00:00मैं मुंडग उपनिशर्थ पढ़ रहा था
00:01वहां अविध्या में वह बहुत सारी चीजे मेंशन करने जिसमें एक जोतिश भी एक चीज है
00:05और आज के कॉंटेक्स में जब मैं जोतिश को देख रहा हूं
00:08वहां तो मुझे कुछ न कुछ confirmation bias, डर और यही दिखता जा रहा है
00:11continuously कि यसे ही चलते जा रहा है
00:13तो क्या यह जोतिश वहां का और जोतिश आज का में distortion हो गया है
00:18या वहां का कुछ assumption है या अभी हम गलत बकड़े में
00:21जो यह सब होती है
00:23celestial bodies
00:25जिस हद तक जोतिश उनकी calculations कर रहा है
00:29उस हद तक तो मामला factual और analytical है ना
00:35समस्या तब आती है
00:37जब अहंकार उस calculation को अपने लिए meaningful बनाना चाहता है
00:41Sun की और Saturn की movement क्या है और position क्या है
00:46यह निकालना तो science है
00:48Astronomy
00:49पर आगे यह कहना कि Sun और Saturn की जब ऐसी position होगी
00:53तो मेरी किसमत खोल जाएगी
00:56यह सुपरस्किशन है
00:57अभी अपनी जोतिश में यह दो डिस्टिंग्शन करके देख लेना चाहता है
01:00तुम्हारी जोतिश में एक पार्ट तो बिल्कुल साइंटिफिक और लॉजिकल है
01:05विच दील्स विच सेलेस्टियल कालकुलेशन
01:23पढ़ेगा यह सुपरस्किशन शुरू हो गए अब
01:27तो अगर आज के कॉंटेक्स में मुझे जोतिश को कुछ समझना है
01:30तो उसकी केल्कुलेशन को जाके समझेगे
01:31आज तो में जोतिश पढ़ने तो अस्ट्रॉनमी में चले जाओ
01:33आज की जोतिश
01:35तो युनिरसिटी में पढ़ी जाएगी ना
01:37वो तो अस्ट्रॉनमी है जाओ पढ़ो
01:42तेंक यू अचाय जी
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