00:11सोमवार की वो काली रात काबुल की ठंडी हवाओं के बीच अचानक आसमान से मौत बरसने लगी ये कोई खुद्रती
00:18कहर नहीं था ये थी पाकिस्तान की वो ऐस्ट्राइक जिसने एक ही पल में सेकडों मासूमों को राख बना दिया
00:25एक ऐसा अस्पिताल जहां लोग नश्री के अंधेर से निकल कर नई जिंदगी की तलाश में आये थे उसे पाकिस्तान
00:31ने कबरिस्तान बना दिया
00:32आश्री कहाने किसी जंग की नहीं बलकि उन बेगुना चीकों की है जो काबुल के उम्मीद नश्रा मुक्ति केंदर के
00:39मलबे में दफ न हो गई
00:40तालिबान सरकार का दावा है कि इस हमले में 400 से जादा लोग मारे गए और 250 से जादा घायल
00:47पाकिस्तान कहता है कि उसने आतंकियों को निशाना बनाए लेकिन काबुल की जमीन पर बिखरे हुए मरीजों के फटे जूते
01:19पाकिस्तान में एक नहीं दो नहीं बलकी तीन मिसाईले दा गी
01:29डॉक्तर एहमत बली यूसफ जई जो वहां स्वास्ते अधिकारी हैं बताते हैं कि धमाका इतना जबरदस्त था कि उनके सहकर्मी
01:36एक दिवार से दूसरी दिवार तक गेंद की तरह उचल गए
01:40जो लोग बड़े कंटेनरों में रह रहे थे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिल पाकिस्तान के जुनरल मुनीर पर
01:47आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने अंतराश्टे नियमों को ताक पर रखकर इस नरसंखार को अंजाम दिया है इस हमले
01:53ने न केवल इंसानी जाने लीब
02:10कि दूसरी तरफ पाकिस्तान अपनी आर्थिक तंगी और आंतरिक कला से जूज रहा है।
02:40अब दूर तक जाएंगी कि यह हमला पाकिस्तान के लिए आत्म घाती साबित होगा। यह तालिबान की धंकिया सिर्फ शब्दों
02:47तक सीमित रहेगी। यह हमला सिर्फ काबूल पर नहीं बर्कि उस उम्मीद पर था जो इन मरीजों ने अपनी नई
02:52जिंदगी के लिए संजो
03:18अब्सक्राइब
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