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Iran Conflict: US का सबसे बड़ा U-Turn, India के बाद अब दुनिया से कहा- Russian Oil खरीदो। जानिए आखिर मिडिल ईस्ट में ईरान ने ऐसा क्या कर दिया कि डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका को रूस के सामने झुकना पड़ गया?
जिस अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के समय भारत (India) समेत पूरी दुनिया पर दबाव बनाया था कि कोई भी मॉस्को से तेल नहीं खरीदेगा, आज वही अमेरिका दुनिया से कह रहा है कि रूस से तेल खरीद लो। जिओपॉलिटिक्स (Geopolitics) में इसे अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। आखिर रूस का सबसे बड़ा दुश्मन अमेरिका आज उसकी पैरवी क्यों कर रहा है?
इस पूरे मामले की जड़ मिडिल ईस्ट (Middle East) में भड़की भीषण जंग में छिपी है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव (Iran-Israel Conflict) ने पूरी दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था को खतरे में डाल दिया है। ईरान ने साफ चेतावनी दे दी है कि अगर उस पर हमले नहीं रुके, तो वह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से ब्लॉक कर देगा।
आपको बता दें कि यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से को तेल और गैस की सप्लाई की जाती है। ईरान की इस धमकी से ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल (Crude Oil Prices) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और अमेरिकी प्रशासन अब पूरी तरह से लाचार नजर आ रहे हैं और ग्लोबल ऑयल क्राइसिस से बचने के लिए उन्हें मजबूरी में रूस के तेल का सहारा लेना पड़ रहा है।

In a massive geopolitical shift, the US is now indirectly encouraging the world to buy Russian oil amid the escalating Middle East crisis. With the Iran-Israel conflict threatening the strategic Strait of Hormuz, global oil supply chains are at massive risk. Watch this video to understand how Iran's bold threats have forced America and Donald Trump into a corner, completely changing their stance on Moscow's oil exports and global geopolitics.

#IranIsraelWar #RussianOil USIranIsraelWar #MiddleEast #StraitofHormuz #Geopolitics #OneindiaHindi

~HT.318~PR.514~GR.510~

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Transcript
00:00भारत को रूस से तेल खरीदने से रोकने की धमकी देने वाला अमेरिका आज खुद दुनिया से कह रहा है
00:05रूस से तेल खरीद लो
00:07जी हाँ वही अमेरिका जिसने रूस यूक्रेन यूद के बाद भारत समेत कई देशों पर दबाब बनाया प्रतिबंध लगाई तेल
00:14खरीदने से रोक लगाई और कहा था कि वे मौस्कों से तेल ना खरीदे
00:17आज उसी रूस के तेल को खरीदने की सलाह दे रहा है तो आखिर ऐसा क्या हो गया कि रूस
00:23का सबसे बड़ा विरोधी अमेरिका आप दुनिया को रूस की तरफ देखने को कह रहा है
00:27इसका जवाब छिपा है मिडल इस्ट में भड़की उस भीशन जंग में जिसने पूरी दुनिया की उजया विवस्था को हिला
00:33कर रख दिया है
00:34इरान ने अमेरिका को इतना लाचार कर दिया है कि ट्रंप अब बेबस दिख रहे हैं
00:39चले पूरी कहानी आपको वस्तार से बताते हैं
00:42नमस्कार मेरा नाम है रिचापराशर और आप देखने हैं One India Hindi
00:45इरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते टकराओ ने खाड़ी छेतर में हालात इतने बिगाड़ दिये हैं
00:51दुनिया के सबसे एहम तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है
00:56और यही वो रास्ता है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से को तेल और गैस की सप्लाई मिलती है
01:02इरान साफचे तावनी दी है कि अगर उस पर हमले जारी रहे तो वो हॉर्मूज स्ट्रेट से एक लिटर भी
01:08तेल गुजरने नहीं देगा
01:09यही वज़ा है कि दुनिया भर के बाजारों में घबराहट फैल गई है और तेल कीमतें तेजी से उपर जाने
01:16लगी है
01:1712 मार्च को इश्याई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उचाल देखने को मिला
01:22ब्रेंट क्रूड करीब 7.2 प्रतिशत बढ़कर 98.60 डॉलर प्रती बैरल तक पहुँच गया
01:41कि बाद में कुछ गिरावट जरूर आई लेकिन बाजार अब भी बेहत सतर्क है भारत को रूस से तेल खरीदने
02:01से रोखने की धंकी दे रहा था
02:11परन कई जहाँर रास्ता बदलने को मजबूर हैं वीवा कंपनियों ने प्रीमियम बढ़ा दिया है और कई जहाँर मालिक जोखिम
02:32उठाने को तैयार ही नहीं हो रहे
02:34देश अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत तेल विदेशों से खरीदता है
02:39भारत में रोजाना लगभग 58 लाख बैरल तेल की हपत कोती है
02:44और इसमें से लगभग 25 से 27 लाख बैरल तेल हॉर्मूर स्ट्रेट के रास्ते सौधी अरब इराक और अन्यकारी देशों
02:51से आता है
02:52यानि अगर हॉर्मूर स्ट्रेट पर संकट बढ़ता है तो उसका से भारत की उचा सुरक्षा पर भी पढ़ सकता है
02:58और जो के भी देखने को मिल रहा है जब से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूर बंध है से खबरे आई हैं
03:03अपने देश में भारत में किल्लत जैसे शब्द सामने निकल कर आ रहे हैं
03:07अब गैस नहीं मिलेगा अब तेल नहीं मिलेगा लोग लाइनों में लगे हुए हैं बीते दिनों ही गैस पर आपने
03:12हमारी कई खबरे देखी होंगी
03:14तो इसे खत्रे को देखते हुए भारत पहले से ही वेकल्पिक सप्लाई के रास्ते तलाश रहा है
03:20दरसल रूस और यूक्रेन युद के बाद भारत ने रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदना शुरू कर दिया था
03:25और अब यही खरिदारी और भी ज्यादा बढ़ गई है
03:29दिपोर्ट्स के मुताविक मार्च महीने में भारत ने रूस से तेल की खरीदारी लगवग 50 ततिशत तक बढ़ा दी है
03:35इस समय भारत करीब 15 लाख बैरल प्रती दिन रूसी तेल खरीद रहा है
03:39इसका मकसद साफ है अगर Middle East में सप्लाई प्रभावित होती है तो देश में इंधन की कमी नहीं होनी
03:44चाहिए
03:44सिर्फ तेल ही नहीं भारत गैस की सप्लाई के लिए भी अन्य देशों के विकल्प तलाश रहा है
03:50लेकिन इस पूरी कहानी में सबसे दिल्चस्प मोड अमेरिका की फूमिका है
03:54कुछ समय पहले तक अमेरिका भारत पर दबाब डाल रहा था कि वो रूस से तेल ना खरीदे
04:00बीती दिनों ही जब ट्रेड डील हुई थे तो ये खबरे सामने है ट्रम ने खुल कर पोस्ट किया
04:03और कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर रहा है
04:06लेकिन अब वही अमेरिका दुनिया के कई देशों से कह रहा है कि वे रूस से तेल खरीद ले
04:10ताकि बाजार में सप्लाई बनी रहे और कीमते में काबू ना हो
04:14दरसल मेडियलिस में बढ़ते तनाओं ने अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणीती को बदलने पर मजबूर कर दिया है
04:20अगर हॉर्मूस ट्रेट लंबे समय तक बाधित रहता है तो दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई प्रभावित हो
04:27सकती है
04:27ऐसे में रूस ही एक ऐसा बड़ा उत्पादक देश है जो अतिरिक्त सप्लाई दे सकता है
04:32इस संकट से निपटने के लिए अमेरिका ने एक और बड़ा कदम उठाया है
04:37अमेरिका ने अपने स्ट्रेटेजिक पिट्रॉलियम रिजर्व से लगभग 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का एलान किया है
04:44इसके अलावा International Energy Agency यानि कि IEA ने भी अपने भंडार से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने
04:52की ओजना बनाई है
04:53ये अब तक कि सबसे बड़ी आपात काली निरलीज मानी जा रही है
04:57तुलना करें तो साल 2022 में रूस यूक्रेन यूद के दोरान IEA ने करीब 200 मिलियन बैरल तेल जारी किया
05:04था
05:04लेकिन इस बार सिती उसे भी ज्यादा गंभीर मानी जा रही है
05:07जापान और जर्मनी जैसे देश भी अपने तेल भंडार की आपूर्टी बढ़ाने पर विचार करने है
05:12इन कद्मों का मकसव एक ही है
05:14दुनिया में तेल की कमी ना होने दिजाए और कीमते काबून रहे
05:19अलाकि विशेश अग्यों का कहना है कि अगर मिडिल इस्ट का संकट लंबा खिचता है
05:23तो केवल रिजर्व तेल जारी करने से समस्या पूरी हल नहीं हो
05:27क्योंकि वैश्वी कूर्जा बाहाजार बेहत समेदर्शील है
05:30और सप्लाई चेन में थोड़ा सा भी व्यवधान कीमतों को तेजी से उपर ले जाता है
05:34इसी वजह से कई देशों ने अपने उज़ा आयात के सोतों को विविध बनाने के लिए
05:40रणनीती पर उस पर काम करना शुरू कर दिया है
05:42लेकिन सवाल अब भी वही बना हुआ है
05:45क्या मिडिलिस्ट की ये जंग जल्द खत्म होगी
05:47क्या स्ट्रेट और फॉर्मोस फिर से पूरी तरह खुल पाएगा
05:50और क्या दुनिया की उर्ज़ा सप्लाई सामान ये हो पाएगी
05:54अमेरिकी रास्ट्रपती डॉनल्ड ट्रॉम्प ने कुछ दिन पहले कहा था
05:57कि ये यूद जल्दी खत्म हो सकता है
05:59लेकिन जमीन पर हालात अभी भी बहत्तनाव पुन बने हुए है
06:02और जब तक हालात समाने नहीं कुटे
06:05तब तक तेल बाजार में उलतार चड़ाओ जारी रहने की संभावना बनी रहेगी
06:09इस पूरी लडाई में एक बात साफ दिखाई दे रहा है
06:13वर्चस्व की इस जंग में सिर्फ लडने वाले देशी नहीं बलकि पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है
06:18क्योंकि उज्जा ऐसी चीज है जो हर देश की अर्थ विवस्था को सीधे प्रभावित करती है
06:23तेल की कीमतें बढ़ती है तो उसका असर पेट्रॉल, टीजल, गैस, ट्रांसपोर्ट और आखिरकार रोजमरा की चीजों पर कीमतों का
06:30भी असर पड़ता है
06:31और यही वज़ा है कि मीडल इस्ट में भड़की ये आग अब पूरी दुनिया की जीब तक बहुँच चुकी है
06:37भारत के लिए फिलाल रहत की बात यह है कि सरकार पहले से ही वेकलपिक सप्लाई पर काम कर रही
06:42है
06:42और रूस जैसे देशों से तेल खरीद कर जोखिम को कम करने की कोशिश भी कर रही है
06:47लेकिन अगर इस अंकट लंबा खिशता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों और महंगाई दोनों पर दबाब
06:53बढ़ सकता है
06:54यानि मिडलिस्ट की ये जंग सिर्फ युद्ध के मैदान तक समित नहीं है
06:58इसका असर दुनिया की अर्थ वेवस्था उर्जा सुरक्षा और आम लोगों की जेब तक पहुँच चुका है
07:03और अब पूरी दुनिया की नजरे टिकी हैं स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस पर क्योंकि अगर ये रास्ता बंध होता है
07:09तो वेश्विक उर्जा वेवस्था की धड़कन भी थम सकती है
07:12यही कारण है कि दुनिया के बड़े देश खूट नीतिक स्तर पर इस संकट को कम करने की कोशुश कर
07:19रहे हैं
07:20क्योंकि अगर ये टकराओ और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ तेल बाजार तक समत नहीं रहेगा
07:24बलकि वेश्विक अर्थ वेवस्था को भी एक बड़ा जटका लग सकता है
07:29इसलिए फिलहाल पूरी दुनिया एक ही सवाल पूछ रही है क्या हॉर्मूस बिर से कुलेगा
07:33या दुनिया को उज्वा संकट के नए दोर का सामना करना पड़ सकता है
07:38उस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें One India ही
07:55अपडेट्स के लिए देखते रहें One India ही
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