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Kashmir Protest: शिया समुदाय ने क्यों खोला Israel-America के खिलाफ मोर्चा? | Oneindia Hindi
जम्मू-कश्मीर में 'कुद्स दिवस' के मौके पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। जानिए क्या है इस भारी विरोध प्रदर्शन और इजराइल-अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की असली वजह।
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में रमजान (Ramadan 2026) के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुम्मा के दिन भारी हलचल देखने को मिली। कश्मीर घाटी में शिया समुदाय (Shia Muslims) के हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के निशाने पर सीधे तौर पर अमेरिका (America) और इजराइल (Israel) रहे, जिनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
दरअसल, रमजान के इस आखिरी शुक्रवार को 'कुद्स दिवस' (Al Quds Day) के रूप में भी मनाया जाता है। कश्मीर में शिया समुदाय के लोगों ने इस मौके का इस्तेमाल करते हुए फिलिस्तीन (Palestine) के लोगों के प्रति अपनी गहरी एकजुटता और समर्थन जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने इजराइल की नीतियों और गाजा (Gaza) में हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ अपना भारी गुस्सा व्यक्त किया।
आपको बता दें कि पूरी दुनिया में 'कुद्स दिवस' के दिन शिया समुदाय द्वारा फिलिस्तीनियों (Palestinians) के हक की आवाज उठाई जाती है। कश्मीर में हुए इस विशाल मार्च ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस मिडिल-ईस्ट (Middle East) विवाद की तरफ खींचा है। पुलिस और प्रशासन इस दौरान पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहे ताकि घाटी में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनी रहे।
About the Story:
Thousands of Shia Muslims held a massive protest in Jammu and Kashmir on the last Friday of Ramadan, observed globally as Al-Quds Day. The demonstrators took to the streets to express their strong solidarity with Palestinians and vehemently protested against the actions of Israel and the United States. This annual observance in Kashmir highlights the ongoing geopolitical tensions and the global reverberations of the Israel-Palestine conflict.

#KashmirProtest #AlQudsDay #Palestine #OneindiaHindi

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Transcript
00:03मिडल इस्ट वहाँ पे अमेरिका ने अपने रिसूर्स अपने मफाद के लिए उन पे जल्म डाया है और उनके रिसूर्स
00:11और उनकी आजादियों को जो है कर्ब किया है
00:24कुछ के मौके पर चुमुर कश्मीर के विबन भागों में एहतिजाजी रियलीज निकली और इसराइल और अमेरिका के खिलफ जोड़तार
00:32प्रदर्शन किया खास तोर पर शिया सुम्धा के लोगों ने हम अभी मौजूद है हसनाबाद की एक कदीम इमाम बहरा
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00:40जहां आज जुम्ध तुलविदा की जुमा नमाज हुई और रमजान का आखरी जुमा होता है जिस दिन योमे कुद्स पी
00:50मनाया जाता है और योमे कुद्स का मकसद है फलस्तिन के मुसलमानों के प्रती यकजहती का इजहर करना और मसीद
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01:10से तक्रीवन 30-35 सालों से जहां भी शिया समधाई के लोग हों जहां चाहे भारत हो या बाकी दुनिया
01:18के बाकी देशों वहां पर जुमातुल विदा के दिन शिया समधाई से जुड़े लोग जुमा नमाज की बाद प्रदर्शन निकालते
01:27हैं और फलस्तीन के प्रदर्टी अ
01:39अमामबार का है हसनाबाद में काफी पराना है यहां से भी एक जोरदार जबरदस्ते की राइली निकली जिसमें सैंग्डूल लोग
01:47शिया समधा के लोग जुमा की निमाज के बाद एक राइली की सूरत में निकले और एरान के फेवर में
01:56नारे दिये और अमेरिका और इसरा
01:58के खिलाफ नारेवाजी की जोरदार नारेवाजी के और साथी साथ फलिस्तिन के मुस्लमानों के लिए अपनी यगजाती का इज़ार किया
02:06और मजजिद
02:08अकसा की रहाए आजादी के लिए दौा की हमारे साथ मुझूद है डॉक्टर मनजूर साथ इन से हम जाना चाहेंगे
02:14कि ये जो आज आज के दिन यो में कुद्स बनाया जाता है इसके बार में हमें बता दीजी इसका
02:20मकसद क्या है
02:21आज़ बिल्लाई मिन शेयतान रजीम बिसम लाई रहमान रहीम नस्र मिन अल्लाह वाफ़तन करीब ये आयात मैंने इसलिए पड़ी है
02:29जो इस वक्त अमरीकी जहारत इसरेल की जहारत बाकी मुल्म की जहारत जो इस वकत लगदार एरान पे बंबारी कर
02:40रहे हैं इन्शालला �
02:42इन्शाला जीत हमारी ही होगी, रहा सवाल यूमि कुदस, यह जो यूमि कुदस है, यह हमारे इमाम रहमतिल्ला अलाइ इमाम
02:52खुमाइनी का फत्वा है, कि आप यूमि कुदस निकालो, मारहमजान के आखरी जमारी तो मुवार्ग पर ये रेली करो, आप
03:02प्रोटेस्ट करो, �
03:03यह प्रोटेस्टर हम इसराइल अमरीका के खलाफ कर रहे हैं जो फलस्तीन में गज़ा में मजलुमों के साथ जलुम हो
03:15रहा है उनका कतल आम किया जा रहा है तो हम उसके खलाफ यह प्रोटेस्ट कर रहे हैं
03:22अ�ніजिय के साथ ऊब सुषभोस हो ओर तो हो देखा जाता है कि हर जगह जहांभी श्यास्मादाए के लोग हैं
03:25चाहें कश्मीर आधि हो व राँ बाकी देशों इस दिन प्रोटेस्टेता हैं पाफ फलस्तीन के लोगों के हमायत में प्र�işंश
03:37करते हैं और मजद आकसा की आजा
03:52जोनिस्ट के साथ, अमरीका के साथ, उनमें कैसे वो जजबा आ रहा है कि, वो सोच रहे थे कि हम
03:57वहां की रिजिम टीन्ज करेंगे, मगर उनके पास जब्ज़ा है ना, वो मौला अलिया अलिया अलियासिलाम का जजबा है, वही
04:04जजबा हमारे दिल में है, मौला इमाम हुसें �
04:07का जजबा है, हम शहादत के लिए तयार है, हम अपना सार देंगे, अपने बच्चे देंगी, मगर इसलाम के साथ
04:13नहीं चुड़ेंगे, यह थे यह थे डॉक्टर मनजूर साब, जो एक डॉक्टर भी है, और यहां इन्हों ने इस प्रदर्शन
04:21में भी भाग लिया, जो फल
04:34पलस्तीन की सलामती के लिए, और इरान की सलामती के लिए, और खास दोर पर जो आईतला अली खामनाई हैं,
04:42उनके हत्या के बाद, उनके जो पुत्र है, आगा सेयद, मुच्टबा, खामनाई, उनके सपोर्ट में भी, उनके फेवर में भी,
04:52यहां पर जोरदार प्रदर्शन
04:54किये यहां पर जुमानमाज के बाद और हर साल ऐसा Nh crashing कुछ
04:59होता आ रहा है और इस श्रियान समदाय के लोग है इने आज
05:02भी यह प्रहन लिया कि फलिस्तिन के प्रहेथे और इरान के
05:06प्रहेथी हमेश्वा ऐसे संगर्श में फलिस्तिन के संगर्श
05:26तो इसके बारे में हम अब बताते हैं ये अलकुद्स का मकसद का है और ये रैली किसले निकलती है
05:31अलकुद्स जो माह रमजान होता उसका आखरी जुमा होता है ये इमाम कुमेनी जो फाउंडर थे इस्लामिक रेपबलिक के उन्हों
05:41ने ये कॉल दी थी वर्ल्ड वाइड पूरे मुसल्मानों को पूरे आलमी इनसानियत के लिए ये एक दिन मकरर किया
05:47था कि ये एक जो फलस्त
06:01कबजा है वो मंफलस्तिनी जो है मजलूम है उनकी जमीन जो है वो खाई गई है सायूनियों के हवाले से
06:09और वो एक हर जुमा होता है आखरी जुमा होता है माह रमजान का बाद नमाज जुमा वो हर जगा
06:16से जहां भी उमत मुस्लिमा है वो निकलते हैं और वो आवाज बलं�
06:31के एतिजाज होता है इमाम खुमेनी ने ये आज से पैंतालीस बरस ये कॉल दिये और तब से पूरी उमत
06:38मुस्लिमा इस कॉल का लब बैक करती है आ रही है आपका नाम अली सफिदिन अली सब आप एक जाने
06:46माने नाम है कश्मीर में आज योमे कुज की तक्रीब है क्या आप
07:01को एक पुलिटिकल साइंस का स्टूडंट पढ़के समझ सकता है कि एक अमेरिकन युएस हेजमिनी है एक युएस इंपिरियलिजम डॉमिनस
07:09है पूरे दुनिया में हर मजलूम ममालिक जो है अलग-अलग रेसिस के अलग-अलग कॉंटेनिंट्स के भी एट आफरिका
07:18भी ए�
07:21अमेरिका ने अपने रिसूर्स अपने मफाद के लिए उन पे जल्म डाया है और उनके रिसूर्स और उनकी आजादियों को
07:30जो है ये किया है कर्ब किया है उन पे पाबंदिया लगाई है और ये सब उनने ये नारा बुलंद
07:37करके किया है कि ये इनसानी हुक के लिए ये काम
07:51तहरीक है तहरीक है वो इमाम खुमेनी ने शुरू की थी और फिर सिलसला चलता रहा है इमाम खुमेनी जो
07:58हाल ही में शहीद हो गए इसी इसी फलस्फे की खातिर के
08:05जो एक उनकी डॉमिनेंट से हर मजलूम के खिलाफ तो उसके खिलाफ एक आवाज है और उसी के और इसी
08:16के और पॉइंट आप अल-कुद्स पीपल फैलस्ताइन पालस्टीन पीपल आफ गाजा जैसे कि आप देख सकते कि कितना शदीद
08:25जैनोसाइड उनके खिलाफ बरपाकिय
08:27है इसराइल जो एक जैनिस्ट स्टेट है और अमेरिका ने जो विच इस हैंड इन हैंड विद इस जैनोसाइड तो
08:36ये पिछले दो साल से इसकी अवेर्नस नहीं है यह हम बच्पन से अल-कुद्स के जलूस में आखरी जमाह
08:42में शामिल होते हैं और एक पॉलिटिकल अवेर्
08:56हुसाइनी खामरी सुच मुकमर हमायतु कि इजहार करा तुसरत इसमद इन्हों कयादत इन्हों रहबर इन्शाळाह पन्निस बावसं सुखाब करी यही
09:13शर्मन देताबी है इन्शाळाह अन्य खितमज मुकमल तोर अमरीकों कि इन्खलाग एची बल्कि इतवजव याद में
09:25कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों
09:34कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों
09:41कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन्हों कि इन
09:54झाल, झाल, झाल, झाल
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