00:03जिस देश की धर्ती पर पढ़ाई की जिस देश की युनिवर्सिटी से ज्ञान और पहचान मिली आज उसी देश को
00:09आख दिखाने वाली राजमी थी अगर कोई नेता करने लगे तो सवाल उठना लाजमी है
00:14नेपाल के नए उभरते नेता और नव नियुक्त प्रधान मुद्री बालेंद्र शाह यानि बालेंद्र शाह को लेकर भारत में ठीक
00:21यही चर्चा तेज हो गई है
00:23करनाटक में पढ़ाई करने वाले बालेंद शाह भारत से ही उलश्टे रहें
00:27गड़े राष्ट्रवाद के नाम पर भारत विरोधी नैरेटिव कभी ग्रेटर नेपाल के नक्षे में बिहार, यूपी और बेंगौल तक को
00:33जोड़ देना तो कभी भारतिया फिल्मों पर रोग की धमकी देना
00:37उनके कई कदम भारत नेपाल रिष्टों में नई तनातनी पैदा की है
00:41जुसके बाद अब सवाल यही है क्या बाले इन शाह का उभार दोनों देशों के रिष्टों को नई मुश्किल में
00:47डालने वाला है
00:48चलिए बाले इन शाह की उन चार भारत विरोधी नारेटिव की बात करते हैं जो भारत के प्रती उनके दुर
00:54भावना को उजागर करता है
00:56नवस्कार मेरा नाम है रिचा पर आशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:59बाले इन शाह ने अपनी पढ़ाई भारत के करनाटक से की है
01:03भारत की उनिवर्सिटीज में पढ़कर उन्होंने इंजिनियरिंग और आगे की पढ़ाई पूरी की
01:19सबसे बड़ा विवाद तब हुआ जब भारत की नई संसद में अखंड भारत से जुड़ा
01:23मूरल चर्चा में आया इसके जवाब में उसमें काचमांडू के मेर रहे बालेन शाह ने अपने ओफस में
01:29ग्रिजर नेपाल का नक्षा लगवा दिया
01:31इस नक्षे में भारत के उत्राखंड के लिपुलेक और काला पानी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्रिम, बंगाल और
01:39सिक्किम के कुछ हस्सों को भी नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था
01:42इसकदर पर भारत ने कड़िया पत्ती जताई और ये मामला दोनों देशों के रिष्टों में चर्चा का विश्य बनिया
01:48विवाद यही नहीं रुका, भारतिया फिल्म आदिपुरुष को लेकर भी बाले इंशा ने कड़ा रुख अपनाया था
01:53फिल्मे मातसीता को भारत की बेटी कहे जाने वाले एक डायलोग पर उन्होंने खुल कर विरोध जताया
01:59उन्होंने साफ कहा था कि जब तक यह डायलोग खटाया नहीं जाता काठमाडू में ना सिर्फ आदिपुरुष बल्कि किसी भी
02:05भारतिया फिल्म को चलने नहीं दिया जाएगा
02:07उनके इस फैसले ने भारत और नेपाल के सांस्रितिक रिष्टों पर भी बहस छेड़ दी
02:29कि क्या बालेंशा की कुछनीती शैली बेहद आकरामक है सीमा विवाद के मुद्दे पर भी उनका रुख काफी सक्त माना
02:36जाता है
02:36खास कर काला पानी और लिक्पुलेक जैसे सम्विधन शील इराकों को लेकर वे खुल कर नेपाल का पक्ष रखते हैं
02:43नेपाल का पक्ष रखना ठीक बात है लेकिन अपने पडोसी भारत जिस पे नेपाल काफी हद तक डिपेंडेंट है उस
02:50पडोसी देश के खिलाफ बोलना ये सही नहीं है
02:53कई जानकारों का मानना है कि अगर भविष्र में ये मुद्य अंधर राष्ट्रिय वंचो पर उठते हैं तो बाले इंशा
02:58भारत जिक्राफ ज्यादा मुखर हो सकते हैं
03:00अलाकि कहानी का दूसरा पहलू भी है बाले इंशा मधेजी समुदाय से आते हैं और उनके शिक्षा भारत पे हुई
03:06है
03:06यही वज़य है कि कुछ विशिशग्य मानते हैं कि भारत के साथ जक्राव के बज़ये वेवहारिक समझोते भी कर सकते
03:13हैं
03:13अगर उन्हें सम्मान और बराबरी का वेवहार मिले तो फिलाल सबसे बड़ा सवाल यही क्या बाले इंशा का रास्टवादी रुक
03:19भारत नेपाल के दशों को पुराने रिष्टों में नहीं कटास लाएगा
03:22या फिर भाही नेता दोनों देशों के बीच एक नहीं तरह की समझ और संतुलन में पैदा कर सकते हैं
03:27जो भी हो ये तो आने वाले वक्त में पता चलेगा लेकिन पुराना रिकॉर्ड अगर देखा जाए तो वो तो
03:32खराब दिख रहा है बाले इंशा का भारत के परती
03:34फिलाल इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें One India ही
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