00:11क्या आप जानते हैं साल की सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक उर्जा कब जागती है जब धर्ती प्रम्हांट और भगती तीनों एक
00:20साथ जूडते हैं तब शुरू होती है चैत्र नवरात्री
00:23जबार चैत्र नवरात्री 19 मार्श 2026 से शुरू हो चुका है और 27 मार्श तक रहने वाला और यह सिर्फ
00:30एक्तिवहार नहीं बल्कि आत्मी के पुनरजनम का समय माना जाता है
00:34चैत्र नवरात्री हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और उज्जावान परवों में से एक माना जाता है ये नौ दिनों तक
00:41देवी शक्ति की अराधना तब उपवास और आत्मिशुद्धी के लिए समर्पित होते हैं इस दोरान मा दुर्गा के नौ रूपों
00:48की पूजा की �
00:49जाती है शैल पुत्री से लेकर सिद्धी दात्री तक लेकिन इस चैत्र नौरात्री को बहुत रहसे मई भी माना जाता
00:57है बहुत तरीके की बाते की जाती हैं बहुत तरीके की उर्जा की बाते की जाती हैं चलिए आज की
01:03इस खबर में सभी पहलूं को जानते हैं नमस्कार मे
01:19सबसे पहला दिन जो होता है वो है मा शैल पुतरी का और इस दिन पीले रंग का वस्तर पहना
01:24जाता है।
01:25दूसरा दन होता है मा ब्रमचारेनी का और मा ब्रमचारेनी के लिए हरा रंग कहा जाता है।
01:30मा चदरगंडा इनको ग्रे रंग पसंद है।
01:34मा कुश्मांडा, इनके दिन पर नारंगी वस्त्र पहने जाते हैं, मा सकंद माता, सकंद माता को सफेद रंग पसंद है,
01:42मा कात्यायनी, कात्यायनी को लाल रंग प्रिया है, मा काल रात्री, इनको रॉयल ब्लू कलर पसंद होता है, मा महागौरी,
01:50गुलाबी या फिर पीच रं
01:52इस दिन अश्टमि होती है और नवा दिन है मा सिधी दात्री का जुनको बैंगनी रंग पसंद होता है
01:58वो हर दिन का अपना अलग-अलग महत्व है और हर दिनकी अलग उज्जा होती पहला दिन घट स्थापना ये
02:05नई शुरुआत का प्रतीक
02:06इस दिन कलश थापना के साथ घर में देवी शक्ति का आवहन किया जाता है
02:09पंचमी का दिन ग्यान और सुरक्षा से जुड़ा माना जाता है
02:13जिब कि अश्टमी और नौमी को समसे शक्ति शाली दिन कहा जाता है
02:16अश्टमी और नौमी के दुरान संधी काल बेहद खास होता है
02:19ये वो समय है जब देवी की शक्ति अपने चरम पर होती है
02:23इस समय हवन, कन्या पूजन और दुर्गा सब्तशती का पाच करने से विशेश फल मिलता है
02:28भक्त मानते हैं कि अदिनों की गई साधना से मनुकामनाय पूरी होती है और नकरात्मक्य शक्तियों का नाश होता है
02:35लेकिन अब बात करते हैं उस थान की जहां चैत्र नौरात्री का रहसे और भी गहरा हो जाता है
02:41असम के गोहाटी सत्त कामक्या मन्दिर को भारत के सबसे शक्तिशाली शक्ति पीठों में से एक गिना जाता है
02:48ये मन्दर तंद्र साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है
02:52नौरात्री के दोरान यहां का वातावरन बिलकुल अलग होता है
02:56सुहे से लेकर देर रात तक विशेश पूजा आरती और साधना का करम चलता है
03:02हजारोश्र धालू निलावचल पहाडी पर पहुँचकर देवी की अराधना करते हैं
03:07लेकिन इस मन्दिर की सबसे खास बात है
03:10यहां होने वाली रहसे में अनुष्ठान
03:12कहा जाता है कि नवरात्री के दोरान यहां तांत्रिक साधक गुप्त साधनाय करते हैं
03:17जो आम लोगों के लिए खुली नहीं होती है
03:20सुर्योगर से पहले चंडी पाठ, विशेश मंतर जाप और एकांत में की जाने वाली साधनाय
03:25यह सब उर्जा जागरन के लिए किये जाते हैं
03:28कुमारी पूजा यह हका एक महतोपुन हिस्सा है जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का रूप बनाकर उनको मानकर पूजा जाता
03:35है
03:35पुछ साधक शिव और शक्ती की सेयुक्त साधना करते हैं
03:38की उन्नत साधक तांत्रिक विधियों के जरिये आंत्रिक उर्जा को जागरत करने की कोशिश करते हैं
03:45हलागी यह भी कहा जाता है कि ऐसी साधनाय बिना गुरु के मार्ग दर्शन के नहीं करने चाहिए
03:50क्योंकि अत्यंत शक्ति शाली और सब्वेदर्शील प्रक्रियाय होती है
03:54चैत्र नौरात्री सिर्फ व्रत और पूजा का समय नहीं है
03:57यह आत्मा को शुद्ध करने, नई उल्जा पाने और जीवन में सकरात्मक पदलाव लाने का भी एक शुभ अवसर है
04:05उस ख़बर में इतना ही, आप देख रहे हैं, One India Hindi
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