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Aurat Jumme Ki Namaz Kaise Padhe: इस्लाम में जुमे का दिन सबसे अफजल माना जाता है। हजरत मुहम्मद ने फरमाया कि, जुमे का दिन तमाम दिनों का सरदार है। इसे ईद की तरह की विशेष माना जाता है। वहीं जुमा जब रमजान में पड़े तो उसकी फज़ीलत और अधिक बढ़ जाती है। ऐसा माना जाता है कि, जुमे के दिन की गई दुआएं खास कबूल होती हैं और अल्लाह बंदे के गुनाहों की मगफिरत करते हैं। आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे एक ऐसे सवाल की जो अक्सर मुस्लिम महिलाओं के मन में आता है — क्या औरतों के लिए जुम्मा की नमाज़ पढ़ना जरूरी है? और अगर पढ़ें तो कैसे पढ़ें?

Aurat Jumme Ki Namaz Kaise Padhe: In Islam, Friday is considered the most virtuous day. Prophet Muhammad said that Friday is the leader of all days. It is considered special like Eid. However, when Friday falls in Ramadan, its importance increases even more. It is believed that prayers offered on Friday are especially accepted and Allah forgives the sins of the devotee. In today's video, we will talk about a question that often comes to the mind of Muslim women - is it necessary for women to offer Friday prayers? And if so, how should they do it?

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Transcript
00:04इसलाम में जुम्मे का दिन सबसे अफजल माना जाता है।
00:30ऐसे भी मुसलिम महलाओ के मन में अकसर ही सवाल आता है क्या ओरतों के लिए जुम्मे की नमाज पढ़ना
00:35जरूरी है और पढ़ना है तो कैसे पढ़े हैं।
00:49सबसे पहले समझ ले कि इसलाम में जुम्मे की नमाज मर्दों पर फर्ज है लेकि और तो पर फर्ज नहीं
00:56है यानि कि अगर कोई महिला जुम्मे की नमाज नहीं पढ़ती है और उसकी जगह घर पर जुहर की नमाज
01:02पढ़ लेती है तो उसकी नमाज पूरी तरह सही माने जाती
01:06लेकिन अगर कोई महिला चाहे तो वो जुमे की नमाज पढ़ सकती है
01:10खासकर अगर वो मज़िद जाकर जमात के साथ नमाज अदा करना चाहती है
01:15तो इसलाम इसकी इजाज़त देता है
01:17अब सवाल आता है कि औरते जुमे की नमाज कैसे पढ़ें
01:21अगर कोई महिला मज़िद जाकर जुम्मे की नमाज पढ़ रही है तो उससे इसलाम के पीछे जमात के साथ दो
01:28रकात जुम्मा की नमाज अदा करनी होती है
01:31जुम्मे की नमाज से पहले खुदबा यानि तक्रीर दी जाती है जिसे ध्यान से सुनना जरूरी माना जाता है
01:38लेकिन अगर महिला घर पर है और मज़िद नहीं जा रही है तो उसे जुमे की नमाज नहीं बलकि जुहर
01:45की नमाज पढ़नी चाहिए
01:46जुहर की नमाज चार रकात फर्ज होती है जिसे वो समाने तरीके से अदा कर सकती है
01:53एक और एहम बात ये है कि नमाज पढ़ते समय पाबंदी, सादगी और पर्दे का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी
02:00है
02:00साफ कपड़े पहन कर बुजू करके और पूरी तवज्जों के साथ नमाज पढ़नी चाहिए
02:06इसलाम में औरतों को इबादत करने से कभी नहीं रोका गया
02:10बलकि उन्हें भी उतना ही सबाब मिलता है जितना मर्दों को
02:14बस फर्क इतना है कि जुम्मे की नमाज औरतों पर फर्ज नहीं रखी गई ताकि उन्हें सहूलियत मिल सके
02:21उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:24फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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