Skip to playerSkip to main content
ईरान-यूएस-इज़राइल युद्ध में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के शीर्ष नेता खामेनेई और लारिजानी शायद अभी भी जिंदा हैं, जबकि पहले उनकी मौत की अफवाहें फैलाई गई थीं। इस नई जानकारी ने क्षेत्रीय राजनीति और युद्ध की स्थिति को प्रभावित किया है। इस वीडियो में हम बताएंगे कि इन खबरों के पीछे क्या सच है, ट्रंप और नेतन्याहू की स्थिति पर इसका क्या असर पड़ा और मध्य-पूर्व संकट के आगे के संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं। ताजा अपडेट्स और विशेषज्ञ विश्लेषण के लिए वीडियो देखें।

In the latest developments of the Iran-US-Israel war, shocking claims have emerged about the status of Iran’s top leaders, Khamenei and Larijani. Reports suggest they may still be alive, contrary to earlier rumors of their deaths. This revelation has significant implications for regional politics and the ongoing conflict. In this video, we analyze the truth behind these reports, how Trump and Netanyahu’s positions have been affected, and what this means for the Middle East crisis. Stay updated with real-time developments, expert insights, and a detailed breakdown of this high-stakes geopolitical situation.

#Iran #Khamenei #Larijani #USIsraelWar #Trump #Netanyahu #MiddleEastCrisis #IranNews #Geopolitics #BreakingNews

~PR.540~ED.520~HT.96~GR.122~

Category

🗞
News
Transcript
00:00वैवब जी ये समझना पड़ेगा कि एरान की सब्वेता पांच हजार साल पुरानी है
00:05तीन हजार साल से, दो हजार साल से, एक हजार साल से वो आजाद मुल्क रहा है
00:09Spirit of nationalism यानि राष्टर प्रेम, देश प्रेम की भावना बहुत मजबूत होती है वहां के लोगों के
00:16मैं दरशकों को ये भी बताना चाहता हूं कि एशिया में शायद एरान उन गिनेचने कुछ देशों में से है
00:23जो कि कभी गुलाम नहीं हुए
00:26ना France, ना England, ना Portuguese, ना Germany, कोई भी कभी इरान को गुलाम नहीं बना सका, वो हमेशा आजाद
00:34रहे
00:34इतनी मजबूत है उनके देश प्रेम की भावना, तो ये सोचना कि ठीक है अमरीका बम गिराने वाला है तो
00:42देश छोड़के भाग जाए
00:43या विजार उनके रग रग में नहीं है, एक और चीज़ जो समझनी पड़ेगी कि इरान की जो टॉप पॉलिटिकल
00:52लीडर्शिप है, मिलिटरी लीडर्शिप है, वो बहुत ही थियोसॉफिकली, यानि धार्मिक तरीके से वेवार करती है, तो जब आप, जैसे
01:04हम हिंदुस
01:04में सोचते हैं कि फलाना व्यक्ति इंजिनियर है, एरान में ऐसा होता है कि फलाना व्यक्ति इंजिनियर है और धरम
01:11में यकीन करता है, भारत में हम सोचते हैं कि फलाना व्यक्ति जो है वो एड़ोकेट है, लीगल प्रोफेशन में
01:17है, एरान में वववस्ता ऐसी है कि वो ए�
01:35वो इस तरह से ओत्प्रूत हैं धार्मिक भावनों में और देश प्रीम में कभी एरान को दगा नहीं देंगे कभी
01:44देश छोड़कर भागेंगे नहीं अभी हम अरी अली लारी जा की बात कर रहे थे होता क्या है देखे एरान
01:54में उनको प्राय प्राय एक तरह से नंबर दो की �
02:00पद्वी हासिल थी वो आयर जी सी में भी रहे आयर जी सी में वो अपनी मिलिटरी एबिलिटी की वज़ा
02:06से कम और अपना जो एक फिलास्विकल अंदाजाद था दार्शनिक अंदास था उसकी वज़ा से थे वहाँ पर गाइड और
02:13मेंटर का रोल उनर नहीं किया था वो जो
02:30एलग एरानी फोर्सेस को विदेशों में वो उसके भी इंचार्ज थे तो दाशनिक हैं थोड़ा नरम पंती भी माने जाते
02:41थे ये समझना पड़ेगा मॉडरेट भी माने जाते थे तो अमरीका को लगा कि ये शायद मुस्तफा खमानिक के बाद
02:50नेक्स्ट इन लाइन में है
02:52इरान की सत्ता में तो अमरीका का एक ही लक्षे है कि इरान की सत्ता में जो भी नमबर वन
02:58टू त्री फूर है सबको एक लाइन से मार डालें लेकिन अमरीका को कुछ हद तक इसमें सफलता मिल रही
03:05है हम बाद में डिसकस कर सकते हैं कि ऐसी सफलता अमरीका को क्यों मिल रही है
03:12बिल्कुल चोप्रा साब के पास चलते हैं देवनासर आपने जहां छोड़ा है उसी सवाल को चोप्रा साब से पूछ लेते
03:17हैं कि ऐसी सफलता इसराइल को अमेरिका को मिल कैसे रही है अभी एक और ख़वर में पढ़ रहा था
03:22उसमें दावा किया जा रहा था कि इरान ने करी�
03:25स्टार लिंग के टर्मिनल जब किये हैं और जो वहां पर बहुत सारे लोग थे वो स्टार लिंग के जरी
03:31इंटरनेट की हासिल करके वह बहुत सारी ऐसी जानकरिया इरान से बाहर भेज रहे थे जो बहुत सम्मेदर शील मानी
03:38जा रही है इस युद्ध के दौरान आपके हिस
03:40आइर जीसी ने जो जनौरी के महिने में वो अभियान चलाया था और इरान विरोधी सरकार विरोधी बहुत सारे लोगों
03:47को कुचल दिया था उन्हें मौत की घाट उतार दिया था अभी भी बहुत सारे लोग तो मौझूद है ऐसा
03:52लग रहा है जो इरान की खुफिया जानक
04:10इस्राइल और युएस ने इलिमिनेट करा है तो ये सारा मुसाद की इंटेलिजन्स के बेसिस पर ही होता है और
04:15जैसा इस बार अटाक हुआ था जो पहले दिन उन्हें अटाक करा था वहाँ पर आप देखेंगे कि गलतियां भी
04:21होती हैं जहां पर 160 जो बच्चे थे वो बच्�
04:37सेक्यूरिटी काउंसिल चीफ अले लरिजानी की डेथ की बात कर रहे हैं दो भी तक कनफर्म नहीं हुई है लेकिन
04:41अगर कल को वो कनफर्म हो भी जाती है मेरा क्वेश्चन है तो सो वाट उससे क्या होगा आप उनकी
04:47टॉप लीडर्शिप को कितनी बार इलिमिनेट कर चुक
05:07वो अपॉइंट हो को उनके बेटे आ गए मुस्तवा खामे नहीं और अब आने वाले टाइम में भी उनके सक्सेस
05:11अल्रेडी अपॉइंटेड है हाँ आज जो उनकी पारा मिलिटरी बसीज फोर्स है उसके जो हैड है सुलेमनी उनका भी कनफर्मेशन
05:20आया है कि उनकी भी मौ
05:3524 था क्योंकि इतने सालों में जब आप किसी कंट्री पे अटाक करते हैं तो वो आपकी स्ट्राटेजी समझ जाता
05:40है उन्हें ये पता है कि हमारे वीक पोइंट्स क्या है हमारे स्ट्रॉंग पोइंट्स क्या है और उसी तरह से
05:44उन्होंने इतने सालों में प्लानिंग करी है �
05:47अब finally जब इस बार की जो एक जिसे मैं बोलूँगा बिल्कुल zero objective war जो छेडी है Americanis का
05:53कोई objective नहीं था क्योंकि objective क्या था regime change आप इरान की regime change नहीं कर सकते देवनाथ सर
05:59ने बिल्कुल सही कहा है इतनी पुरानी civilizations है अगर आप इरान-Iraak war देखे पांच लाग से एक million
06:05लोग उस war म
06:06मरे थे लेकिन इन लोगों ने हार नहीं मानी थी आप इतनी बड़ी civilization को और ऐसे fighters को नहीं
06:12हरा सकते अब इस समय क्या हो रहा है सारे लोग कोशिश कर रहे है किसी तरह से ground operation
06:16अमेरिका स्टार्ट करे और मैं आपको बता रहा हूँ जिस तरह से हम अफगानिस्तान को graveyards of empire कहते हैं
06:22अगर कल को अमेरिका ने ये गलती करी ground operations की तो देखेंगे आपके अमेरिका का अलग एक different graveyard
06:28इरान में बनेगा जैसा उनका वियत नाम में हुआ था जैसा उनका बाकी states म
06:31हुआ है
Comments

Recommended