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Kishtwar में आतंकियों के मददगारों पर J&K Police का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार! क्या सरकारी मुलाज़िम भी आतंकियों के साथ मिले हुए थे? देखिए कैसे पुलिस अब गद्दारों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने वाली है.
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ (Kishtwar) में पुलिस ने आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ दी है. पिछले महीने जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के शीर्ष कमांडर सैफुल्लाह (Saifullah) और उसके साथियों के खात्मे के बाद, अब पुलिस उन लोगों को निशाना बना रही है जिन्होंने इन आतंकियों की मदद की थी.
पुलिस जांच में करीब 6 ऐसे संदिग्धों की पहचान की गई है, जिन्होंने आतंकियों को खाना और रहने के लिए ठिकाना दिया था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन संदिग्धों में दो सरकारी कर्मचारी (Government Employees) भी शामिल हैं. इन सभी पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA और जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत कड़ी कार्रवाई की तैयारी है.
जांच के दौरान पुलिस को ऐसी तस्वीरें भी मिली हैं जिनमें ये OGWs आतंकियों के साथ दावत करते नजर आ रहे हैं. इन तस्वीरों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. सेना और पुलिस का लक्ष्य इस पूरे सपोर्ट सिस्टम को जड़ से खत्म करना है ताकि भविष्य में किसी भी घुसपैठिए को स्थानीय स्तर पर कोई मदद न मिल सके.
About the Story:
The Jammu & Kashmir Police in Kishtwar is launching a massive crackdown on Overground Workers (OGWs) following the neutralisation of Jaish commander Saifullah. Six suspects, including two government employees, have been identified for providing logistical support and shelter to terrorists. Authorities are set to invoke strict laws like UAPA and PSA to dismantle the terror support network in the valley.

#Kishtwar #JKPolice #TerrorismFreeJK #OneindiaHindi

~HT.410~PR.514~ED.104~GR.510~

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00:00जुमू कश्मीर के किश्टवार जिले में पुलीस ओवर ग्राउंड वरकर्स नेटवर्क के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर एक अभियान चलाने
00:08की तैयारी करी है और ये अभियान उन जहश के आतंक वादियों को जिनको सैफुला लीड कर रहा था उनके
00:15मारे जाने के बाद
00:28की तफ्तीश कर रही थी कि इन आतंक वादियों को जो ये साथ आतंक वादियों का ग्रूप था और जो
00:33एपरिल दोहजार पचीस से किश्टवार और बाकी चिनाव वैल के जिलों में एक्टिव था इनको कैसे सपोर्ट सिस्टम मिल रहा
00:42था इनको खाने पीने का सामान इनको
00:44दावती कहां से मिल रही थी और कैसे लोगों से घुल मिल रहे थे और इसी तफ्तीश के चलते पुलीस
00:52ने जो एक साल से लगातार इस इन आतंक वादियों को तलाश कर रही थी बाकी सुरक्षाबलों के साथ चाहे
01:00वो आर्मी के दो पैरा हो या सी आर पिएफ हो या बाकी स�
01:07सुरक्षाबलों तो ये लगातार इन आतंक साथ आतंक वादियों का ग्रूप को ट्रैक कर रही थी पिछले एपरिल दोजार पचीसे
01:16और इस साल सुरक्षाबलों को सफलता मिली जब के साथ के साथ आतंक वादी थे उनके टार्गेट पे सब को
01:25मार गिरा है और इसी की एक ब
01:37राशन प्रोवाइड करते थे हाइड आउट्स पर जहां ये आतंक वादी चुपे थे तो कहीं नकी सुरक्षाबल खास दूर पर
01:45पुलीस ने इस मामली की तफ्तीश के दोरान कम से कम छे व्यक्तियों को पहचाना है उनकी पहचान हुई है
01:53जो इन आतंक वादियों को बरप
02:07उनमें से ये भी बताया जाता है कि दो सरकारी करमचारी हैं तो जो सुरक्षाबल है पुलीस खास दोर पर
02:14इस मामले की तफ्तीश करें पुलीस ने ये पुलीस ये बी आइडेंटिफाई कर रही है कि ये आतंक वादी जो
02:20दावतों पे जाते थे किश्तवार जिले में तो इ
02:38एक वराइटिज होती थी क्यूजीन की जो इनको आफर किया जाता था तो कहीं नकरी सुरक्षाबल ये भी देख रही
02:43है जो सिविल सैटिंग्स में इन आतंक वादियों के फोटोग्राफ्स मिले हैं जहां पर सिविलियन एरियाज में किसी के गर
02:51में किसी के कमरे में तो पु
03:04मुम्किन हुआ कि ये आतंक वादी सिविल सेटिंग्स में अपना मनोरंजन कही है या यह कही है कि खाने पीने
03:13का एश और आयाश ही कर रहे थे कहीं न कहीं पुलीस इस मामले की वी ताफ्तीश कर रही है
03:18लेकिन ओवर आल देखा चाहे पुलीस किष्टवार में सहिफ उल्ला
03:34जिसका नाम फर्मान था वो हो जो भी छे के छे सहयोगी रह चुके हैं सहिफ उल्ला के या सहिफ
03:43उल्ला खुद मारा गया तो इन सातों आतंक वादियों की हत्या के बाद इनको मारे जाने के बाद पुलीस का
03:51सिर्फ एक ही मकसद है कि ये ओवर ग्राउंड वरकर जो उनको स�
03:58स्ट्रॉय करें ताकि और किसी आतंक वादी ग्रूप को और क्यूंकि पाकिस्तान लगातार जो को कश्मीर में आतंक वादी भेजता
04:06रहता है तो पुलीस और बाकी सुरक्शन एजन्सिया ये सुनिश्चित करना चाहती है कि जो ओवर ग्राउंड नेटवर्क को पूरी
04:13तरह
04:13से दोस्त हो पूरी तरह से खतम हो ताकि ये कभी भी आने वाले समय में इन आतंक किसी भी
04:20आतंक वादी ग्रोह को किसी भी आतंक वादी को शरन ना दें को खाने पीने का सामान ना दें और
04:26जिले में खास्तर पर कश्तवार जिला हो या बाकी चिनाब वैली के जो जिले हैं व
04:34रहा हिंसा नहो आतंकवादी गत्वी दिया नहो इसी के चलते पुलीस इस अब्यान पे नजर रख हुए और ये अब्यान
04:42कभी भी शुरू हो सकता है और ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ जिन्हों ने सैफला और उसके बाकी जूप को खाने
04:50पीने का सामान फराम किया या शर्
05:02सुरक्षा बलुव को इन साथ आतंकवादियों के बारे में जानकारी मिनी जिनको य्स ग्रूप का कमांडर या जिस ग्रूप को
05:11लीड कर रहा थाATIक Al-Rahman या कोड नेम दिगा नाम सैफला था तो यह जांकारी मिनते ही सुरक्षाए बलों
05:19ने आतंकवादियों के खिलाफ ए
05:23एपरिल दोहजार पचीस में ही एक एंकाउंटर में सुरक्षाबल को तब कामयाभी मिली जब उन्होंने सैफला के इस ग्रुप के
05:31तीन आतंकवादियों को मार गिराया।
05:33उसके बाद लगातार सुरक्षाबल बागी चार आतंकवादियों की तलाश में जुट गई और लगातार कहीं सर्च ऑपरेशन चलते रहें जंगलों
05:42में पहाड़ियों में और आखिरकार पहली बार कॉन्टेक्ट हुआ जैनवरी 18 को कॉन्टेक्ट हुआ लेकिन जैनवरी 14 को
05:52सुरक्षाबलों ने आपरेशन तराशी का पहला बाग शुरू किया किष्टवार जिले में इन चार आतंकवादियों को डूनने के लिए जिनको
06:01सैफला लीड कर रहा था और आखिरकार जैनवरी 18 को सुरक्षाबलों को एक कामया भी मिली जब उन्होंने इस इन
06:08आतंकवाद
06:21तो उन्होंने सुरक्षाबलों पर गोली बारी की जबरदस गोला बारी के और ग्रिनेट्स पहेंके जिसके कारण सैना के कम से
06:28कम आठ जवान जखमी हुए जिनमा से एक जवान जो जिसका नाम हवलदार गजेंदर सिंग था अगले दिन जखमों की
06:37ताब नलाकर धम तोड़
06:38बैठा तो 14 जैनवरी को आपरेशन 83 स्टार्ट किया था सैना और बाकी पुलीस ने और जो एक जॉइंट के
06:47जॉइंट सुरक्षाबलों के एक जॉइंट टीम थी उन्हें ने आपरेशन 83 जैनवरी 14 को शुरू किया जैनवरी 18 को पहली
06:56मुडवेड हुई किष्टवार जिले
06:58में उसके बाद लगातार सुरक्षाबल इन आतंक वादियों के पीछे लगी और इनको तलाश करने के लिए और मार गिना
07:08गिराने के लिए कई एक पहाड़ी इलाकों का घेरा किया हम घोरतलब बात यह भी है कि जैनवरी 18 को
07:18जब पहला एंकॉंटर हुआ सुरक्षाबलों औ
07:21और आतंक वादियों के बीच तो सुरक्षाबलों ने एक आतंक वादियों का एक हाइड आउट दोस किया था जहां से
07:28बारी मात्रा में खाने पीने का सामान मैगी तेल राशन आलू टमाटर सबज्या और तकरीबन मैगी के 50 पैकेट मिले
07:38ड्राइफ रूट्स मिले काफी मि�
07:41दार में उनके पास खाने पीने का सामान निकला राशन निकला जो तकरीबन सुरक्षा एजेंसियों के मताबिक दो महीने तक
07:50उनके सर्वाइवल के लिए काफी था तो जैनुरी 18 के बाद आखिरकार सुरक्षाबलों को एक बहुत बड़ी काम्याबी मिली चार
08:00फेबरविरी
08:00को जब उन्होंने तीन आतंक वादियों को जो इसी सहिफळा के सहीयोगी थे सहिफळा गृप के भागीदार थे उनको मार
08:10गिराया दो अलग-अलग आपरेशनों में एक तो आपरेशन तराशी का तौप तराशी में किष्टवार जिले में और दो बाकी
08:18दो आतंक वादियो
08:19को आपरेशन किया कि तहट उधंपूर में एक गुफा के अंदर मारा गिया इन तीन आतंक वादियों को मारे जाने
08:26के बाद सुरक्षाबलों को तलाश थी सहिफळा की और उसके और दो सहियोगी की जिन को फेबरवरी 22 को आखिरकार
08:36एक एंकाउंटर में किष्टवार में ही
08:39मारा गिया और जिनमें सहिफळा भी था और उसके दोस ही अगी जिनमें फरमान भी था तो कही बीए एक
08:48साल का लबा समय लगा सुरक्षाबलों को अपना ये लक्ष पूरा करने के लिए
08:54इन साथ के साथ आतंक वादियों को मारने के लिए और इनी को मारने के बाद सुरक्षा बलों ने अपना
09:01एंटायर फोकस इस आवरग्राउंड नेटवर्क की तरफ फोकस रखा जिन आवरग्राउंड वरकर्स ने जिन आतंक वादियों के समर्थों को ने
09:11इन आतंक वादियों �
09:13तक राशन पहुंचाया, चावल पहुंचाया, मैगी पहुंचाया, खबरे पहुंचाते थे सुरक्षा बलो की मॉमेंट के या उनको फोन्स की सिंस
09:22दिया करते थे तो इस सारे मामले की तफ्तीश के बाद आखिरकार पुलीस ने तकरीवन छे ओवर ग्राउंड वरकर्स कही
09:32है
09:32उन संदिक्त और ग्राउंड वरकर्स उनकी पहचान की है जिनमें दो सरकारी करमचारी भी है और अब कभी भी किसी
09:39भी वक्त पुलीस इनको अपने शिकंज में लेकर इस पूरे और ग्राउंड वरकर्स को दुरस्क कर सकती है और इनको
09:48सलाकों के पीछे बेज़ सकती है ताक
10:01भी आतंकवादियों को समर्था ना करें और जिले में शांती बनी रहे श्री नगर से वन इंडिया के लिए मैं
10:08इजहार अली
10:12सब्सक्राइब तो वन इंडिया और नेवर मिस न अपडेक्ट डाउनलोड वन इंडिया अपनाव
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