00:00उनका जुरुम से इतना है कि मुसल्मान है जो बावरे कश्टिया चलती उसमें जो लोग पेशाब पैखाना करते वो गिरता
00:07उसकी फिकर नहीं है ये इनसाफ है तुम्हारा बीजेपी वालों बताओ ने हमारा क्यों हुआ रहा रहा गोश्ट की दुकान
00:14बंद रहना अंडे की
00:16दुकान बंद रहना लाओ पैसे भी दोना हमार को आपके मजभी जजबात है मेरा रमजान का महिना था पूरे शराग
00:22की दुकाने खुलने क्यों थी बताओ बनारस में 14 मुसलिम बच्चे 14 मुसलिम बच्चे एक कश्टी को लेकर उस पर
00:35रोजा खोलते हैं क्या करते हैं रो�
00:43पारन उन पर केस बुक कर दिया गया अब अगर कल मैं हुसें सागर लेक में एक कश्टी लेता हूं
00:51मैं बोट पर रोजा आजकल तो रोजा इससे तरीके से खोल रहे हैं कि अल्लह मालूम क्या होने वाला आगए
00:58जाके हुसें सागर पर आप कश्टी लिए लाइफ जैकिट प
01:13पुलिस बोलती नहीं नहीं आपने खानून का उलहनदन किया है और क्या कि आपने आपने इफतार पार्टी खाई बिर्यानी खाई
01:23आपने तो बीनस 298 बीनस 299 बीनस 196 बीनस 270 बीनस 223 अरे किसी के मजभी जजबाद कैसा मजरू हो
01:38रहे हैं अगर गंगा में कश्टी में मैं �
01:42खाया तो किसके मजभी जजबात मजरू हो रहें किसी के भी नहीं हो रहें ना पूरा गंदा सुवरेज आकर गिरता
01:54गंगा में वो तुम्हार को तकलीफ नहीं हो रही यह बच्चे विचारे लाइफ जैकेट्स पेने हुए नौजवान है बोले चलो
02:04आप कश्टी पे जाएं�
02:12जजबात को मजरू करें क्या मजभी जजबात मजरू करें अरे उनका जुरू उनका जुरूम सिफ़ इतना है कि मुसल्मान है
02:19जो पूरा गंगा को जो गंदगी सुवरेज आकर गिर रहा उसमें कोई किसी को फिकर नहीं है जो बाबले कश्टिया
02:28चलती उसमें जो लोग पे
02:30खाना करते व किरता उसकी फिकर नहीं है बतावת कि क्या हो सिर्फ तुममान है जेल में आपने उनको डाल
02:39दिया यह इंसाफ है तुम्हारा बी जे पिवालों बताओ और तुम पसमांदा मुसलमान की बात करते उसमे पूरे बक्चे साइवी
02:48है पसमांदा मुसलमान उत्रपरद
02:52इसके ये इन से ये नाइनसाफी की गई है
02:55और क्या बोलते हैं
02:57कि उस बच्चों के वीडियो में किसी ने कहा
03:01आलमगीर मस्जिद वो आलमगीर मस्जिद है वहाँ पर
03:04नहीं कैसा बोले तुम मस्जिद का नाम कैसा लिए
03:08अरे बाबा वो नाम उसका आलमगीर मस्जिद है
03:11तुम्हारे अबा के अबा के अबा के अबा के दादा पैदा आउने से पहले आलमगीर मस्जिद है
03:17और सुबह ख्यामत तक रहेगी इंशालला हो ताला
03:20मगर आप बोले ने कैसा बोला उसमें वीडियों में
03:23मेरे अजीज दोस्तों और मुझरूगों
03:25हर चीज में मजभी जजबात हमारे मजरू हो गए
03:29ने हमारा ते हुआ रहा गोश्ट की दुकान बंद रहना
03:33अंडे की दुकान बंद रहना
03:34लाओ पैसे भी दोना हमारे को
03:37खुरेश ब्रादरी का काम गोश्ट का कारवार करना
03:42आपके मजभी जजबात है
03:44मेरा रमजान का महिना था
03:45पूरे शराब की दुकाने खुलने क्यों थी बताओ
03:48बंद करना था कुटे की पिशाब की दुकान को
03:53पूरे बन करना था शराब की दुकानों का भारत में
03:56मगर नहीं शराब की दुकाने खुले रहेंगी
03:59मैं कश्टी में रोजा नहीं कोल सकता
04:01मेरे मजभी जजबात मज़रू नहीं होंगे
04:06करना फिर जा मेरा घर अगर मैं बालो मेरा घर अगर मेरा घर होटल बंढ रहरा बं करेंगे आप
04:12एक जमाना अता है अधराबाद में चाहे हिंदो और मुसल्मान की होटलो आदा परदा लगाता था
04:19मगर जमाने के हालाद के लिहाद से वो भी खतम हो गया
04:35झाल झाल
04:35मुसल्मा झाल
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