00:00मैं और निटिश कुमार जेपी मॉमेंट में 74 में मिले थी उसके बाद फिर आपातकार ला गया एमर्जेंसी में जेल
00:06चले गए
00:09लालू से लगने में अकेले ना समता पार्टी शक्षम थी ना सरद यादव का जनता दल था
00:15तो मैंने और दिवे सिंग मिलकर के जनता दर यू बनवाने में इन इताओं की मदद की कि तब ही
00:21हम दो जार चार पाँच में लालू जी को हराने में कामियाब
00:25विहार से बाहर पार्टी निकल नहीं पाए और नितिश कुमार जी 75 पलस हो गए हैं स्वास्त भी कई बार
00:32हम लों का नहीं उतरा साथ देता है
00:34क्या नितिश बदल गया है क्या निए वो चलने पाते हैं कई तरह से गैर कांग्रेसी गैर बीजेपी जो विपक्ष
00:41है उसके सबसमड़ी तरादसी है उसकी उम्र बहुत कम हो
00:50यह दोर बदल गया है मैंने नितिश कुमार जी की लिए भारत रतन की मांग थी फिर छोड़ की क्यों
00:56जा रहे हैं मैंने सदस्ता रियू नहीं कराई इसका मतलब यह हुआ ना विहार में मेरी घुमी का नहीं बची
01:02नितिश कुमार जी को कई साल होगे हैं बिहार से बार गए
01:05इसलिए मैं ऐसे दल में शामिल होना चाहता हूँ जिसके जरिये मैं पॉलिटिकली एक्टिव रहे हैं मैं लोग दल का
01:11भी संस्थापक सतस्यों में से हुने था नहीं सतस्यों मैं च्छे लोग सभा के चुना हूँ पस्ची मुपी से लड़
01:18चुका हूँ चिंतन के साथ विर
01:34हमें बीजेपी से उतना ही रिष्टा है जितना चुनावी ताजमेरिका होता है नेपाल का भी आपका है इसको बयान आये
01:44और ये कई- लोग उसको कहते हैं कि उनकी मानसी स्तेती ठीक नहीं थी वह कहें लगता है कि
01:49वहीं नितिश का बयान था या ता या क्या था?
01:51जो कुछ उनके बयानों को लेकर के जो कमेंट आये हैं, उसको मैं उचित भी नहीं मानता, चुकि यो स्वास
02:00संबंधी कमेंट हैं, उनका खाना इकना नीरस है, कि मैं सुसील मोदी से कहता हूं, कि ब्रिंदावन की बिध्वाएं इक
02:08खाना खाती है, जो नितीश कुमान ने मु
02:27समाजबाद पार्टी को क्यों छोड़ देते हैं, मुलैम सिंग जिकर किया, अब आधन स्विकार करिए कुंदन सिंग का, आज मेरे
02:34वन इंडिया के इस खास पोड़कास्ट में विशेस महमान है, बीते दो दसक से तो मैं आपसे इंट्राक कर रहा
02:40हूं, और उससे पहले भी,
02:42और मैं आप क्रोनलोजी देख रहा था, हलाकि पूछने की जरूरत नहीं थी, तो मुझे लगा कि जब से हम
02:48लोग पैदा नहीं हुए थी, यह मुझे बोलना जरूर इसलिए भी था, कि समाजबादी चिंतक, जेडियू की बात हो, समाजबाद
02:57की बात हो, नेहरू की बात, कि
03:01जेपी की बात हो, कोई इस पेसल डॉक्यमेंटरी हो, तो चैनलों से बिस्स आगरा आता था, कि केसी त्यागी जी
03:06का खास इंट्रिवी होना चाहिए, लेकिन आज इस मुकाम पे आ गए, कि हम एक नया पढ़ाओ की शुरूआत या
03:12नए शुरूआत की आप शुरूआत कर रह
03:31उसके बाद 1977 में जो जन्ता पार्टी आती है, तो सरद्याद हो उसके अध्धक्षें और हम दोनों उसके पदादिकारी हैं
03:38राश्टी इस तरकी, फिर एक इंटरनेशनल यूथ फेस्टिवल होता है क्यूबा में 78 में, मेरी मितरता की सुरूआत वहां से
03:46बढ़ती है, जब ह
03:50अब उसमें दस बारे बिहारी नेता और भी हैं, लेकिन आई फाउंड हीम दा मोस्ट डिसेंट कल्चर डं सिवलाइज अमॉंग
03:58अलग था, मतलब मैं भी विहार से हूँ, मतलब इमिर आपत्ती तो नहीं कहूंगा, लेकिन जो आपने कहा कि दस
04:04बारे के बीच में अलग क्या
04:18हैं, उन सबसे भी नितिश्कमार दूर था, और सुबह और शाम को जब भी या लंच पे भी हम बैठते
04:24थे, तो उसको में हर वक्त उलगावा पाता था, अब ये कैसे होगा, अब ये कैसे होगा, यानि किताबों में
04:33जो पढ़ा, समाजवात के बारे में, धर्म निप्रिक्�
04:48बहुत साधे कपड़े, कोई लपेड लाग लपेट नहीं, बहुती समन वैबादी, बहुती चिंतक, बहुती सवालों पर बहस करने वाला, इसलिए
04:59हमारी दोस्ती हो भी गिए, परवान इसी चड़ी, कि अब तक, आज तक, आज तक, आज में हम फ्रेंड ने,
05:08और उनके दल
05:17करावा बार, जौर्ज साब ने, सरद्यादव ने, नितिश्कवान ने मुझको और दिगविजे सिंग को, बांदा के भूत्प विदेश राजमी के
05:25रहें, उनको एक काम सो पा था, चुके लालू से लगने में अकेले ना समतापाटी शक्षम थी, ना सरद्यादव का
05:34जनता
05:35तो मैंने और दिगविजे सिंगी मिलकर के जनता दल यू बनवाने में इन नेताओं की मदद की, और साधनिक तोर
05:43पर उस दिन मंच से, नितिश्कवान ने मेरी बुरी बुरी प्रसंसा की, कि इसको और आगे बढ़ा हो, तब ही
05:49हम दोजार चार पांच में लालू जी को हरान
06:06कि बिहार से बाहर पार्टी निकल नहीं पा रही थी, चुनोतियों की वज़े से समझो, चुनाओं की वज़े समझो, और
06:15नितिश्कुमार जी 75 प्रस हो गए हैं, स्वास्त भी कई बार हम लोगों का नहीं उत्रह साथ देता है, और
06:23जो जो जो जो जोर्ज के या सरद यादर
06:25कुछ सत्य नितिश्कुमार के भी कारिकाल में पुराने में, और राज्यों में भी इसका समनवे था, एंडिये का, वो भी
06:34नहीं रहा कहीं पर भी, तो पिछले दो तीन वरसों से, मैं भी अपने आपको कुछ ऐसा महसूस करता था,
06:41जैसे कोई काम का, मैं नहीं रहा हूँ, म
06:55पिर एक चीज और थी, नितिश्कुमार ने मुझे एक दिन फोन किया, ये कब की बात है, ये बात है,
07:01दो हजार तेरे के, कि पठना आ जाई, मैंने क्या है, कि मैंने आपको राजसभा के लिए नियुक्त किया, मैं
07:08कोई पर्स्वेशन नहीं, कोई पैर भी नहीं, तो वो भी
07:13कि उसका वो जो मॉमेंट था, वो मेरे दिमाग में रहता था, और मेरे सकीरियता बढ़ा यार आप तो उस
07:20समय करते थे, नहीं हमने देखा अवीर, हम लोग भी उस वक्त पर्लिमेंट की रिपोर्टिंग स्राट किये थे, और कई
07:26डिवेट्स में भी और ये देखते थे, ले
07:39समाजबात के दूसरे निताओं के पास ले जाना है, लेकिन क्या नितीश बदल गए हैं, क्या, या परिस्तिया बदल गई
07:46हैं, नितीश तो जसकेता से, थोड़ा स्वास्त में उनके में फर्क पड़ा है, और उमर का भी उन पर है,
07:54बाकि नितीश कुमार का कुछ नहीं बद
08:08उन दो हजार सोले में, मेरे लोधी स्टेट का जो मेरा आवास था, उसमें अज चोधरी अजीस सिंग, जैन चोधरी,
08:18मैं और निकिश कुमार, चारो बैठे, और लोगदल और जनता दल यू को मिला करके एक पार्टी बना जाएं, इस
08:26पर एगरिमेंट हो गये थे, तो विच
08:30जलने पाते हैं कही तरह से, गैर कांग्रेसी, गैर बीजेपी जो विपक्ष है, उसके सबसे बड़ी तरादसी है, उसकी उमर
08:37बहुत कम होती है, एमर्जिंसी में जेल से निकल करके आएं, तो हम लोगों की जनता पार्टी बन गई, दो
08:45साल नीचे गई, लेकिन आप पांच
09:00बड़ा कारक्रम हो रहा हो पार्टी का एनुवल फंक्शन हो रहा तो वहां, हमने देखा कि जब दूसरी बार वो
09:05जीत के आए, तो कैसे आप लोगों ने जो उनको पार्टी को रास्टे धक्ष बनाया, आप ही प्रस्तावक थे, खाल
09:11में ये भी दिन देखने को मिला कि कैसी
09:13त्यागी के बियानों से कह रही है, पार्टी एक्तिफाक नहीं रखती, ये दोर बदल गया है, मैंने नितिश कुमार जी
09:20के लिए भारत रतन की मांग थी, तो मैं मितरनी देश के एक सबसे तिजस्वी निता के लिए, जिसने सुची
09:31ताकि इतने कीरतिमान कायम किये हूँ, �
09:33जिस पर उंगली टेकने के लिए भी जगे ना हो, जो कबीर के इस दोए पर खरा खरा उतरा हो,
09:41भीनी भीनी जीनी चुनरिया, दास कबीर जतन से ओडी, जसकी तस रखतीनी चुनरिया, ये है नितिश कुमार, उसके लिए मैंने
09:50भारत रतन की मांग की, ये हैं या थे, हैं, क
09:54कुछ दाग तो अब पर लग रहे हैं, बंशवाद का दाग लग रहा है, ने उस पर नहीं लग रहा
09:59है, नितिश कुमार ने अपने मुक्पंतरी काल में, किसी पद पर अपने किसी परिवार जिनको बठाया, उसका नाम बताईए, ये
10:09तो तैया है, ये पहले मेरे सवाल का ज
10:24नहीं कर रहे हैं. उसका विरोध की समरथम भी तो नहीं लेते हैं, उन In Iave, अगर उने के ने
10:33पर्वार जाहन से फिफार जिनको बता सकते हैं. पिछले 21 साल में ने परिवार जनका कोई आदमी उनका दफतर में
10:43नहीं आया है,
10:43उसकी प्रसंदा कीजिए। ना, आज भी नहीं है कि क्या असपास कुछ लोगों से घिर गया है।
10:52नितिश कुमार का कोई वक्तब नहीं है, पार्टी के कुछनेता अगर ऐसा कर रहे हैं, वह ऐसा मैसूस कर रहे
10:59हैं, तो हम क्यों विरोड़ को दिख रहा है।
11:01वह कल को अब रातसबाब जीत गया है, अब दिल्ली आ जाएंगे और हमको लग रहे हैं, तो सबसे ज़्याद
11:07हो तो आपको खुशी होना चाहिए कि कब से कब..
11:09मैं हूँ, मैं प्रसंद हूँ, फिर छोड़ की क्यो जा रहे हैं।
11:17मैंने अपने प्रारेमिक संबोदिन में का, बिहार में मेरी भूमी का नहीं बची।
11:22पार्टी बिहार से बाहर नहीं सक्री है। कोई membership campaign बिहार से बाहर नहीं है।
11:28नितिश कुमार जी को कई साल हो गए हैं बिहार से बाहर गए।
11:31तो मैं अपने बचा हुआ मेरा समय है, उसमें मैं अपने आपको सक्री बनाना चाहता हूं।
11:35इसलिए मैं ऐसे दल में शामिल होना चाहता हूं।
11:39जिसके जरिए मैं पॉलिटिकली एक्टिव है।
11:41कहां जिससे शुरुआत की थी आपने चौदरी चरंद सिंग, लोगदल आप उस इलाके साथ हैं।
11:46मैं 9 अगस्त 1974 को फिर मैं रिपीट कर रहा हूं।
11:50मैं लोगदल का भी संस्थाबक सदस्टों में से हूने था नहीं सदस्टों।
11:54चौदरी चरंद सिंग जो है राष्टिय विकल्प की तलास में थे।
11:58और उन्होंने 9 अगस्त 1974 को हिंदू मास हवा भानवजी सिर्ला उस कहते हूं।
12:05मंदिर कहते हूं।
12:07महां पर कार्य करम किया था।
12:08चौदरी साह उसके अध्दक्ष बने।
12:10बीजु पठने उपाथदक्ष बने।
12:12पीलु मोधी जनल सेक्टी बने।
12:14राज नायान, करपूरी ठाकुर, देवी लाल, कुंबा राम आरिये, चांद राम डोट डोट डोट डोट यह उसमें रहे।
12:21उसका मैं भी एक कार्य करता था।
12:23तो फिर तीन सो सिक्स्टी डिग्री लॉट के फिर आप।
12:27उसमें मैं कुब भेद ही नहीं मानता हूं।
12:30चरण सिंग जी के लोग दल से दोनों बिहार के जनता दल निकले।
12:34आर जीडी कहां सा ही है।
12:36लालू पहली बार कहां से MLMP बना।
12:38नितिश कुमार, राम विलास पासवान, जीतन नाम मा जी, मुलाहिम सिंग यादव, अखिलेस यादव, चोधरी जैंत, देविदाज जी के तीनो
12:48संग्ठन, नमीन पठनायक की पार्टी, किस-किस के नाम गिनों।
12:53लूंगल से नकलें, तो वैचारिक तोर पर इनमें कोई टकराट है, मैं ऐसा नहीं मानता है।
13:01किस भूमिगा में हम आपको देख रहे हैं, क्योंकि आने वाले वक्त में क्या आप सक्रिय राजनीती में, क्योंकि अगली
13:09साल 27 के फरवरी में चुनाओ है।
13:13जो NDA of UP है, उसके विधान सभा चुनाओं में भी मैं अपनी सक्रिय बढ़ाने चाहता हूं।
13:21क्योंकि कोई बड़ा गाह, कोई कस्वा, कोई जिला ऐसा नहीं है।
13:25जहां चोदे चरण सिंही के साथ, फिर बाद मुलेहम सिंही के साथ, जो मैं ने वहां राजनी भी तोरत पर
13:33काम ना किया हूं।
13:34मैं छे लोग सभा के चुनाओं।
13:38मैं लोगदल से लड़ा, मैं समाजवादी पार्टी से लड़ा, मैं NDA से लड़ा।
13:44मैं वही तो पूछ रहा हूँ कि क्या है मतलतो फिर आप सीधे डारेक्ट एंडिये के जो मुख्य दल है
13:51बीजेपी को क्यों नहीं जाएं ग्रूप हमेसा बीटीम है मैं देखा हूँ कि आप कॉंग्रेस में कभी नहीं रहे आप
13:57बीजेपी में नहीं रहे हमेसा जो आसपास इर
14:15सामाजिक न्याय समता समानता वंचितों की हिस्सेदारी किसानों को फसल की उचित्दाम और डेमोक्रेसी और सैक्रिसम यह एक धांचा है
14:25मैं इसके बाहर नहीं जाता है इन उमुदों पर क्या बीजेपी खड़ी नहीं उतरती है हमें बीजेपी से उतना ही
14:29रिष्टा है जि
14:41साथ नहीं रहा और जनसंग के बीजेपी के नेता कभी कोंग्रेस के साथ नहीं रहे एक दूर तो ऐसा था
14:46कमरिस पार्टी के नेता और जनसंग के नेता कोंग्रेस को हराने के लिए खट्टे होते थे वो दूर और मैं
14:52भी नॉन कोंग्रेसिजम की प्रोडेक्ट हैं इसलिए
14:57स्वाबाय की तोर पर जनसंग या फिर बीजीपी हमारी बित्र पार्टी बन जाती है आपात काल में हम कोई कांग्रेस
15:03यूगे साथ थे क्या लेकिन कई मोकों पे तो आप उनीं कांग्रेस के समर्थन के लिए नितीज जी के साथ
15:09बैठके हमने देखा था कि इस वर लास्ट वा
15:24आपने छेड़ दी जब नितीश कुमार जी भारत जंता पार्टी से अलग हो गए तो साथियों की इच्छा थी कि
15:31राष्टी इस तर पर कोई विकत बनी एक किस के चुनाओ के बारे तो नितीश कुमार जी ने उसमें प्रियास
15:38किये चोधरी डेविलाज जी की पुनितितिति
15:41हिसार में स्वितारम यचोवरी डी राजा, नितीश कुमार, मैं, तेजस्वियादव, ओम परकास चोटाला, फारुक अब्दुल्ला और परकास सिंग्बाद, काफी बड़ा
15:58जमावड़ा वहां पर इकट्टा हुआ था, तो नितीश कुमार जी ने वहां भाषन दिया, अन
16:11का विकल्प ने बन सकता, और यह सही भी है, कोई भी एंटी, बीजेपी, फ्रंट फेकर कोई बनाने चाहता है,
16:17हम नों उसके आज हिससे नहीं है, लेकिन नहीं बन सकता, और उन्होंने खास तोर से बादल साब से रोंपरकास
16:24चुटाला सका, फिर हम दिल लिया है, सोनिया ज
16:39होती है, आपको याद होगा, हमने नितिश्कमार जी के लिए किसी पद की इच्छा नहीं करी, वो कोडिनेट करने का
16:44काम की सुरुवात किती, इसलिए उनको कनमिल बनाया जाए, यह हम लोग की निसंदे इच्छा थी, फिर बंगलूरु में मिले,
16:51फिर मुंबई में मिले, आ
17:08बड़ी पार्टी के बड़े निता को इस तरह का सारदिक तोर पर स्टेटमेंट नहीं देना चीए, और लगा कि अगर
17:14एकता होनी है, तो कॉंग्रेस के ही नित्रुत में हो, ऐसा उनका मन था, और वो भी धीले-धीले तरीके
17:22से, तो मन हम सब लोग के खराब हुए, और हम फ
17:36कि व मतलब घाजियावाद के साइट से आप आते हैं, गाउ मुझे नहीं पता आपका, खेतों में देखते हैं, विदेते
17:45हैं, इंतलेक्शोल सरकल में भी देखते हैं, और कभी कवार आप जो प्रृदानमंत्री जी जिकर करते हैं, खान मार्केट में
17:54भी देखे जाते हैं, �
18:02कानाट प्लेस का इंद्रा गांदी ने अमर्जनसी में बंद कर दिया, जहां चाराने की कॉफी पी करके, हम दिन भर
18:09कांग्रेस की सरकार के नीतियों के आलोचना के करते हैं, हम जेल से निकल करके आए, तो उसी को धुस्त
18:15कर दिया, अब हाँ कॉफी पीने कभी चले जाते हैं,
18:18एक, दूसरा आप क्या पूछ रहते हैं? कि यहीं मतब मेरा इशारह यह था कि अब सारे क्लास में आपने
18:25आ लिए जगह कैसे हैं? मैं पड़ालिखा आदमी हूँ, और मैं जो सेक्वलिजम पर, सोसलिजम पर, जो डिवेट होती हैं,
18:33इंटिलेक्शल्स की, वकीलों की, बु�
18:50परचंड, आपको पता है, बाबुराम भट रही, उनके साथ अभी मेरा इंट्रेक्शन था, आज कल उनकी फिर फोन आया है,
18:58अगले मैंने हम फिर मिल रहे हैं, तो मेरे कनेक्शन्स हैं, यह मैं आए सोसलिस्ट इंटरनेशनल, यही तो कहा जाता
19:07है कि केसी त्यागी निदि�
19:11में एक वैसे एजेंट है, कि वो एंडिये में कोई बात कहनी हो, या बीजेपी के दूसरे घड़े में बात
19:17करनी हो, या फिर कॉंग्रिस में करनी हो, या फिर क्या था, मतलब यह कैसे क्या, मेरा उनकी अंडरस्टेंडिंग भी
19:23थी और वो मुझ को इस काबिल मानते थे, कि म
19:27मैं उनके व्यूज जो एक्सप्रेस करूं, जब उनको अलग होना था लालू से, तो कमान मेरे हाथ में थी, मेरे
19:34घर पे ही प्रेस कॉंफेंस भी थी, जिसमें हमने का, पहली बार मैंने कहा था, कि वी आर मोर कमफर्टिविल
19:39एंडी, तो क्या चल कर रहा हो, तो मैं जानना च
19:56पूरे, खासकर आप जो लोग जिन्दा बच गए, शरद यादों के घर में हम लोग देखा करते थे, जॉर्ज फन
20:03आडीस के साथ आप देखा करते थे, उनकी रिस्तों चलो पुरानी बात होगी, चुकि अब कंटेंपरेरी है नितिश कुमार, आपने
20:09कहा कि क्यूबा में प
20:26कि वही नितिश का बयान था या क्या था? ने, कुछ ऐस्वस्ता उनकी है, और उसको तो डॉक्टर्स बहतर बताएंगे,
20:35लेकि उस पर में स्रिनी चर्चा करता कि वह दुख दद्या है, 75 प्लस हो हो चुक है, मैं भी
20:41हो चुका हूँ, और जो ऐस्वस्ता है, वह उम्र की भी
20:46होती है, इसलिए वह दुर्भाग पुन चैप्टर है, जो कुछ उनकी बयानों को लेकर की या उनको लेकर की जो
20:54कमेंट आये हैं, उसको मैं उचित भी नहीं मानता, चुकि वह स्वासमंदी कमेंट हैं, अच्छा है हम इस विशिक वजाए
21:03अनविशो पे चर्चा करता हैं।
21:04लेकिन लगता है कि जो दोस्ती आपने निभाई या उनके लिए आप डेली में कनेक्ट के रिसोर्स के तौर पे
21:11आप थे, तमाम रिष्टों के अलावी बात करें, उन्होंने रिटन दिया आपको, ये मन में मलाल रहता है क्या, क्या
21:16हाल के दिनों मन में देखा, बहुत सारे
21:18लोग राजसभा आए या बहुत सारे दूसरे पदों पर, ये किसी द्यागी को मलाल है, ने मुझे कोई मलाल नहीं
21:24है, कोई शुक्वाई नहीं है, मैं तो, I am thankful to him, कि एक दिन में मेरट जा रहा था
21:28रास्ते में, उनका फोन आता है, कि पठना आ जाईए, मैं पठना पोचता
21:45जो निक्षिकमार ने मुझे को खिलाया है, फिर वही जोक सुसील मोधी निक्षिकमार से शेयर करते हैं, और निक्षिकमार इसको
21:55भी अपनी प्रसंसा का हिस्सा मानते है, कि व्रंदावन के विद्वाव का खाना मेरा खाना इक जैसा है, लिकिन जब
22:01अगली बार गय होंगे
22:02आप अक्सर दिखा करते थी कि पटना जाते थे तो उनके आवास पर आपकी मुलाकात होती है, तब खाने की
22:07गुडवत्ता में कोई चेंज हुआ है, हाँ, चेंज हुआ, घिया, मुंकी दाल का पानी, बगैर चुपड़ी हुई रोटी है, हमारे
22:17वेस्टिन यूपी का खाना
22:19हमारे खाने काफी रीच है, घी चाहिए, मकी की रोटी चाहिए, दही चाहिए, वो तो कई बार हम लोग भी
22:27स्वभागे मिल जाता हम लोगों को, जब आपके खासकर उधर से आते, एक और सवाल मैं यह कहूँगा कि अब
22:33अगली आप कहां देखते हैं आपको, एक लास सवाल
22:37से खतम कर लेते हैं, कि बिहार में जो सत्ता परिवर्तन हो रहा है, उसको लेके एक जवाने में आपके,
22:44हमको देखा, हम वो याद है कि प्रशांद किसोर से पहली मुलाकातों में आपके घर पे ही हुई थी, वो
22:52रात हमें याद है हम बयान लेनी के लिए आप से आये होंगे
22:56और अचाना को निकले, तो वो वो प्रशांद किसोर जो आपने उनका मेरा वेक्स्तिकत रिष्टा है, और वो बयान प्रशांद
23:13किसोर जी की जो रायलितिक शब्दावली है, उसका परसंद सकनी, चुना विशेशन करता के रूप में उनका कोई सानी नहीं,
23:21वो बहुत इं�
23:26लेकिन जो राजनीतिमारों ने प्रिविश किया, मैंने तब भी बहुत विनर भाव से कहा था कि बियार में तीसरे मोर्चे
23:34की अभी कोई सम्भाव नहीं है, हमने कहा कि उन्हों जो प्रेडिक्शन किया था, वो प्रेडिक्शन करीब-करीब सही उतर
23:41रही है, या आप लोग
23:55बीजेपी का नंबर जादे होते हैं, उन्होंने हमारा मुखवंत्री सुविकार किया, अगर बीजेपी की ये इच्छा पैदा होगी है कि
24:02इस बार मुखवंत्री हमारा होना चाहिए, पिछली बार हमारे 43 थे उनके 80 प्रेस थे, तो भी नहोंने हमारा मुखवंत्री
24:07माना, �
24:09तो मैं उसे कोई अपराद का हिस्सा हो ऐसा करके नहीं मानता एक। दूसरा विराजितिक विश्यशक के रूप में मैं
24:17तो प्रसांत जी तारीफ ही कर रहा हूं। लेकिन प्रसांत जो हैं वो ऐसा फ़र है। वियार में पॉलिटिक्स दो
24:25ख्यूमे में लालू चाहिए के नहीं
24:27चाहिए। नहीं चाहिए। नहीं चाहिए। नहीं चाहिए। तीसरा कोई नहीं है। इसलिए उनके हर उम्मीद्वार की जमाने जप्त्र होगी।
24:57कि जिस पार्टी को आपने दो दश्कों से ज्यादा सीचा खड़ा किया और इनॉनिमसली सरकार रही। उस पार्टी का भविश्य
25:04ठीक नहीं है। या कहां देखते हैं।
25:06देखें नितीश नहीं है अपने पुत्र को किसी रानितिक पद्वय और पेनी बठाया।
25:26इन पिछले 21 सालों में खास तोड़ से कोई अवसर मैंने ने देखा कि उनके परिवार का कुई आद भी
25:31उनके दफ्तरमा है।
25:31जाते जाते बैट जाना तो दागी लग गया ना। मतलब चीते तो पड़ गया ना।
25:38कि नितिष कमार ने सारजनीक तोर पर या प्राइवेट लिभी किसी से अपने बेटे को राजीद में प्रिविश कराने की।
25:45उन्होंने वकालतनी किया।
25:46लेकिन जो आप कह रहे हैं वो आ रहा है उसके लिए मेरी सुबकामना है लेकिन नितीज जैसा बनने के
25:52लिए कई परिक्षाएं निशानत को भी देए।
25:54पार्टी का भविश ठीक नहीं लग रहा है।
25:56जब तक समाज में ऐसमानता है गैर बराबरी है वंचितों के मन में सामाजिक न्याय की इच्छा और अभिलाशा है
26:04और सभी धर्मों के लोगों में अपने-अपने कर्तवों को निभाने के सवावाद अफसर की इच्छा हैं तब तक जनता
26:12दल्यू का विचार कभी समाफत लि�
26:15यारे का� gummy abundant के अंदर कहा है कष्टम हो ऐते हुगाकर मरक्स के मरने के बाद भी मार्कसवाद नहीं
26:24चला था लेनिन के मरने के बाद भी क्या लेन्न वाद नहीं चलाथा आज теहिches ठीमा पट गए है इसमें
26:29दोरह नहीं है लेकिन जो åtसामा है की नाया का धर्म्ट्रमीन धिश
26:46अब आपने जो निर्डने लिया कि मैं सदस्ता रिन्यू नहीं कर रहा हूं, हलाकि टेक्निक लिए आप छोड़ रहे हैं,
26:52कॉल आए हो हाँ से?
26:53मेरी एक दो महत्पून लोगों से जो मैटर करते हैं, बातचीत हुई थी उन्होंने प्रेम पूरवक आदर पूरवक कहा कि
27:01हम आपका संभान करते हैं, बैयान भी एक दो लोगों कि मैंने देखे, आपने भी जिक्र किया संजे जाका, तो
27:08उन्होंने कोई नकाहर रितम टिपनी
27:11नहीं किया, नै मैंने किया और मैं कोई जेड़ियू के खिलाप नहीं जा रहा हो, मैं को नितिश के खिलाप
27:17नहीं जा रहा हूं। लोगदल के टरफ से लोगदल अन्हीं विचारों पर है
27:35जिस पर गांदी थे, लोहिया थे, करपुरी ठाकुर थे, अब होज चोधी चरन सिंग थे, हम सब लोगों ने चोधी
27:42चरन सिंग के नेतरित में काम किया है, चाहराज ना नहीं है, तो समाजबादी पार्टी को क्यों छोड़ देते हैं,
27:48मुलायम सिंग जिकर किया, नहीं बट �
28:04समाजबादी पार्टी अब ना बन सकती है, समाजबादी विचार जोग जिन्दा रहेगा.
28:34उसका समान भी करती थी. उमीद है कि केसी त्यागी जी का जो अगला पड़ाओ होगा और अगली राजनिती जमीन
28:42जो तलासेंगे, उसमें भी एक बाद फिर बातचीत होगी, तब तक के लिए धन्यबाद.
28:46बहुत बहुत शुक्रिया आपका.
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