00:00जिन से रोज आदमिया गजनता आ रही है रोज जारिया उल्टी तो वह उल्टी फिर वाविस नहीं आएगी यह बताइए
00:05जिनके घर में चूले नहीं जले वो क्या करेगा
00:10कि गल से दो दिन पहले से लेनम लग्के चले जा रहे हैं आख बनी हुई है आखंत परेशाने अग्वा
00:22ये फ्ला दिया के दो आजर की बिगरा ती नाजरी बिगरा वह अपने भुक करा के कि रायदान को दे
00:27रहा होटेल अलों को दे रहा रेडिवाल वानुक दे रहा
00:32कि आज हमें नप्य सरंडर मिले और कश्चवर याप तीन सो है इस पुर्दी कर दूगा अर कमपनी कहां से
00:39करेंगे देखो
00:44है हर चीज को महँगाई को करकर के हमारा फून को जो सुनिगा रहे है यह पबलक को असम बना
00:53रहे है अब यह ज़्या शलेंडर के क्या खाना बना लंगे यह बच्चे या भूकर मतना है
01:11अब क्या करते हैं तम को रासन दे रहे हैं
01:28अच्छे भूक के अच्छे रही साओं मी कटोला लेकर सबक भखड़े है
01:32उनको रासन मिल्रहा है आपको रासन देने के लिए कह देते हम आपको फ्री खिला रहे हैं
01:40ہरचीज महँगाई करकर के हमारे जूस को लिकार आजा रहा है और चीज को महँगाई करτά दी है
01:56स्कुर्णाम के लिए
02:04कितने उमर की इतनी है तो मैं सिलिंडर की राइन में
02:22प्रवाइब को नहीं हो सकता हमारा यह सरकार हमारी गंदी हो चुकी है
02:51यह सीधे सीधे दिल से आवाज निकली है एक सतर साल के वृद्ध से जो यहां पर अपने परिवार के
02:57लिए सिलिंडर का इंजाम करने के लिए आया है
02:59सोचने वाली बात होगी जो बाते इन्होंने उठाई है क्या गरीब खाना नहीं खाएगा क्या वो सही आत्मी नहीं है
03:06सिर्फ अमीर लोग जिनके घर में चार-चार सिलिंडर है जैसा इनका कहना है
03:10क्या हूं नहीं अतिकार है इनका गुस्ता लाजमी है और ऐसे ही कई लोग यहां आजपास से आये हैं जो
03:19सुबह से इन्फेक्ट रात से ही यहां पर नॉइडा में लाइन लगाकर पड़ें
03:25यह सवाल सरकार से पूछना होगा कि जब कल जो ऑल सेक्रेटरी है उन्होंने का है कि सारी शिलिंडर्स की
03:35सप्लाई जो है बिलकुल वह है और ऑपोजिशन जो है इसको मुद्दा बना रहा है लेकिन यहां जिस तरह से
03:40लोग खड़ें उसको देकर तो लगता है
04:08यहां लोगों में
04:13अब यहां जितनी संख्या यहां सिलिंडर्स की है उससे अंदाजा नहीं लगता है कि यहां 200-300 लोग उनको यहां
04:29पर सिलिंडर्स अज मिलेगा और अगले दिन सिलिंडर्स की गाड़ी के आने की संभावना कम से कम नजर आती है
04:33समय कुछ बात कर दिए सब करको पता है एक दम्हाराइ पता है कि भाई आपकदा रेज़ी सोग आदमी आजां
04:46खाना
04:47अचारा से वागया शेलंडर हो सकता तो जो जिन को नहीं चाहता बहुत बहुत कर देंगा लग और यह प्रवेट
05:01कम्पनिया है
05:02यह प्राइबेट कंपणी कंपणी यह एकदम से पूर्ती कैसा कर लेगा यह तो बताव ना अब यहां से एकसल गुजरता
05:11था तो इसनी लंबी लाइन कभी ने लेकिन आप लोग हमेशा दिखते यहां जरूर थे तो आपको लगता है कि
05:15लोग अचानक से आ रहे हैं कमी हो गई
05:31इसकि नखरी बिगरा वह अपने बुख कराए कि रायँ देरा होटेल होटेल वाले को देरा रा एसा हो रहा है
05:38तिकष्ट है और वाले किसी को जुरूरत नहीं है उनको प्लेक करना है इस यह जवार और तूसरी पास ते
05:49बीडे ना है वह राम से बैड़कर लेकिन उनको परि
06:05सब्सक्राइब कर दिया आपता नहीं है तो यहां पर भीड़े आपता जाएगी
06:29आज यहां पर भीड़े आपको लगता है वह सब्सक्राइब हो जाने हैं जो एक दम से जग्या ना वह एक
06:37दम से सो भी जाएंगे एक मैने बाद उनको मिलना है और एक मैने में अपना बिलकुल रोटिस्ट नमा जाना
06:42और आसे पीछे से आपको कोई कमी मश्यूस नहीं पीछे
06:46जो देखो पहले जैसा आ रहे थे ऐसे ही आ रहे हम एक सो दास आपको भी आप इतर से
06:51जाते थे अपने भी देखा हुआ घाटी बढ़ रही है देख लो एक सो दस पहले बहाते थे एक सब्सक्राइब
06:57लेकिन जो तुमारे कस्टमर भूग नहीं कर रहे तहो एक दम आचनक से
07:01बुक कर दिया वैं तीन सो जो हमारे सो आते थे अब तीन सो एक दम साधा का से पुट्टी
07:05कर लेंगे हम तीरे तरह तो गोबर होगा ना एक दम से नहीं हो सकता वाई कम सरकम पंदर दिन
07:11लेगा अब अगली खेप टबाएंगे एक अपते बाद नहीं यहाट दिन आज हमें 90
07:36मेरे पास सिंगल सिलेंडर है
08:02अब तो इन्हों ने बोला कि हो गया होगा तो मैं तुम्हें अभी साइड रहो मेरा सिलेंडर भी वहां उपर
08:06रखा हुआ है कहरें बाद में देखेंगे
08:08अब मैं तीन दीन से दोडा रहे हैं मुझे दिन से दोडा रहे हैं खड़ें जाए आंक बनी हुएंगे अखने
08:26पर एसाने फिर में आई युकर बोल दीगा लेडी स्कूल आना तुम्हारी आख बनी हुएंगे वे खड़ेंगे चास नहीं
08:32रहे हैं आज भी नो बोल देखा नब तुम और मैसी जाया हुए है तीन दिन हो गई बताइए कहां
08:43से पैसे जमा हो रहे हैं पैसी जा रहा है यह दिली से सटे नौइडा की कहानी है नौइडा सेक्टर
08:51श्यालेश जहां पर किनुस्तान पेट्रोलियम के एक गैस एजनसी है जो
08:58और पिछले तीन-चार दिनों से यहां के सिती कुछ अलग है यह लंबी खतारें जो आप सिलिंडर की देख
09:03रहे हैं यहां से शुरू तो जरूर होती है लेकिन खत्म हो रही है तकरीबन सौ मीटर आगे जहां पर
09:09एचपी गैस देने का काम कर रहा है गैस देने का काम कर रहा
09:25है पहली भार लाइन में इतनी लंबी लाइन में लगiform hart उम्मीदेश सुबर साबर्चर बज़े से ऑन से खाड़ा हुर
09:31अब हुह से आते यहां अच अब है अब उमीद हैं लोग उनका किने बाली नहीं मिले गा
09:52अब फिर आज बोले था कि दो बज़े राप में आज आने के लिए दो बज़े तो हम लोग सोते
09:57हैं दो बज़े आएंगे कैसे त्री साड़े शे बज़े फिर भी आये हैं
10:03अचानक से बड़ी हुई डिमांड है या सप्लाई कम हो रही है क्या लग रहा है देखिए पीछे से क्या
10:09पॉर से से मालूम नहीं है लेकिन हमारा तो खुद का खतम हो रखा है मैं कहीं से ऐरेंज करके
10:142-3 kg कर रहे हैं बाकी खतम हो गया है वो भी खतम हो जागा तो मिल भी नह
10:19है कहीं पर चिंता जनक सिती है यहां पर आप कहां से आए हैं और कब से हैं और साथ
10:28बज़े आक लग गया परसो भी ऐसी चला गया और आज विदेख लाइन में अब हमने वहां बात की एच्पी
10:35से उनका कहना है कि अच्छानक से बड़ी हुई डिमांड की वज़े से ऐसा हो
10:39है सप्लाइज इसके पीछे आपको क्या लग रहा है लोग धब्रा भी रहे हैं कि जो सिलिंडर खालियों से अभी
10:45-कभी भरवा ले हैं हमारे पास जो पड़ोसी से लेकर काम चला रहे हैं और आज लेने के लिए उसको
10:53वापिस देना है हम उम्मीद करते हैं कि सफलता मिले इ
10:59यह तो बड़े सिलिंडर हैं यह गोश्तिलेंडर से लेकिन जो छोटे सिलिंडर से उसका भी हम सुन रहे है कि
11:04बढ़ पड़ा दिया है रहे है
11:13प्रचाब्शाम एक स待 करएं पर किलों उसको रोकने के बाद आप पापलिक औहुत हो ज्यह्यादा बाढ़ने अब च्छोटे से पुंड़म
11:29आ
11:55लोगों में इस तरह का मन मुटाओ जब बात आ जाती है जब बात आ जाती है रोटी कपड़ा मकान
12:01खाने
12:02पर और परिवार पर तब एक मन में चोट आती है जैसा भाई साम ने का कि इससे अच्छा तो
12:06हम वोटी नहीं डालते हैं यह बहुत बड़ा सवाल है प्रशासन के लिए सरकार के लिए और उन तमाम हुक्मरानों
12:12के लिए जो ये सुनिशित करना जिनकी पहली जिम्यदारी बनत
12:29यहां पर लेकिन आज इरान और अमेरिका के इस युद्ध के चलते भारत पर जो यह गैस का संकट मन
12:36रहा है बहुत राजनेतिक हलकों में और सियासी हलकों में सिखा जा रहा है कि ऐसी कोई भी कमी नहीं
12:42है अगर ऐसी कमी नहीं है तो फिर यह लोग यहां पर चार बज़े से
12:45दो वजए से क्यों खड़े हैं इस सोचने वाली बात है और रिटरन भी जा रहे हैं तेन दिन से
12:55आ रहे हैं बस घैस जाते जाते खतम हो जाते कल तो बोले कि आया यह नहीं गैस तब्पर हम
13:00लोग आ पस हैं और नौकरी करते है आज सनिवारे चुटी है या नहीं डिवेटी
13:15इस जिम्मेदारी को पूरा करना एक बाप ही समझ सकता है एक भाई ही समझ सकता है और इस जिम्मेदारी
13:23से मुकरना क्या हमें चाहिए यह सरकार को चाहिए कि वो इसे किसी ना किसी तरह से पूरा करे और
13:31ध्यान दे कि अगर यहां 200 लोग घड़े हैं तो HP जैसा संस्थान सिर्�
13:36अब्बे सिलेंडर लेकर ना आए या फिर दूसरी रसद पहुंचाए रिफिल पहुंचाए रिफियूलिंग पहुंचाए यहां से आधे लोग वापस चले
13:44जाएंगे जैसे कि दो दिन से जाते रहे हैं उसके बाद क्या होगा कल रविवार है और परसों सुमवार को
13:50यह भी�
14:04है कि यहां पर लोग सूँएंगे क्योंकि अगर सिलिंडर नहीं होगा घर में काना कैसे बनेगा बच्चे neighborhood काना केंगे
14:11यह है चिनता का विष्चा रहे ==
14:18जिन से रोज आदमी आ रही है रोज जारिये उल्टी तो उल्टी फिर अब इस नहीं आएगी यह बताइए जिनके
14:24घर में चूले नहीं जले वो क्या करेंगा जिनको स्लेंडर आप नहीं मिलेगा और विचारे कल आएंगे कल भी नहीं
14:29मिलेगा परसुन आएंगे तो बढ़ता
14:48क्या करें आधमी 500 तो डूसो रुपया से मोटों लेता आनेजाने रहें स्लेंडर से क्या करें उसका आधमी सल्यंडर को
14:56खरीद है आधमी उसको उड़तों को पूरा करें 15 दिन का यह जो बता रहे है 15 दिन में शिजिती
15:02खीक हो जाएगी आपको ऐसा लग रहा है जो कर्डिस
15:19इस तो आते ही रहेंगे ना अब कल गाड यहीं जो आए यहीं सिलेंडर आते हैं या आज पास भी
15:39मिलता है हैं यहां पर भी मिलते हैं
15:41मतलब उसके हैं अगर आप लाइन देखेंगे उसे अदाजा लगता है कि काफी किलत वाली स्थिती है लेकिन सप्लाइर्स का
16:05कहना है कि सप्लाइब में कोई कमी नहीं है जैसा पहले थी वैसे ही है
16:09और उसको ध्यान में रखते हुए ये सप्लाइब कर रहे हैं और 90 सिलिंडर जो उन्हें हर दिन मिलता था
16:16वही संख्या जो है वो पूरी कर रहे है अचानक से बड़ी इस मांग के पीछे क्या कारण हो सकता
16:25है ये भी समझने वाली बात होगी और हमें ये भी देखना होगा कि कै
16:29जल्दी जल्दी निजात मिलता है जी वहाँ से आये थे बड़ोला से उन्चास तो यहां पर आप हमेशा से लाइन
16:40इतनी लंबी देखते थे अचानक से लाइन बड़ी वहाँ दो आदी में लेकर रहे है
16:59लेकिन सरकार ने तो 25 दिन का वो फिक्स कर रहा है कि 25 दिन लगेंगे आपको अच्छा आप यहां
17:10पर यह लाइन में लेगे हैं
17:24उमीद पर जैसा कहते हैं कि दुनिया कायम है और यहां जिस तरह से हासपास की लोग नॉइडा में परिशान
17:30है उससे ऐसा लगता है कहीं न कई सरकार जो यह दावे कर रही है कि सप्लाइ में कोई कमी
17:34नहीं है उसको यह लाइन जुटलाती हुई और इस कमी को पूरा करने के ल
17:53यह भी बुकिंग करके वो आ जा रहे हैं लेकिन यह बहुत ही पारदर्शी सिस्टम है SMS रेजिस्टर्ड नंबर से
17:59आपको SMS आता है आपके पैसे कटते हैं और तभी आप सिलिंडर उठाकर यह खाली सिलिंडर भी कम से कम
18:04पांच किलोगा होता होगा जब गैस होता है तब इस
18:23समाधान की आवश्यक्ता है पंकश गौन मेश्र वन इंडिया निउस के लिए नॉइडा से
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