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  • 2 weeks ago
Transcript
00:00तो गाष में रस्तित जा रहता भेल पुडि खा रहा था तभी मुझे मिल गए ग्रेनी और ग्रेनपा
00:05परगार परगार था
00:07ओमें इगार था आजा हिम्मत जपकर कर दिखा मुझे
00:11आजा
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