00:00एक ऐसा अवसर है जो हमें इस सतन में हर दो वर्ष के बाद कुछ भावुक प्रणों में डुबो देता
00:13है
00:15इस विशेश अवसर पर आपने मुझे अपने भावनाए प्रगत करने के लिए जो अवसर दिया
00:25इसके लिए मैं आपका बहुत प्रदाभारी हो
00:35सदन के अंदर अनेक विश्यों पर चर्चाएं होती है
00:45हर किसी का भौत ही महत्वपुन योगदान होता है
00:51कुछ खटे मिठे अनुभव भी रहते हैं
00:56लेकिन आज जब ऐसा आउसर आता है तो स्वाभायू करूप से
01:02दल्गत भावना से उपर उठकर करें हम सब के भीतर एक समान भाव प्रगत होता है
01:10यार यह हमारे साथी अब किसी और विशेस काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं
01:20यहां से जो साथी विदाई ले रहे हैं कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं
01:32और कुछ विदाई के बाद यहां कानुभव ले करके समाज जीवन में कुछ न कुछ विशेस योगदान के लिए जा
01:40रहे हैं
01:44जो जा रहे हैं लेकिन आने वाले नहीं हैं
01:50उनको भी मैं कहना चाहूंगा कि राजनीती में कोई फुल स्टॉप नहीं होता है
01:57भविश्य आपका भी इंतजार कर रहा है और आपका अनुहव आपका योगदान राष्ट जीवन में हमेशा हमेशा बना रहेगा
02:11अधरिय समाबती जी इस सदन में जो भी सदन इसले लेकिन मैं जुरू कहूंगा
02:25आदर्निय देवगोडा जी आदर्निय खरगे जी आदर्निय शरत्पवार जी यह ऐसे वरिष्ट लोग हैं
02:36जिनके जीवन का आधे से अधिक उमर समसद्य कार्य प्रणालिव गई हैं
02:46और इतने लंबे अनुभों के बार भी सभी नए सांसदों ने सीखना चाहिए
02:59वैसे समर्पित भाव से सदन में आना
03:05जो भी हमसे उनसे बन सकता है उतना योगदान करना
03:11इने समाज में से जो जिम्मेवारी मिली है उसके प्रती पूरिश तरह समर्पित रहना
03:21इन सब बरिश्ट लोगों से हम जैसे सब कुछ सिखने जैसा है
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