00:00आज अपिक तर इंडियन ट्राइशन यूथ
00:02जो रहा है जिसको भारतिये दर्शन समझ में आने लगा है
00:20आज मैं कह रहा था ना दार्शन एक तो हर व्यक्ति होता है
00:22बस हमने किसी छोटी चीज को
00:25किसी थोड़े से निचले स्थरगी चीज को
00:27दर्शन ही कहकर पकड़ लिया होता और उसको सत्यमाने बैठे होते हैं
00:31तो आज ऐसे लोग चाहिए
00:33कि जो लोक दर्शन है जो पॉप फिलोसफी है उसको चुनोती दे सकें
00:39यही तरीका है लोगों तक सच्चा दर्शन लाने का
00:41अगर किसी विक्ति को लग रहा है कि
00:43वो जो विचार लेकर चला है जिन्दगी का जो नमूना वो पकड़कर बैठा है
00:47जो उसके पास मेंटल मॉडल हैं आदर्श हैं कलपनाई हैं वविश की योजनाई हैं
00:52अगर उसको लगता है यह सब बढ़ी है ठीक है
01:09तुम बताओ अपने आपको क्या मानते हो जिन्दगी को क्या मानते हो प्रत्वी को क्या मानते हो और आगे भविश
01:14में क्या करना चाहते हो बताओ
01:15और फिर उस पर चर्चा होनी चाहिए, तो इस तरीके से लोग जो मानिताएं कलपनाएं पकड़ कर बैठे हैं, उनको
01:21थोड़ी चुनौती मिलेगी, जब चुनौती मिलती है न, तो एक खाली जगा तयार होती है, जिसमें फिर उंचा दर्शन उतर
01:28सकता है.
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