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बजट सत्र के दूसरे दिन की हंगामेदार शुरूआत हुई है. लोकसभा और राज्यसभा, संसद के दोनों सदनों में पहले दिन जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष ने एनर्जी सिक्योरिटी और खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की डिमांड करते हुए जोरदार हंगामा किया. असदुद्दीन ओवैसी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया. इस दौरान पीठासीन जगदंबिका पाल और ओवैसी के बीच भयंकर बहस हुई , जहां आर्टिकल 10 का हवाला देकर जगदंबिका पाल ने ओवैसी को शांत रहने को कहा ?

The second day of the budget session has started in a tumultuous manner. On the first day, there was a loud ruckus in both the houses of Parliament, the Lok Sabha and the Rajya Sabha. The opposition made a loud ruckus demanding a discussion on the issue of energy security and the security of Indians in the Gulf countries. Asaduddin Owaisi raised the point of order. During this, there was a fierce debate between the chairperson Jagdambika Pal and Owaisi, where Jagdambika Pal, referring to Article 10, asked Owaisi to remain calm?

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Transcript
00:00एक मिनट एक मिनट सर मुझे अपनी बात पूरी करने दीजिए अनुच्छेद 95 अनुच्छेद 96 आप नियम 10 का हवाला
00:08दे रहे हैं नियम 10 समविधान के अनुच्छेद से बड़ा नहीं हो सकता सर आपकी इस सरकार ने समवैधानिक उलजन
00:16पैदा किया है मुझे पूरा करने �
00:26सर मेरा व्यवस्ता प्रश्ण नियम 374 अपधारा 1 वदो के अनुच्छेद कहता है कि किसी प्रस्ताव को सूची बद्ध करने
00:38से पहले एक निर्णय लेना होगा एक प्रस्ताव में प्रस्ताव में स्पश्ट रूप से व्यक्त और आरोप तथा मानहानिकारक बयानों
00:45से
00:45मुक्त विशिष्ट आरोप होने चाहिए
00:47अब यह निर्णय किस ने लिया है
00:49क्योंकि अनुच्छेद 95 स्पष्ट कहता है
00:52कि जब कोई प्रस्ताव
00:5596, 95, 96 स्पष्ट कहता है
00:59कि अध्यक्ष यहां नहीं हो सकता
01:00सदन से मेरा सवाल है
01:02कि यह निर्धारन किस ने किया है
01:04क्योंकि नबाम रेबिया मामले में
01:06सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है
01:07कि जिस अध्यक्ष के खिलाफ हटाने का
01:10नोटिस दिया गया है
01:11वह अपनी बरखास्तगी से जुड़ी
01:13कार्यवाही में न्याइक शक्तियों का
01:16प्रयोग नहीं कर सकता
01:17यह निश्कासन किस ने किया
01:19सदन को जानना चाहिए
01:21दूसरा महोदय अनुच्छेद 96-1 देखे
01:24यह बताता है कि अध्यक्ष को हटाने का
01:26प्रस्ताव विचाराधीन होने पर क्या होता है
01:29वक्ता आता है नहीं कर सकता
01:3096-1 क्या कहता है
01:33तो कहिए कि 95-2 ऐसी हर बैठक पर लागू होगा
01:3695-2 क्या है
01:37यह बाबा साहिब के पहले उपाध्यक्ष द्वारा निर्धारित
01:40पदानुक्रम को दर्शाता है
01:41आपके पास कोई उपाध्यक्ष नहीं है
01:44यदि उपाध्यक्ष भी अनुपस्थित है
01:45तो ऐसे व्यक्ति को सदन की कार्य प्रणाली के नियमों द्वारा निर्धारित किया गया है
01:50तीसरा यदि ऐसा कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं है
01:53तो सदन द्वारा निर्धारित कोई अन्य व्यक्ति
01:55महोदे आप वहीं बैठे हैं
01:57मैं इसे भी चुनोती देता हूँ
01:58क्यों क्योंकि आपने नबाम रेविया सम्विधान पीठ का मामला पड़ा है
02:02अध्यक्ष के खिलाफ निस्कासन का नोटिस दिये जाने के बाद
02:05अध्यक्ष उनकार्यवाही से संबंधित
02:07नियाएक या विवेका धीन शक्तियों का प्रयोग नहीं कर सकते
02:10उनकार्यवाही से संबंधित यानि इनकार्यवाही से
02:13अध्यक्ष का परिणाम में सीधा व्यक्तिगत हित है
02:16और ये हित उन्हें उनकार्यों से अयोगे ठहराता है
02:19जो इन कारेवाहियों को आकार देते हैं
02:21कि हो तो होलोहन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस बात पर बल दिया
02:25कि समवैधानिक पदाधिकारियों को न्याय निर्णेयन कारे करते समय
02:27प्राकृतिक न्याय का पालन करना चाहिए
02:29आपको अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किया गया है
02:33आप वहाँ बैठ कर ये कारेवाहि नहीं चला सकते
02:35सदन की भावना ली जानी चाहिए
02:37आपके पास बहुमत है
02:39इस सदन की भावना का सम्मान करें
02:42एक मिनट एक मिनट सर
02:44एक मिनट, एक मिनट सर, मुझे अपनी बात पूरी करने दीजे, अनुच्छेद 95, अनुच्छेद 96
02:53आप नियम दस का हवाला दे रहे हैं, नियम दस सम्विधान के अनुच्छेद से बढ़ा नहीं हो सकता सर, आपकी
03:00इस सरकार ने सम्वैधानिक उलजन पैदा की है, मुझे पूरा करने दें, आपकी बात,
03:17इसलिए मैं कहता हूँ कि सबसे पहले कार्यवाई सम्वेधानिक रूप से अन्यमित है मुझे बात पूरी करने दें
03:25अरे क्या है सर ये मुझे अपनी बात पूरी करने दीजिए
03:29नो नो सर आप आप कृप्या सुनिये सर मैंने आपके अनुछेद 94-95 पड़े हैं
03:37और मैंने पहले ही उपाध्यक्ष या अन्यव्यक्ति की शक्ति देखी है
03:41अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का पालन करने या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए
03:47यदि आप इसे देखेंगे यदि आप इसे देखेंगे तो मुझे लगता है कि आपका उत्तर पूरी तरह से मिल जाएगा
03:54वे बड़े विद्वान है सर ओ वे इसी साहब ने 95-2 पूरा पढ़ा नहीं सर मैं समविधान की बात
04:02करता हूँ वे बैरिस्टर हैं
04:05ये कह रही है सर कि यदि डिप्टी स्पीकर भी अनुपस्थित हो तो सदन के प्रक्रिया नियमों द्वारा निर्धारित व्यक्ति
04:13सदन के प्रक्रिया नियम ये है सर जो ये 10 कह रहा है
04:18दस ये कह रहा है कि जो भी उस कुर्सी पर बैठेगा जो सदन ने पहले से तैकर रखा है
04:25उसके पास स्पीकर का उतना ही अधिकार है
04:29अनुछेद पचानवे दो यही कहता है सर
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