00:00जब जर्मनी ने अटैक कर उन्ने सो एक्तालिस में तो हजारों महिलाएं सामने आई हम भी सेना में जाएंगे
00:05तो चुरू चुरू में उनको कहा गया नहीं लेकिन कुछी महीनों में अक्टूबर आते आते जून में आक्टूबर आते दिखने
00:13लग गया
00:13कि जर्मन तो चढ़ आएंगे बिलकुल मॉस्को से 20 किलूमिटर तक आ गए था जर्मन तो फिर महिलाओं को सेना
00:19में सबको सुईक्रती दी गई उनको फाइटर के रूप में सुईकार किया है कि आओ तुम भी फाइटर गणो
00:24Soviet Union became the first nation to allow women pilots to fly combat missions
00:29Combat missions, combat मतलब पाइलेट होती हैं पर उनको दूसरे तरीके के mission दे दिये जाते हैं
00:35Logistics का mission दे दिया, Relief and Rescue का mission दे दिया और combat mission में महिलाएं
00:4030,000 उडाने Soviet महिला पाइलेटों में भरी combat role में
00:46Heroes of the Soviet Union का अवार्ड है वो 20 महिला पाइलेटों मिला दो फाइटर एसेस भी थी, फाइटर एसेस
00:54वो होती हैं
00:55जो दुश्मन के एक नहीं कई जहाज मार के गिराती है वो भी दो महिलाई थी
01:00और पूरा इसने भिवरन है, 18 साल की रड़की है उसको Hero of the Soviet Union का मिला
01:04एंटी एरक्राफ्ट गन लेके बैठ गई थी, आते जाओ और इसके बाद जब जर्मनी का पूरा नाश हो गया
01:11तो जो पूरा जर्मन रिकंस्ट्रक्शन हुआ आगले 10 साल में, वो महिलाई नहीं करा
01:16कि पूरुष तो बचे ही नहीं थे, modern जर्मनी जो आज का जर्मनी उसको महिलाऊ नहीं बनाया है
01:22आजादी के भीतरी और गहरे मायने समझो
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