00:00हम जो बंधे हुए हैं परिवार के साथ कुछ चुनोतियां हमारे साथ ऐसे आते हैं कि हम उस चुनोति को
00:06अगर एकसिप्ट करते हैं तो वो दाइरे आते हैं हमारे परिवार भी उसको जहलते हैं उस परिस्तिति में हम क्या
00:13करें
00:14एक दिन मैं बात कर रहा था कि लोग कहते हैं अध्याक्म से घर तूटता है
00:20वो कहते तो यह आचारे घर तोड़ता है पर मैं थोड़ा अपने आपको अलग रखे
00:25तो यह घर तूटना या घर तोड़ना माने क्या?
00:30माने क्या?
00:34घर तूटना माने क्या?
00:35बुल्डोजर चलता है, दिवार गिरती है, क्या होता है, साफ साफ बताओ न, मुहावरे के पीछे बात को छुपा क्यों
00:43रहे हो
00:45परिवार से बंधे हैं या परिवार की जिम्मेदारी है
00:48What exactly? माने क्या?
00:53ये एक साइकोलोजिकल हेज है, एक मानसिक धुन्ध जिसके पीछे हकीकत छुप जाती है
01:02ये एक शाब्दिक कोहरा है, घर तूटना, घर तूटना माने क्या होता है?
01:07माने क्या बेटा रिष्टे तो निभाने होते हैं ये क्या अजीब सी बात है रिष्टे निभाने होते माने क्या मैं
01:16एक इंसान हूँ ये एक इंसान है रिष्टा निभाना माने क्या मैं इंसान जानता हूं ये इंसान है अब रिष्टा
01:23निभाना माने क्या आप मेटाफर्स मे
01:25में जीते हो आप ठत्री पर नहीं चलते आप धुएंपर चलते हो फिल्मी गाने में जिन्दगी
01:32का साथ निभाता चला गया इसका मतलब क्या है
01:37मतलब तो बताओ में जिन्दगी का साथ मन �轉य मैं लगए City टें
01:47कुछ है हमारे जीवल में
01:49ये सब
01:50बातें ये जिम्मेदारी
01:52होती है ऐसा तो
01:54करना ही होता है इन सब के
01:56पीछे क्या है सिर्फ धुंद
01:58एक वेगनेस कुछ और नहीं
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