00:27दमा का हुआ जमीन कांप उठे
00:30आसमान में धुमे का गूबार फैल गया लेकिन उसी पल एक आदमी कैमरी के सामने खड़ा था बिना एक पल
00:36रुके बोलता रहा चारू तरफ अफरात अफरी थी सुरक्षा कर्मी भाग कर उसके चारू और खड़े हो गए मगर उसकी
00:43आवाज में जरा भी कमपन नहीं था ये को
00:58दार धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को हिलाक कर रख दिया हादसे से पहले और हादसे के ठीक बात किस
01:05मजबूती से चीफ जस्टिस ने इरान के द्रड़ संकल्प की बात की इरान ताबूतों से नहीं डरता डट कर खड़े
01:13रहेंगे सब ही इरान वाले जरा सुनिए
01:33अजी साहब अभी जब मैं आपसे बात कर रहा था लोग इन ताबूतों से नहीं डरते आप देख रहे हैं
01:42कि लोग इस बारिश और इन मिसाइल हमलों के बीच किसी भी तरह से पीछे नहीं हटते
01:53तहरान की सड़कों पर उस दिन हाजारों लोग कोट सिवस्की रैली के लिए जमा थे ये वो दिन होता है
01:58जब इरान की लोग फिलस्तीन के समर्थन में सड़कों पर उतरते हैं
02:02लेकिन इस बार हालात सामान्य नहीं थे शित्र में युद्ध जैसे हालात थे दुश्मन हमलों की चेतावनी दे चुका था
02:08इसके बावजूद रैली रूकी नहीं गए नेता भी खुले मैदान में जनता के बीच पहुँचे जब धमाका हुआ तो एक
02:15पल के लिए कैमरा काप गया
02:17आसपास खड़े लोग चौक उठे सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मौसे नेजई को घेल लिया
02:22सामान्य परिस्थितियों में कोई भी निता ऐसे समय तुरंत सुरक्षत स्थान पर चला जाता है
02:28लेकिन यहां कुछ अलग द्रश्य था उन्होंने ना तो पीछे हटने का संकीत दिया और नहीं बात चीत रोकी
02:34उन्होंने अपनी मुठी उपर उठाए दरड़ आवाज में कहा बमों और मिसाइलों की बारिश भी इरान को पीछे नहीं कर
02:41सकती
02:41उनके शब्दों में सिर्फ बयान नहीं था बलकि चुनाती थी
02:44आसपास जुआ उठ रहा था लिकिन उनकी आवाज में एक अजीब सा आत्म विश्वास था
02:49वो बता रहे थे कि डर से राश्ट्र नहीं तूटते धमाकों से रादे नहीं बदलते
02:54उतक्षण कैमरी में जो द्रश्य कैद हुआ वो किसी भाशन से अधे का प्रभाव शाली था
03:00रैली में मजूद हजार लोगों ने पीछे अटनी की बजाए नारे लगाने शुरू कर दिये
03:05जंडे लहराए गए महाल डर से ज्यादा संकल्प का बन गया
03:09ऐसा लग रहा था जिसे पूरी भीड ये संदीश देना चाहती है कि हमले से किसी राश्टर की आत्मा जुकती
03:16नहीं है
03:16इरान के लिए समय बेहत कठिन था लगतार हमलों और क्षेत्रे तनाव के बीच दीश के नितित्वा पर भारी दबाव
03:23है
03:23फिर भी तहरान की सड़कों पर ये द्रिश्य जब सामने आया जिसमें नेता और जनता दोनों साथ खड़े थे तो
03:29इसने इरान के द्रवड संकल्प और अमेरिका को साफ चुनौती दे दी
03:34तहरान का धुआ अब जरूर छट गया होगा लेकिन कैमरे में कैद वो पल लंबे वक्त तक याद किया जाएगा
03:41बमो की गूँज के बीच खड़ा एक नेता जिसकी आवाज नहीं डगमगाई यो द्रश्य उन लोगों के लिके प्रतीक बन
03:47गया जो मानते हैं कि जब इरादा मजबूत हो तो धमाकी की आवाज धमाका किसी जराश्र की आवाज बूद दबा
03:55नहीं सकता
04:11झाल
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