00:00आजकल एक शब्द प्रचलेत हो रहा है अल्गोरिद्मिक कॉंशियसनेस
00:09आपकी चेतना को सोशल मीडिया अल्गोरिद्म चला रहा है
00:12क्योंकि युआ अपना बहुत सारा समय मोबाईल की स्क्रीन के सामने बिता रहा है
00:29सोशल मीडिया एक मामले में अलग है और खतरनाक है
00:33वो आपका मन पढ़ता है मन की वृत्तियां और विकार पढ़ता है
00:37आपकी पसंद नापसंद पढ़ता है और उसी के अनुसार आपको वही दिखा देता है और ज्यादा जो आप पहले से
00:44हो
00:44लालची आदमी को लालच से भरी समगरी दिखा देगा सोशल मीडिया आपकी फीड में वही सब आएगा
00:49डरे आदमी को डरी चीजें हिंसक आदमी को नफरती आदमी को नफरत बढ़ाने वाली चीजें दिखा देगा
00:57जो जैसा है उसको वही दिखा देगा
00:59किसी को नाच मेरे उचित को नाची नाची नाची नाची नाची नाची नाची नाची किसी को कॉमेडी का चसका और
01:04कॉमेडी कॉमेडी देख रहा है किसी को सिर्फ सेक्शुल कंटेंट ही दिखा रहा है क्योंकि वह ही व्यक्ति ऐसा तो
01:10धलान पर गिरना असान होता है कोई भ
01:26और इदम आपको वही वही चीज़ें आप बार-बार दिखाएगा, वो बेकार चीज़ जो आपने सर्ज करी थी, वो आपकी
01:31जिंदगी बन जाएगी, क्योंकि जो आप अपनी आखों से ले रहे हैं, वो भी भोज़न है, वो आपका शरीर बन
01:35जाएगा, और जो आपका शरीर �
01:51की ट्रेनिंग चल रही है, और वो सब बहुत प्रचुर मात्रा में उपलब्द है आपको, तो आपको बहुत सतर्क रहना
01:58पड़ेगा, कि आप उसमें से क्या अपने लिए चुन रहे हो, जो आप चुनोगे, वो और ज्यादा आपको मिलेगा, और
02:07वो चीज़ आपकी जिंद
02:21झाल वो
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