00:00देवनात सर नए सरवोच नेता जो इरान के हैं मुस्तवा खामनेई उन्होंने सीजफायर के प्रस्ताव को खारिच कर दिया है
00:07कहा जा रहा है ऐसी रिपोर्ट से कही सारी मीडिया की दो देशों की ओर से ये प्रस्ताव इरान को
00:13भेजा गया था
00:14दो देश हैं जो मध्यस्ता करवाने की कोशिश कर रहे हैं.
00:17लेकिन मुस्तबा खामनेई ने कहा है कि
00:18पहले अमेरिका और एजराइल से हिसाब किताब बराबर होगा.
00:21उसके बाद फिशांती की बात होगी.
00:23उन्होंने कहा कि अभी मध्यस्ता के लिए
00:25सिचफायर के लिए सही समय नहीं है
00:28आपके हिसाब से अभी क्या चल ला होगा
00:30मुस्तवा खामनेई के दिमाग में और वो किस तरह
00:32हिसाब किताब करना चाहते हैं मेरका से
00:35देखिए इरान ने तो
00:36बहुत क्लियरली कह दिया है कि बाचित
00:38तब नहीं हो सकती जबकि
00:39आप मेरी कनपटी पर
00:41बंदूक ताने हुए हैं जो कि
00:43हो रहा है डोनाल्ड ट्रम्प
00:45बार बार बोलते हैं हम बाचित करेंगे
00:47एरान तुम मान जाओ एरान तुम सरेंडर कर जाओ
00:50एरान तुम जुग जाओ
00:52लेकिन बंबारी रोज कर रहे हैं
00:54तो यह समझना पड़ेगा कि
00:57एक मानसिक्ता होती है
00:59अगर
01:00अमरीका दावा कर रहा है कि उसने अब तक
01:0115,000 टार्गेट्स को नुकसान
01:04पहुंचा है है जिसमें आज
01:05पच्चिमी मीडिया दावा कर रही है कि
01:0715,000 टार्गेट्स में तो
01:0912,000 तो घर थे
01:11और्डिनरी सिटीजन के
01:13और इन 12,000 और्डिनरी सिटीजन
01:15के घर पर जब हमला किया तो
01:172,000-2,000 आम
01:19इरानी मारे गए हैं
01:21तो समझना पड़ेगा कि
01:24देश की मानसिक्ता होती है
01:26जिस बेटे का
01:27पिताजी मारा गया
01:29या जिसकी मा मारी गए
01:31उसके आखे सामने या किसी का अगर
01:33बच्चा घायल हो गया या बच्चा मारा गया
01:35वो कभी भी जुकेगा नहीं
01:38पाच्चित करने के लिए
01:39आगे नहीं आएगा
01:40इन सब देशों में
01:42सारे अर देशों में
01:44एक बात होती है कि आप इज़त के साथ जीना चाहते हो और कायर बनकर आप जीना नहीं चाहते हो
01:55ऐसी भावना भारत में भी है हमने कई बार देखा है मद्यकाल में राजपुतों ने आखरी दम तक लड़ाई लड़ी
02:04जब तक कि आखरी राजपुत मारा नहीं गया शहिद नहीं हुआ रानियों ने जोहर कर लिया
02:12तो यह हर देश की भावना होती है लेकिन अगर अमरीका चाहता है कि एरान से वो बात्चित करे तो
02:19इसके लिए बहुत जरूरी है कि बंबारी बन करें यह इंटरनेशनल प्रोटोकॉल है भारत ने 1965 की जंग में रूस
02:28के कहने पर हमने ठीक है लड़ाई बन की ताशकंद में
02:33बात हुई यानि लड़ाई पहले बन की ताशकंद में बात हुई उनिस सो एकतर में भी हमने दुनिया के देशों
02:40से युनिटिड नेशन की बात सुनके पहले लड़ाई बन की उनिस से कतर में बात में हमने शिमला समझोता किया
02:47तो यह हमेशा नियम होता है कि युद के स्थ
02:50में आपकी बाचित जो है वो पॉजिटिव डारिशन में नहीं जाती है अब इरान बाचित कब करेगा इरान बाचित तभी
02:59करेगा जब इरान को बराबर का दर्जा दिया जाए ऐसा नहीं हो सकता कि एक तरह डोनाल्ड ट्रंक बोलते रहें
03:06कि हम इरान के सुप्रीम लोड ली�
03:18दर्ण नहीं मानते हैं तो ऐसे कैसे बाचित होगी मैं जनरल आम जो लोग देख रहे हैं चैनल को उसको
03:25समझाने के लिए कहता हूँ आज अगर भारत का कोई दुश्मन देश बोल देगी वह भारत के प्रधान मंदी को
03:31रिकोग्नाइज नहीं करता
03:33या वो बोल देख जैसे डोनल्ड टरम्प बोल रहे है कि अगला जो लीडर बनेगा भारत का वो हमारा दुश्मन
03:41देश बोल देख की अप्रूवल के बाद बनेगा अप्रूवल से ही बनेगा तो भारत में जो बाचित करने वाले हैं
03:48आईएएस फॉरन सर्विस के आफिसर क
03:54कैसे बात करेंगे अगर दुश्मन बोल रहा है कि वो हमारे प्रधान मंत्री को रिकोगनाइज नहीं करता तो ये तो
04:00डेड एंड है शुरुआत ही गलत कदम से है जब आपको किसी से बातचीत करनी होती है तो सबसे पहले
04:07टॉप लीडर्शिप को रिकोगनेशन देनी होती है �
04:09बराबरी का रिकोगनेशन देना होता है तभी तो उसके जो ऑफिसर्स हैं चाहे वो विदेश सेवा के अफसर्म हो या
04:19दूसरे कुटनितिक राजनितिक यह हो तभी तो वो बातचीत के लिए आगे बढ़ेंगे जे बिलकुल दिवनासर आपके साफ से वो
04:27दो देश कौन से ह
04:28हो सकते हैं जो इस वक्त मद्यस्ता करवाने की कोशिच कर रहे हैं नाम तो उनका भी नहीं आया है
04:31वैसे हाँ देखिए ओमान ने बहुत कोशिच की थी 28 एप्रिल के पहले दो-दो राउंड तो ओमान में हो
04:40गए थे अभी जो दो देश हैं सबसे ज़्यादा प्रॉबिलिट
04:56आफनल