00:00क्या आपने कभी मशली को शहेद खाते देखा है एक शांध नदी के किनारे जहां पानी बिलकुल साफ और सकून
00:07बढ़ा था एक दिन किसी ने पानी में एक मिठा सा शहेद से बढ़ा शट्ता ढाल दिया जैसे ही वो
00:14शट्ता पानी में गिरा आसपास की मशली उसकी खुश्व
00:29लगी वो सब मिलकुल शहेद का अनंद लेने लगी वो पल सच में अनोखा था पानी की दुनिया में शहेद
00:36का सवाद सब मशली खुशी से तैर रही थी जैसे उन्हें कोई नयाख जाना मिल गया हो जिंदगी में कभी
00:43कभी ने अनुभव ही सबसे बड़ी खुशी दे जाते
00:47झाल झाल झाल झाल
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