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यह वीडियो 12.03.2026 को आयोजित संत सरिता सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00आपको मालूम है आपकी प्रत्वी ही नहीं, आपका सूरी ही नहीं, आपकी पूरी आकाश गंगा विनाश की ओर बढ़ रही
00:05है, आपकी जो पडोसी आकाश गंगा है, अंड्रोमीडा, वो और आपकी मिलकी वे, ये दोनों एक दूसरे की ओर बढ़
00:13रहे हैं और ये टकरा जा�
00:27पर पुष्टों का भी तो वंश का भी तो ख्याल रखना पड़ता है ना ऐसा अचारी जी आपका तो कोई
00:31है निया में अपना तो सूचना पड़ता है
00:36हमारा कुछ भी हो जाए कुल की रक्षा होनी चाहिए
00:40आकाश गंगा वगारा तो ठीक है यह जो पडोसी पांस सो उधार लेकर बैठा है यह बिना लोटाई ही मर
00:47जाएगा क्या
00:51आपको कोई लेना देना ना हो तो आप कहेंगे अदभुत घटना दो आकाश गंगाएं आपस में टकरा रही है
00:57और दोनों आकाश गंगाओं में करोडों अर्बों सूरे जैसे तारे हैं और यह सब एक दूसरे से आकर भड़ रहे
01:03हैं सोचो
01:05कितनी मज़ेदार बात है आकाश गंगाओं का नित्त हो रहा है मिलन हो रहा है वह भी तुमारे खोपड़े में
01:13यही घुमेगा कि वह पास्व तु लिए बैठा है मरने नहीं दूँगा तुझे
01:17यह सब सिर्फ हो रहा है मिट्टी थोड़ा सा सतह से उठखड़ी हुई है हमारा रूप ले लिया है उसमें
01:29बधाई गाने जैसी कोई बात नहीं थी वही पुतला अभी बिखर जाएगा उसमें रोने जैसी भी कोई बात नहीं होगी
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