00:00आजणिया देख जी, फिल्में और कला समाज का आइना होती है, अगर आइना ही गंदा हो जाए तो चेहरा साफ
00:06कैसे दिखेगा?
00:07फिल्म कैडी देविल में गाना सरके चुनरिया के बोल हमारे समाज और संस्कृति की बली चड़ा रहा है
00:14आज चाहे ओटीटी हो, लाइव कंसर्ट हो, म्यूजिक अलबम हो, यह मनोरंजन है या श्लीलता का नंगा नाच सिर्फ व्यूज
00:20के लिए सुरों का गला घोड़ती है श्लीलता, सब्दों की मरियादा, कला का सम्मान, संगीत की पवित्रता, लगातार खोती जा
00:27रही है, तांस
00:44अभिव्यक्ती की आजादी, मैं मानी मंती जी से जानना चाहता हूँ कि अभिव्यक्ती की आजादी के नाम पर विभिन माधिमों
00:51से समाज को परोसी जा रही, अश्लीलता पर ततकाल रोक लगाने के लिए, सरकार कोई कदम उठाएगी, कोई नया डिजिटल
00:59कानून बनाने �
01:28पर विचार करेगी.
01:37पर विभिन माधिमों से जिस तरह से आज तेजी से चीजे फैलती है, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन के लिए
01:52विशेशकर, बच्चों के प्रोटेक्शन के लिए, माईलाओं के प्रोटेक्शन के लिए, समाज के वंचित वर्गों के प्रोटेक्शन के लिए,
01:59जो भी कड़े action लेने चाहिए वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद है
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