بینا سوچے سمجھے
14:26کبھی کچھ نہیں کرتے
14:28پہلے ہی دن یہ کہنے کی کیا جرورت ہے
14:31वे फाहव के फाथ, जिम्मेंडारी और ताकत फाजह करते हैं
14:53मैदान तयार है
14:55उमिद्वारों का चैन साब्धानी पुर्बक किया गया है
14:58You can see him in the store, it will be one of the way, the first to the board will
15:03be one of the people's leaders in New York.
15:08From the depth of the city you will look at, and it will see them in the early garden.
15:19If the lens of TV and the generation is not, then the revenge of the people they are.
15:23Thank you very much.
15:53Thank you very much.
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