00:00वो इतनी सी होती है छुटकी और उसको हम मिनी वूमन बना देते हैं
00:05अलग तरीके के कपड़े, अलग तरीके के बाल, चोटी, कंगी, बिंदी, टिकली, पायल, घुंगरू, काजल, नाक छिदवाना, कान छिदवाना
00:17ये सब बाते क्या मन से और चेतना से रिष्टा रखती हैं
00:22वो इतनी सी है और आप सारे काम उसके साथ वही कर रहे हो जो शरीर के हैं
00:26तो पूरा ही शरीर बन जाती है, बड़ी होते होते
00:29दुनिया की सत्ता में और दुनिया के धन में महिलाओं की भागेदारी कहीं 2 प्रतिशत कहीं 5 प्रतिशत
00:35और देह चमकाने के बाजार में महिलाओं की भागेदारी 90 प्रतिशत
00:40हमें दिखनी रही है, हमने क्या बना दिया है अपनी लड़कियों को
00:44और एक बाद और बता देता हूँ
00:46सजी बजी गुडिया बनने का सौधा कर लेते हो न
00:49इसकी एक बहुत बड़ी सजा ये मिलेगी कि कभी कोई आजाद साथी भी नहीं मिलेगा
00:54क्योंकि आजाद पंचियों को पिजड़े वाले सुहाते नहीं है
00:58खुले आकाश में उड़ो तो वहां आकाशों वाला भी शायद कोई मिल जाए
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