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West Bengal Election 2026 सिर्फ 2 Phase में क्यों? जानिए किसे होगा असली फायदा? | Oneindia Hindi
बंगाल चुनाव में चुनाव आयोग (Election Commission) के एक ऐतिहासिक फैसले ने पूरी राजनीति को हिला कर रख दिया है। जानिए 8 चरणों में होने वाला चुनाव अब सिर्फ 2 चरणों में क्यों सिमट गया और इससे किस पार्टी को लगेगा बड़ा झटका!

The Election Commission has strategically decided to conduct the West Bengal Assembly Elections 2026 in just two phases, a massive shift from the eight-phase polling in 2021. This monumental move aims to completely curb electoral violence, ensure maximum and strict deployment of central security forces, and provide a fair voting environment. Watch the full video to understand how this impacts the political dynamics between TMC, BJP, and the Left Front.

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Transcript
00:00पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का केवल दो चरणों में होना एक बहुत बड़ा और एतिहासिक कदम है क्योंकि पिछले
00:08कई चुनावों से यहां मतदान हमेशा लंबे और कई चरणों में होता आया है।
00:30पश्चिम कारण और राजनीतिक तथा सुरक्षा संबंधी समीकरण छिपे हैं। सबसे बड़ा कारण सुरक्षा विवस्था और निश्पक्षता से जुड़ा है।
01:00कई चरणों में चुनाव होने से उपद्रव्यों को पूरे राज्ज में घोमने और एक के बाद एक कई इलाकों का
01:05माहौल खराब करने का परियाप्त समय मिल जाता था।
01:08अब सिर्फ दो चरणों में चुनाव होने से इन तत्मों को एक जगह से दूसरी जगह जाने का मौका बिलकुल
01:14नहीं मिलेगा।
01:15राज्ज के आधे हिस्से में एक साथ चुनाव होने पर पुलिस और केंद्रिय सुरक्षा बलों की तैनाती बहुत सख्त और
01:22सघन होगी, जिससे चुनाव में गडबड़ी की गुनजाईश न के बराबर रह जाएगी।
01:26इसके अलावा लंबी चुनाव प्रक्रिया से सरकारी मशीनरी, राजनी तिक दलों और आम जंता तीनों को भारी परेशानी होती थी।
01:46अब दो चरणों में चुनाव निपटने से समय और संसाधन दोनों की भारी बचत होगी।
01:51छोटे राजनीतिक दलों के लिए भी ये राहत की बात है क्योंकि लंबा चुनाव प्रचार बहुत खर्चीला होता है और
01:57अब हुने कम दिनों तक प्रचार में पैसा और अपनी पूरी उर्जा लगानी पड़ेगी।
02:02अगर राजनीतिक फायदे की बात करें तो इस फैसले से सभी प्रमुख दलों को अलग-अलग तरीके से लाभ मिलने
02:08की उम्मीद है।
02:09सत्ताधारी त्रणमूल कॉंग्रिस को इसका ये फायदा मिलेगा कि वो इसे अपनी सरकार की बड़ी सफलता के रूप में जनता
02:15के सामने पेश कर सकती है।
02:17वे ये संदेश दे सकते हैं कि उनके शासनकाल में राज्य में कानून व्यवस्था इतनी अच्छी हो गई है कि
02:23अब आठ चरणों की जरूरत ही नहीं बची है और बंगाल में पूरी तरह से शान्ती है।
02:28इसके साथ ही छोटी चुनाव प्रक्रिया से किसी भी प्रकार की सत्ता विरोधी लहर को पूरे राज्य में फैलने और
02:35मजबूत होने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता है।
02:38जो किसी भी सत्तधारी दल के लिए हमेशा एक रणनीतिक राहत की बात होती है।
02:43दूसरी तरफ भारतिय जन्ता पार्टी और वामपंथी दलों जैसे विपक्षी खेमे को भी इस नई विवस्था से अपना बड़ा फाइदा
02:49नजर आ रहा है।
03:13चुनाव आयोग से एक ही चरण में मद्दान कराने की अपील भी की थी। ताकि बाहरी लोगों का प्रभाव पूरी
03:18तरह खत्म किया जा सके।
03:20विपक्ष को पूरा भरोसा है कि छोटे चुनाव से धांधली रुकेगी और उन्हें अपनी पूरी संगठनात्मक ताकत एक साथ जोकने
03:27का सही मौका मिलेगा।
03:28कुल मिलाकर चुनाव आयोग का ये फैसला बंगाल की चुनावी राजनीती में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है।
04:00कर दो कर दो कुल मिलेगा है।
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