00:00भारत को रूस से तेल खरीदने से रोकने की धमकी देने वाला अमेरिका आज खुद दुनिया से कह रहा है
00:05रूस से तेल खरीद लो
00:07जी हाँ वही अमेरिका जिसने रूस यूक्रेन यूद के बाद भारत समेत कई देशों पर दबाब बनाया प्रतिबंध लगाई तेल
00:14खरीदने से रोक लगाई और कहा था कि वे मौस्कों से तेल ना खरीदे
00:17आज उसी रूस के तेल को खरीदने की सलाह दे रहा है तो आखिर ऐसा क्या हो गया कि रूस
00:23का सबसे बड़ा विरोधी अमेरिका आप दुनिया को रूस की तरफ देखने को कह रहा है
00:27इसका जवाब छिपा है मिडल इस्ट में भड़की उस भीशन जंग में जिसने पूरी दुनिया की उजया विवस्था को हिला
00:33कर रख दिया है
00:34इरान ने अमेरिका को इतना लाचार कर दिया है कि ट्रंप अब बेबस दिख रहे हैं
00:39चले पूरी कहानी आपको वस्तार से बताते हैं
00:42नमस्कार मेरा नाम है रिचापराशर और आप देखने हैं One India Hindi
00:45इरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते टकराओ ने खाड़ी छेतर में हालात इतने बिगाड़ दिये हैं
00:51दुनिया के सबसे एहम तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है
00:56और यही वो रास्ता है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से को तेल और गैस की सप्लाई मिलती है
01:02इरान साफचे तावनी दी है कि अगर उस पर हमले जारी रहे तो वो हॉर्मूज स्ट्रेट से एक लिटर भी
01:08तेल गुजरने नहीं देगा
01:09यही वज़ा है कि दुनिया भर के बाजारों में घबराहट फैल गई है और तेल कीमतें तेजी से उपर जाने
01:16लगी है
01:1712 मार्च को इश्याई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उचाल देखने को मिला
01:22ब्रेंट क्रूड करीब 7.2 प्रतिशत बढ़कर 98.60 डॉलर प्रती बैरल तक पहुँच गया
01:41कि बाद में कुछ गिरावट जरूर आई लेकिन बाजार अब भी बेहत सतर्क है भारत को रूस से तेल खरीदने
02:01से रोखने की धंकी दे रहा था
02:11परन कई जहाँर रास्ता बदलने को मजबूर हैं वीवा कंपनियों ने प्रीमियम बढ़ा दिया है और कई जहाँर मालिक जोखिम
02:32उठाने को तैयार ही नहीं हो रहे
02:34देश अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत तेल विदेशों से खरीदता है
02:39भारत में रोजाना लगभग 58 लाख बैरल तेल की हपत कोती है
02:44और इसमें से लगभग 25 से 27 लाख बैरल तेल हॉर्मूर स्ट्रेट के रास्ते सौधी अरब इराक और अन्यकारी देशों
02:51से आता है
02:52यानि अगर हॉर्मूर स्ट्रेट पर संकट बढ़ता है तो उसका से भारत की उचा सुरक्षा पर भी पढ़ सकता है
02:58और जो के भी देखने को मिल रहा है जब से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूर बंध है से खबरे आई हैं
03:03अपने देश में भारत में किल्लत जैसे शब्द सामने निकल कर आ रहे हैं
03:07अब गैस नहीं मिलेगा अब तेल नहीं मिलेगा लोग लाइनों में लगे हुए हैं बीते दिनों ही गैस पर आपने
03:12हमारी कई खबरे देखी होंगी
03:14तो इसे खत्रे को देखते हुए भारत पहले से ही वेकल्पिक सप्लाई के रास्ते तलाश रहा है
03:20दरसल रूस और यूक्रेन युद के बाद भारत ने रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदना शुरू कर दिया था
03:25और अब यही खरिदारी और भी ज्यादा बढ़ गई है
03:29दिपोर्ट्स के मुताविक मार्च महीने में भारत ने रूस से तेल की खरीदारी लगवग 50 ततिशत तक बढ़ा दी है
03:35इस समय भारत करीब 15 लाख बैरल प्रती दिन रूसी तेल खरीद रहा है
03:39इसका मकसद साफ है अगर Middle East में सप्लाई प्रभावित होती है तो देश में इंधन की कमी नहीं होनी
03:44चाहिए
03:44सिर्फ तेल ही नहीं भारत गैस की सप्लाई के लिए भी अन्य देशों के विकल्प तलाश रहा है
03:50लेकिन इस पूरी कहानी में सबसे दिल्चस्प मोड अमेरिका की फूमिका है
03:54कुछ समय पहले तक अमेरिका भारत पर दबाब डाल रहा था कि वो रूस से तेल ना खरीदे
04:00बीती दिनों ही जब ट्रेड डील हुई थे तो ये खबरे सामने है ट्रम ने खुल कर पोस्ट किया
04:03और कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर रहा है
04:06लेकिन अब वही अमेरिका दुनिया के कई देशों से कह रहा है कि वे रूस से तेल खरीद ले
04:10ताकि बाजार में सप्लाई बनी रहे और कीमते में काबू ना हो
04:14दरसल मेडियलिस में बढ़ते तनाओं ने अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणीती को बदलने पर मजबूर कर दिया है
04:20अगर हॉर्मूस ट्रेट लंबे समय तक बाधित रहता है तो दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई प्रभावित हो
04:27सकती है
04:27ऐसे में रूस ही एक ऐसा बड़ा उत्पादक देश है जो अतिरिक्त सप्लाई दे सकता है
04:32इस संकट से निपटने के लिए अमेरिका ने एक और बड़ा कदम उठाया है
04:37अमेरिका ने अपने स्ट्रेटेजिक पिट्रॉलियम रिजर्व से लगभग 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का एलान किया है
04:44इसके अलावा International Energy Agency यानि कि IEA ने भी अपने भंडार से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने
04:52की ओजना बनाई है
04:53ये अब तक कि सबसे बड़ी आपात काली निरलीज मानी जा रही है
04:57तुलना करें तो साल 2022 में रूस यूक्रेन यूद के दोरान IEA ने करीब 200 मिलियन बैरल तेल जारी किया
05:04था
05:04लेकिन इस बार सिती उसे भी ज्यादा गंभीर मानी जा रही है
05:07जापान और जर्मनी जैसे देश भी अपने तेल भंडार की आपूर्टी बढ़ाने पर विचार करने है
05:12इन कद्मों का मकसव एक ही है
05:14दुनिया में तेल की कमी ना होने दिजाए और कीमते काबून रहे
05:19अलाकि विशेश अग्यों का कहना है कि अगर मिडिल इस्ट का संकट लंबा खिचता है
05:23तो केवल रिजर्व तेल जारी करने से समस्या पूरी हल नहीं हो
05:27क्योंकि वैश्वी कूर्जा बाहाजार बेहत समेदर्शील है
05:30और सप्लाई चेन में थोड़ा सा भी व्यवधान कीमतों को तेजी से उपर ले जाता है
05:34इसी वजह से कई देशों ने अपने उज़ा आयात के सोतों को विविध बनाने के लिए
05:40रणनीती पर उस पर काम करना शुरू कर दिया है
05:42लेकिन सवाल अब भी वही बना हुआ है
05:45क्या मिडिलिस्ट की ये जंग जल्द खत्म होगी
05:47क्या स्ट्रेट और फॉर्मोस फिर से पूरी तरह खुल पाएगा
05:50और क्या दुनिया की उर्ज़ा सप्लाई सामान ये हो पाएगी
05:54अमेरिकी रास्ट्रपती डॉनल्ड ट्रॉम्प ने कुछ दिन पहले कहा था
05:57कि ये यूद जल्दी खत्म हो सकता है
05:59लेकिन जमीन पर हालात अभी भी बहत्तनाव पुन बने हुए है
06:02और जब तक हालात समाने नहीं कुटे
06:05तब तक तेल बाजार में उलतार चड़ाओ जारी रहने की संभावना बनी रहेगी
06:09इस पूरी लडाई में एक बात साफ दिखाई दे रहा है
06:13वर्चस्व की इस जंग में सिर्फ लडने वाले देशी नहीं बलकि पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है
06:18क्योंकि उज्जा ऐसी चीज है जो हर देश की अर्थ विवस्था को सीधे प्रभावित करती है
06:23तेल की कीमतें बढ़ती है तो उसका असर पेट्रॉल, टीजल, गैस, ट्रांसपोर्ट और आखिरकार रोजमरा की चीजों पर कीमतों का
06:30भी असर पड़ता है
06:31और यही वज़ा है कि मीडल इस्ट में भड़की ये आग अब पूरी दुनिया की जीब तक बहुँच चुकी है
06:37भारत के लिए फिलाल रहत की बात यह है कि सरकार पहले से ही वेकलपिक सप्लाई पर काम कर रही
06:42है
06:42और रूस जैसे देशों से तेल खरीद कर जोखिम को कम करने की कोशिश भी कर रही है
06:47लेकिन अगर इस अंकट लंबा खिशता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों और महंगाई दोनों पर दबाब
06:53बढ़ सकता है
06:54यानि मिडलिस्ट की ये जंग सिर्फ युद्ध के मैदान तक समित नहीं है
06:58इसका असर दुनिया की अर्थ वेवस्था उर्जा सुरक्षा और आम लोगों की जेब तक पहुँच चुका है
07:03और अब पूरी दुनिया की नजरे टिकी हैं स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस पर क्योंकि अगर ये रास्ता बंध होता है
07:09तो वेश्विक उर्जा वेवस्था की धड़कन भी थम सकती है
07:12यही कारण है कि दुनिया के बड़े देश खूट नीतिक स्तर पर इस संकट को कम करने की कोशुश कर
07:19रहे हैं
07:20क्योंकि अगर ये टकराओ और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ तेल बाजार तक समत नहीं रहेगा
07:24बलकि वेश्विक अर्थ वेवस्था को भी एक बड़ा जटका लग सकता है
07:29इसलिए फिलहाल पूरी दुनिया एक ही सवाल पूछ रही है क्या हॉर्मूस बिर से कुलेगा
07:33या दुनिया को उज्वा संकट के नए दोर का सामना करना पड़ सकता है
07:38उस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें One India ही
07:55अपडेट्स के लिए देखते रहें One India ही
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