00:03इरान ने बोला है कि युआन में पेमेंट करो और अपने जहाज हारमुज स्टेट से निकाल लो
00:09तो देखे जिसा आपको पता है कि अब जो अमेरिका इरान युद्ध है वो लगभग 18 दिन में पहुँच चुका
00:15है
00:15अंतराश्टी मुद्रा के रूप में डॉलर एक्सेप्टेंस पूरे विश्व में है उसी तरह से जो चाइनीज करंसी है युआन जिसे
00:23आरेंबी भी कहते हैं उसे माननेता दिलवाई जाए कि युआन गेंबिट पॉलसी को अगर आगे बढ़ाता है इरान जिससे चाइना
00:31को �
00:31फाइदा होगा तो उससे क्या नुकसान हो सकता है नमस्कर दोस्तों आज बात करेंगे एक इंपोर्टन डवलपमेंट पर और वो
00:38डवलपमेंट यह है इरान ने बोला है कि युआन में पेमेंट करो और अपने जहाज हारमुज स्टेट से निकाल लो
00:45तो आईए इस पूरे �
00:47घटने करम का विशलेशन करते हैं और जानने के कुशिश करते हैं कि इरान ऐसा क्यों कर रहा है युआन
00:54गैमबिट पॉलसी क्या है और आगे अब इसका क्या भविश हो सकता है तो देखिए जैसा आपको पता है कि
01:00अब जो अमेरिका इरान युद्ध है वो लगबग अठार
01:13चल रहे हैं बहुत सारे घटने करम हो रहे हैं और इसी के साथ साथ पूरे विश्व में जो 20
01:18% टेल निकलता था हारमूज स्टेट से उसकी सप्लाई बादित हो रही है भारत में परिशानी आना शुरू ही हाला
01:24कि भारत सरकार मैनेज कर रही है लेकिन इन सभी घटने करम के �
01:28बीच में इरान ने बोला है कि अब जिस जहाज को हारमूज स्टेट से निकलना है वो युवान में अगर
01:34पिमेंट कर रहा है तो उसे वो वहां से निकलने देंगे तो ऐसा चीन ऐसा इरान क्यों कर रहा है
01:41तो इसे समझने के लिए हमें समझना पड़ेगा पहले जो युवा
01:57से अंतराश्टी मुद्रा के रूप में डॉलर एक्सेप्टेंस पूरे विश्व में है उसी तरह से जो चाइनीज करंसी है युवान
02:05जिसे आरेंबी भी कहते हैं उसे माननेता दिलवाई जाए और उसके माध्धम से पूरी दुनिया में धीरे धीरे युवान की
02:14सुईकारता क
02:18आपको पता है कि इरान के ऊपर जो अमेरिका के बैन लगे थे और उनका तेल कोई भी नहीं घरी
02:24सकता था लेकिन चाइना लगभग 1.5 मिलियन बैरल प्रती दिन टेल खरीता रहा इरान का तो अब इरान ने
02:35इस एहसान का बदला चुकाने के लिए और इस युवान गैंबि�
02:45किया होगा पैट्रोलियम का ओयल वगेरा का वो हारमूज स्टेट से गुजर सकता है चाहे वो किसी भी देश का
02:51हो अब देखी इसमें एक बड़ी स्थिती विचतरसी बनेगी कि अभी तक क्या हो रहा था कि जो भी तेल
02:59खरीदा जाता है वो पैट्रो डॉलर उसे पैट्रोल
03:14का इस बात को बिल्कुल एकसेप्ट नहीं करेगा और दूसरे देशों के लिए भी एकदम से युआन पर शिफ्ट होना
03:19मुश्किल है लेकिन इस तरह से जो ये युआन गेंबिट पॉलसी है देखिए गेंबिट का अर्थ होता है शतरंज की
03:26चाल या चाल चलना तो अब जो
03:44दिया है कि हारमूज स्टेट बहुत बुरी तरह से उसने ब्लॉक और चौक करके रखा है बहुत ही सीमित जहाजों
03:50को जिसमें चाइना के जहाज हैं भारत ने भी डिप्लोमासी से बात करके अपने एक दो जहाज बहां से निकाले
03:56हैं और जहाजों को निकालने पर बाच्च
04:12करें अपनी नेवी भेजें लेकिन कोई भी देश चुकि पिछले एक साल में जिस तरह से ट्रंप ने वैवार किया
04:18है पूरी दुनिया के साथ अपने टैरिफ के मुद्दों को लेकर अब कोई भी देश विशेज तो पर जो नटो
04:23देश हैं यूरोपियन देश हैं वो भी म�
04:29पान कोरिया जैसे देश भी अब फिलाल मदद करने की ना इस्तिती में ना करना चाहते हैं फ्रांस जर्मनी और
04:36इसके लावा इंग्लेंड तो लगबग मना ही कर चुके हैं कि वो सहयोग नहीं करेंगे तो ये ट्रंप भी फस
04:42चुके हैं अब अगर देखिए इस पॉलसी को क
04:46युआन गेंबिट पॉलसी को अगर आगे बढ़ाता है इरान जिससे चाइना को बहुत फायदा होगा तो उससे क्या नुकसान हो
04:52सकता है तो प्रमगरूप से देखिए बहुत लंबे समय से मांग चल रही है पूरी दुनिया में डी डॉलराइजेशन की
04:58यानि डॉलर का प्
05:14भारत ने भी जब रश्या से तेल खरीजा था तो वो रुबल रुपे में तेल खरीदारी हुई थी डॉलर में
05:20नहीं हुई थी तो इस तरह जो इस्तिती बन रही है उसमें अमेरिका की जो लंबे समय से एक नाइट
05:26मियार है एक दूस्वापन है कि कोई डॉलर डी डॉलरा�
05:40से ठंडा हो गया जो विश्व में सुफ्ट यानि जो बैंकिंग प्रणाली है उसमें भी डॉलर का डॉमिनेंस है अपने
05:49डॉलर डॉमिनेंस के कारण ही जब अमेरिका प्रतिबंद लगाता है किसी देशों में तो वो प्रभावी हो जाते हैं लेकिन
05:55अगर डी डॉलराइश
06:10इनकी प्रिक्रिया चुड़ी तो उससे भी उसे नुकसान होगा और सबसे बड़ी बात ये है कि जो इस्थितियां है अभी
06:18इस समें ट्रंप मदद मांगने के बाद भी उन्हें मदद नहीं मिल रही है देश मदद नहीं कर रहे हैं
06:23तो ये स्थिति भी अमेरिका के लिए खर
06:39किया है उससे भविष में तेल संकट आने की संभावना बनने लगी है आर्तिक संकट आने की संभावना बनने लगी
06:45है सप्लाइचें मैनेजबेंट में डिस्ट्रप्शन हो रहा है दुनिया में शेयर मार्केट गिर रहे हैं तो अब इस्थिति जिस तरह
06:53से बन गई है उसमे
06:54अमेरिका को
06:56इस इस्तिती की गंबीरता समझते हुए
06:58युद्ध समाप्ती पर विचार करना चाहिए
07:00विशेश तोर पर
07:02UNO, European Union,
07:04रूस, चीन, भारत जैसे देशों
07:06को साथ में आना चाहिए इस समस्या को
07:08सुल जाने में मदद करना चाहिए
07:10तो विश में और दुनिया में
07:12निश्यत तोर पर आने वाले समय में
07:14एक बड़ा आर्थिक संकट आ सकता है
07:16धन्यवाद
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