00:00तो आज गटर गैस से वो सारी कमी पूरी हो सकती थी जिस गटर गैस के बारे में प्रधान मंत्री
00:05जे ने बात किया थी
00:08सब घर के नीचे गटो रहे
00:11सब गटर में डालो कैसे बताया था पाई डाला कैसे बरतन उल्टा किया छेद किया और उसमें से निकलता तो
00:17पैसा भी बचता
00:18संसद में उस समय माहौल अचानक गर्म हो गया जब त्रिणमूल कांग्रिस के सांसद कीरती आजाद ने
00:25LPG संकट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरिंद्र मोदी के पुराने गटर गैस वाले बयान का जिकर कर तंज कस दिया
00:33बहस के दौरान जैसे ही उन्होंने ये टिपनी की सदन में शो शराबा बढ़ गया और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष
00:40के बीच तीखी नोग जोग देखने को मिली
00:42उस समय संसद में देश में बढ़ती गैस कीमतों और सप्लाई से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा चल रही थी और
00:49विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था
01:22बहस के दौरान कीरती आजाद ने कहा कि अगर सरकार के दावों को सच मान लिया जाए तो देश में
01:32गैस की कमी नहीं होनी चाहिए
01:34क्योंकि पहले ही ये कहा जा चुका था कि घटर से निकलने वाली गैस का भी इस्तिमाल किया जा सकता
01:39है
01:40उन्होंने इसी संदर्ब में व्यंग करते हुए सवाल उठाया कि जब ऐसे दावे किये गए थे तो फिर आम लोगों
01:46को गैस लेंगर की महंगाई और किल्लत का सामना क्यों करना पड़ रहा है
01:50उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ सांसदों ने आपत्ती भी जताई और सत्तापक्ष के कई सदस्यों ने इस
01:57टिपणी को अनुचित बताया
01:58ये पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब संसद में आम लोगों पर बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की
02:04कीमतों के असर पर बहस चल रही थी
02:06विपक्ष का आरोब था कि घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोत्री ने गरीब और मध्यमवर्ग की रसोई पर भारी बोज
02:13डाल दिया है
02:13इसी मुद्धे को उठाते हुए कीर्थी आजाद ने सरकार पर तंज कसा और कहा कि जनता को राहत देने के
02:19बजाए बड़े बड़े दावे किये जाते हैं
02:21उनके बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने मेस थपतपा कर समर्थन भी जताया जबकि सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसका
02:28विरोध किया
02:29ये टिकपणी मार्च दोहजार चब़ीस में संसद की कारेवाही के दौरान की गई थी जब देश में गैस की कीमतों
02:35और सप्लाई को लेकर राजनयतिक बयान बाजी तेज थी
02:38कीरती आजाद ने अपने भाशन में सीधे प्रधानमंत्री के एक पुराने बयान का संदर्ब देते हुए व्यंग किया
02:44और कहा कि अगर उस विचार को माने तो गैस की समस्या का समाधान बहुत आसान होना चाहिए था
02:50हाला कि सत्ता पक्ष ने इस टिपणी को राजनयतिक हमला बताते हुए कहा कि ऐसे उदाहरणों को गलत तरीके से
02:56पेश किया जा रहा है
02:57इसके बाद कुछ समय तक सदन में हंगामा भी देखने को मिला और बहस का माहोल काफी गर्मा गया
03:20ज़ सुओवा़ ए्सकाछिए में में हमला कि बानत तरीके से इसांफी जया गूह है
03:20कि लभाव ने ने को बानो को भीड़ है
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