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ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच खबरें आ रही हैं कि Mojtaba Khamenei को रूस बुलाया गया है और उन्हें सुरक्षा के उच्च स्तर की गारंटी दी जा रही है। कहा जा रहा है कि इस सुरक्षा के कारण मोसाद एजेंट उन्हें नहीं छू पाएंगे। इस कदम ने खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया है और मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। वीडियो में जानिए क्यों पुतिन ने मोजतबा को सुरक्षा दी, इसका ट्रंप और नेतन्याहू पर क्या असर पड़ सकता है और युद्ध की दिशा कैसे बदल सकती है।

In the midst of the ongoing Iran-America-Israel conflict, reports suggest that Mojtaba Khamenei has been invited to Russia by Vladimir Putin for high-level security arrangements. Allegedly, even Mossad agents won’t be able to approach him. This unexpected move has shocked intelligence agencies and added a new layer of complexity to the Middle East tensions. Watch the full video to understand why Putin might be offering such protection, the implications for Trump and Netanyahu, and how this could influence the ongoing war dynamics between Iran, the US, and Israel.
#MojtabaKhamenei #Putin #IranAmericaIsraelWar #Mossad #TrumpNews #MiddleEastConflict #IranNews #RussiaSecurity #Netanyahu #WarUpdate

~HT.178~ED.108~PR.540~GR.538~

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00:00देवनासर अभी पिछले दिनों कुएत का एक अखबार है उसमें खबर छपी थी कि मुस्तवा खाम नहीं गायल थे इसराइल
00:07और अमेरिका के हमले के बाद उसके बाद उन्हें इलाज के लिए रूस ले जाया गया है ऐसा उस अखबार
00:13ने दावा किया था हलाकि अब इरान न
00:29निरेटिव वार में भी अमेरिका पिछड़ता हुआ दिख रहा है आपके साब से ऐसा क्यों हो रहा है जबकि इसराइल
00:36और अमेरिका के बारे में तो कहा जाता है कि उनके पास मीडिया का ऐसा जाल है और सोशल मीडिया
00:40की ताकत हुए ही जिसके जरिए वो असली युद तो �
00:56जब आप देखेंगे तो psychological warfare जो है हमेशा से उनका एक बड़ा important हिस्सा रहा है
01:02चाहे वो North Korea, South Korea हो, चाहे वो North Vietnam, South Vietnam हो, अफगानिस्तान हो
01:10या Venezuela हो, वो एक कुछ समाँ बान देते हैं
01:15अंगरी जी में कहते हैं, narrative बना लेते हैं कि Venezuela में कहा है, drugs है
01:19कहा है, drugs अब तो Venezuela में दो मेने से हुआ है, drug के एक भी factory पकड़ी गई है,
01:24drug के एक भी तरस करकर कोई या drug warlord को पकड़ा गया है
01:28इराग के बारे में क्या क्या जूटी बाते फैलाई थी
01:32हाँ, होता ही यह है कि अमेरिका को चाहिए एराग के बारे में तो कोई हसते हैं हम सबकी
01:41weapons of mass destruction और उस वक्त जब वो weapons of mass destruction बुरके
01:48एराग के अंदर सदाम हुसें के खिलाफ कर वाया कर रहे थे
01:53American Pentagon और CIA दोनों ने ही रिपोर्ट दिया था कि
01:57weapons of mass destruction इराग में होने का कोई सबूत ही नहीं है
02:04लेकिन ठीक है, उन्होंने लिबिया में इस तरह से घुच गए
02:07अमेरिका हर जगा घुचने के लिए एक बाहना ढून लेता है
02:13इरान की तरफ से इस बार narrative building का जो था
02:18intended part भी बड़ा अच्छा था, unintended part भी बड़ा अच्छा रहा
02:22हुआ ये कि जब अमेरिका ने और इसराइल ने इरान पर हमला किया
02:27तो दुनिया भर में माहौल कुछ हैसा था कि
02:31दुनिया के ज़्यादातर देशों को
02:34भारत में भी कुछ लोगों को जो जानकार थे लगा कि
02:38इरान बेचारा है, यानि छोटा है, कमजोर है, ताकतवर है, मिम्या रहा है, बाच्छित करने के लिए त्यार है, थरतरा
02:47आ रहा है, काप रहा है, बोल रहा है बाच्छित कर लो, IAEA की टीम को भेज़ दो
02:53इरान ने पांच स्टेटमेंट दिये, दोहजार पच्छिस में की, IAEA की टीम को भेज़ दो, तो ऐसी हालत में जब
02:59अमरिका ने बंबारी शुरू की, तो सब को लगा कि दगाबादी की गई है, और इसमें कोई शर्ट नहीं है,
03:05आप किसी भी मीडिया रिपोर्ट को पढ�
03:19पीच में, अमरिका और इरान के बीच में, अट्टाइस वरवरी बंबारी ने सब को हैरान परिशान कर दिया, अगर हम
03:28याद रखें, पिछले साल जून में भी ऐसा हुआ था, जून में भी जब बारा दिन का युद हुआ, जिस
03:33दिन पहले दिन बंग गिरने शुरू हुए
03:35उस दिन तो दोनों पक्ष या डारेक्ली इंडारेक्ली बातचीत कर रहे थे, तो सुहान भूती का एक फैक्टर होता है,
03:44वो इरान के पक्ष में चला गया, जी, बिल्कुत चोप्रा साहब के पास भी सी सवाल को लेकर चलते हैं,
03:50चोप्रा साहब ये प्रोगेंडा युद ज
03:56जैसे अभी कि अली लारजानी को मने मार दिया, और भी बहुत दावे होते हैं, उदर एरान और उनके समर्थक
04:01डेश जितने भी हैं, उनके जितने भी समर्थक दुनिया भर मौजूद हैं, वो सब ही अलग लग लग दावा करते
04:06हैं, कि हमने नेतन्याहु को ही मार दिया है, �
04:08देखो वो सामने नहीं आ रहे हैं, वो सुरक्षा समीति के बैठक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
04:12तो आप इस युद्ध को कैसे देख रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर लड़ जा रहा है।
04:17देखे क्या होता है, बैबब जी, there is something called fog of war.
04:21जब कोई conflict या war चल रही होती है, तो बहुत सारी statements इदर उदर से सुनने को मिलती है।
04:26और अब जहां पर सोशल मीडिया का समय है, तो पहले के जमाने में तो limited knowledge का access था,
04:31newspaper और कुछ news limited आती थी।
04:32अब दुनिया के हजारों sources से आपको अलग-अलग तरह की news मिल रही है, जिसमें से maximum fake news
04:37होती है।
04:38और हर एक country, मैं हर एक country की बात करो, which includes India, यहां पर हमारे जो proper psychological
04:44warfare के cells होते हैं, जिनमें लोग इस तरह के propaganda को bust करने के लिए, AI videos को analyze
04:50करने के लिए बैठे हैं, जो आए दिन आती रहती है इंडिया के against me, और यह चीज आने वाले
04:55समय में जैसे ऐसे AI develop हो रहा है, और बढ़ेगी�
05:03जो आपकी war होती है वो twitter पे नहीं लड़ी जाती है, उसका result ground पे decide होता है, ground
05:09पे आप जो मर्जी वहाँ पर बोलते रहे हैं, हम जो है वो जीत रहे हैं, आप हमें कुछ नहीं
05:13कर पा रहे हैं, number one, number two के आप US की दो problems और देखिए, सबसे पहले अभी US
05:20polls में almost 60% प्लस उनकी जो population
05:23है, वो इस war के against है, वो उनके support पे बिलकुल नहीं है, second जो NATO allies है, उन्होंने
05:30इनका साथ देने से मना कर दिया है, Spain ने अपने airbase यूज करने से मना कर दिया, और NATO
05:34ने भी बोल दिया, सारी countries है, हम इस war में enter नहीं करेंगे, तो कही ना कहीं US जो
05:39है, वो practically देखा जाए, तो हर ज�
05:51statement पास करते हैं, तो है, I have just destroyed them and I will kill them, you know, I have
05:57bombed them, they are nothing in front of me, ऐसी statements कौन बोलता है, कोई third world country का president
06:03भी तो है, यह तो US president है, in fact, पुराने US presidents ने भी यही mistakes करी हैं, लेकिन
06:10उन्होंने ऐसी loose statements कभी नहीं बोली है, जैसी यह बोल रहे हैं, तभी maximum जो आप इस समय US
06:15की बात सुन रहे हैं
06:16जो specially Trump की बाते हम सुन रहे हैं, उन पर भरोसा बिलकुल नहीं कर सकते हैं, on the ground
06:21situation यह है कि जितने भी systems हैं, जितने भी defense systems हैं US के, वो economically बहुत उनको भारी
06:28पड़ रहे हैं, आप जब तीन aircraft carrier लेकर किसी country के पर attack करते हैं, मैं आपको एक example
06:33देता हूँ, जो B2 Bomber का strike package जो इन्हों
06:37attack करा था, जिसमें almost 25 प्लस aircraft थे एक strike package में, उसमें सिरफ refueling जो थे, वो refuelers
06:4850 से 52 refuelers थे उसके अंदर, इतना fuel चाहिए सिरफ उस strike package को USA एरान तक पहुचाने के
06:55लिए, अब आप सोचिए कि उनका पर डिगा खर्चा इस समय कितना हो रहा होगा, और प्लस उनकी जो weapon
07:00capacity है US की,
07:01वो deplete होती जा रही है, उनकी production एरान के सामने कुछ नहीं है, क्योंकि वो produce करते हैं बहुत
07:06costly precision strike weapons, और यहाँ एरान प्रेडियूस करता है, वो हजारों weapons प्रेडियूस कर रहा है हर मन्त के
07:12हिसाब से, पचास हजार से उपर drones का उनके पास stockpile है, तीन हजार से उपर reported जो उनकी
07:29clear दिख रहा है, तो question आता है कि on the ground situation इस समय क्या है और वो यह
07:33है कि US और इसराइल दोनों back foot पर है, बिलकुल इसमें को doubt नहीं है कि आपके पास air
07:38superiority है, लेकि air superiority से जंग नहीं जीती जाती, regime change नहीं होती, उसके लिए आपको boots on ground
07:44चाहिए, और boots on ground आप एरान में नहीं ला सकते ह
07:47उनकी terrain को उनकी इतनी बड़ी force को अगर आप यह सोच रहे हैं, आप counter करेंगे, I'm sorry, यह
07:53possible नहीं है
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