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ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ट्रंप के दो दूत ईरान पहुंचे, ताकि शांति की कोशिश की जा सके। लेकिन Mojtaba Khamenei ने उन्हें डांटकर वापस भगा दिया। यह घटना दर्शाती है कि मध्य पूर्व में तनाव अभी भी काफी बढ़ा हुआ है और हर कदम पर निगरानी की जा रही है। मिसाइल हमलों और राजनीतिक दबाव के बीच यह साफ हो गया है कि किसी भी प्रयास को आसान नहीं लिया जाएगा। वीडियो में जानिए क्यों Mojtaba Khamenei ने इतनी तीखी प्रतिक्रिया दी और इसका ट्रंप और नेतन्याहू पर क्या असर पड़ सकता है।

Amid the ongoing Iran-America-Israel war, two envoys sent by former President Donald Trump reached Iran to push for peace. However, they faced a strong warning from Mojtaba Khamenei, who reportedly scolded and sent them away. This surprising incident highlights the tense dynamics between Iran, the US, and Israel. With ongoing missile strikes and political pressure, every diplomatic move is under intense scrutiny. Watch this video to learn why Mojtaba Khamenei reacted sharply, what it means for Trump’s influence, and the latest updates on Netanyahu’s response in this high-stakes conflict.

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Transcript
00:00देवनात सर नए सरवोच नेता जो इरान के हैं मुस्तवा खामनेई उन्होंने सीजफायर के प्रस्ताव को खारिच कर दिया है
00:07कहा जा रहा है ऐसी रिपोर्ट से कही सारी मीडिया की दो देशों की ओर से ये प्रस्ताव इरान को
00:13भेजा गया था
00:14दो देश हैं जो मध्यस्ता करवाने की कोशिश कर रहे हैं.
00:17लेकिन मुस्तबा खामनेई ने कहा है कि
00:18पहले अमेरिका और एजराइल से हिसाब किताब बराबर होगा.
00:21उसके बाद फिशांती की बात होगी.
00:23उन्होंने कहा कि अभी मध्यस्ता के लिए
00:25सिचफायर के लिए सही समय नहीं है
00:28आपके हिसाब से अभी क्या चल ला होगा
00:30मुस्तवा खामनेई के दिमाग में और वो किस तरह
00:32हिसाब किताब करना चाहते हैं मेरका से
00:35देखिए इरान ने तो
00:36बहुत क्लियरली कह दिया है कि बाचित
00:38तब नहीं हो सकती जबकि
00:39आप मेरी कनपटी पर
00:41बंदूक ताने हुए हैं जो कि
00:43हो रहा है डोनाल्ड ट्रम्प
00:45बार बार बोलते हैं हम बाचित करेंगे
00:47एरान तुम मान जाओ एरान तुम सरेंडर कर जाओ
00:50एरान तुम जुग जाओ
00:52लेकिन बंबारी रोज कर रहे हैं
00:54तो यह समझना पड़ेगा कि
00:57एक मानसिक्ता होती है
00:59अगर
01:00अमरीका दावा कर रहा है कि उसने अब तक
01:0115,000 टार्गेट्स को नुकसान
01:04पहुंचा है है जिसमें आज
01:05पच्चिमी मीडिया दावा कर रही है कि
01:0715,000 टार्गेट्स में तो
01:0912,000 तो घर थे
01:11और्डिनरी सिटीजन के
01:13और इन 12,000 और्डिनरी सिटीजन
01:15के घर पर जब हमला किया तो
01:172,000-2,000 आम
01:19इरानी मारे गए हैं
01:21तो समझना पड़ेगा कि
01:24देश की मानसिक्ता होती है
01:26जिस बेटे का
01:27पिताजी मारा गया
01:29या जिसकी मा मारी गए
01:31उसके आखे सामने या किसी का अगर
01:33बच्चा घायल हो गया या बच्चा मारा गया
01:35वो कभी भी जुकेगा नहीं
01:38पाच्चित करने के लिए
01:39आगे नहीं आएगा
01:40इन सब देशों में
01:42सारे अर देशों में
01:44एक बात होती है कि आप इज़त के साथ जीना चाहते हो और कायर बनकर आप जीना नहीं चाहते हो
01:55ऐसी भावना भारत में भी है हमने कई बार देखा है मद्यकाल में राजपुतों ने आखरी दम तक लड़ाई लड़ी
02:04जब तक कि आखरी राजपुत मारा नहीं गया शहिद नहीं हुआ रानियों ने जोहर कर लिया
02:12तो यह हर देश की भावना होती है लेकिन अगर अमरीका चाहता है कि एरान से वो बात्चित करे तो
02:19इसके लिए बहुत जरूरी है कि बंबारी बन करें यह इंटरनेशनल प्रोटोकॉल है भारत ने 1965 की जंग में रूस
02:28के कहने पर हमने ठीक है लड़ाई बन की ताशकंद में
02:33बात हुई यानि लड़ाई पहले बन की ताशकंद में बात हुई उनिस सो एकतर में भी हमने दुनिया के देशों
02:40से युनिटिड नेशन की बात सुनके पहले लड़ाई बन की उनिस से कतर में बात में हमने शिमला समझोता किया
02:47तो यह हमेशा नियम होता है कि युद के स्थ
02:50में आपकी बाचित जो है वो पॉजिटिव डारिशन में नहीं जाती है अब इरान बाचित कब करेगा इरान बाचित तभी
02:59करेगा जब इरान को बराबर का दर्जा दिया जाए ऐसा नहीं हो सकता कि एक तरह डोनाल्ड ट्रंक बोलते रहें
03:06कि हम इरान के सुप्रीम लोड ली�
03:18दर्ण नहीं मानते हैं तो ऐसे कैसे बाचित होगी मैं जनरल आम जो लोग देख रहे हैं चैनल को उसको
03:25समझाने के लिए कहता हूँ आज अगर भारत का कोई दुश्मन देश बोल देगी वह भारत के प्रधान मंदी को
03:31रिकोग्नाइज नहीं करता
03:33या वो बोल देख जैसे डोनल्ड टरम्प बोल रहे है कि अगला जो लीडर बनेगा भारत का वो हमारा दुश्मन
03:41देश बोल देख की अप्रूवल के बाद बनेगा अप्रूवल से ही बनेगा तो भारत में जो बाचित करने वाले हैं
03:48आईएएस फॉरन सर्विस के आफिसर क
03:54कैसे बात करेंगे अगर दुश्मन बोल रहा है कि वो हमारे प्रधान मंत्री को रिकोगनाइज नहीं करता तो ये तो
04:00डेड एंड है शुरुआत ही गलत कदम से है जब आपको किसी से बातचीत करनी होती है तो सबसे पहले
04:07टॉप लीडर्शिप को रिकोगनेशन देनी होती है �
04:09बराबरी का रिकोगनेशन देना होता है तभी तो उसके जो ऑफिसर्स हैं चाहे वो विदेश सेवा के अफसर्म हो या
04:19दूसरे कुटनितिक राजनितिक यह हो तभी तो वो बातचीत के लिए आगे बढ़ेंगे जे बिलकुल दिवनासर आपके साफ से वो
04:27दो देश कौन से ह
04:28हो सकते हैं जो इस वक्त मद्यस्ता करवाने की कोशिच कर रहे हैं नाम तो उनका भी नहीं आया है
04:31वैसे हाँ देखिए ओमान ने बहुत कोशिच की थी 28 एप्रिल के पहले दो-दो राउंड तो ओमान में हो
04:40गए थे अभी जो दो देश हैं सबसे ज़्यादा प्रॉबिलिट
04:56आफनल

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