00:03इदुल फितर इस साल भारत में 21 मार्श 2026 दिन श्रनिवार को मनाय जा रहा है
00:09एद के दिन अपने महरूमीन को याद करना और उनके लिए सवाब पहुचाना एक बहुत ही नेक अमल है
00:16इसे इसाले सवाब कहते हैं
00:18आईए स्टेब बाइ स्टेब तरीका जानते हैं कि एद के दिन किसके नाम से फातिहा होता है और इसे पढ़ने
00:25का सही तरीका क्या है
00:26फातिहा पढ़ते समय सवाब का तोफ़ा इन पाक हस्ति और अपनों की रू को पेश किया जाता है
00:33नबी करीम हजरत मुहम्मद सबसे पहले सवाब हुजूर की बारगाश में पेश करें
00:38फिर अलह बैत और सहाबा एक करीम नबी के परिवार और साथियों के नाम
00:44फिर तमाव अंबिया और आलिया अल्ला जैसे हजरत अब्दुलकादीर जिलानी और ख्वाजा गरीब नवास
00:53फिर अपने महरुमीन यानि की वो रिष्टिदार परिवार के वो लोग जिनका इस्तकबाल हो चुका है
01:00अब पूरी उम्मत के मुसलिम मर्द और औरतों के नाम
01:03फातिहा का स्टेप बाई स्टेप तरीका है
01:06वजू करें पाक साफ जगा पर बैठें और सामने कोई मीथी चीज रख लें
01:10खाने को ढखकर न रखें ढखकन हटा दें
01:13सबसे पहले तीन बार दरूट शरीफ पढ़ें
01:16फिर एक बार सुरह काफी रून पढ़ें
01:18फिर तीन बार सुरह इखलास पढ़ें
01:21एक एक बार सुरह फलक और सुरह नास पढ़ना चाहिए
01:25एक बार सुरह फातिह पढ़ें
01:28फिर एक बार पहली पांच आयतें सुर्व बक्रह की पढ़ें
01:34जब पढ़ना मुकमल हो जाए तो हाथ उठा कर इस तरह दुआ करें
01:38या अल्ला मैंने जो कुछ भी कुरान की आयते और दरूट शरीफ पढ़ा है
01:42इसमें अगर कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ फर्माएं
01:45और आप इसका सवाव अपनी बारगाह में कबूल फर्माएं
01:48इसका सवाव सबसे पहले अपने प्यारे नभी हजरत मुहम्मद की रूख को नजर करता हूँ
01:54कभूल फर्मा उनके सदके तमाम सहावा ओलिया और बुजर्गाने दीन की रूख को सवाव पेश करता हूँ
02:02और खासतोर पर इसका सवाव मेरे तमाम मौमिनों की रूख को अता फर्माएं
02:07उनकी कबर को नूर से भर दे और उन्हें जन्नत में आला मुकाम अता फर्माएं
02:12आमीन
02:12ध्यान रहे ईद की नमाज के बाद घरा कर फातिहा दिलाना सबसे बहतर होता है
02:17फातिहा के लिए किसी मौलाना का होना जरूरी नहीं है
02:21आप खुद भी घर में से आसानी से पढ़ सकते है
02:23सबाब पहुचाने का एक तरीका गरीबों को खाना खिलाना या पैसे देना भी है
02:28फिलहाल इस वीडियो में इतना ही
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