00:00जब शनी देव ने हनुमान जी को चुन्नोती दी तो बजरंग वली ने अपनी पूर्स से ऐसा सबुख सिखाया है
00:05कि शनी देव को माफी मांगनी पड़ी।
00:07समुन्दर किनारे एक उन्ची चेटान पन हनुमान जी शांत बैटक बगवान राम का ध्यान कर रहे थे।
00:13सामने समुन्दर में राम नार्म लिखे पत्रों की एक लंबी पक्ति बनी हुई थी जो लहरों के बीच रास्ता बना
00:18रहे थी।
00:44पर शनीदेव नहीं मानने वो जिद करने लगे उन्हें अपनी शक्ति अजमानी है तब हनुमान जी उठे और अपनी लंबी
00:51पूछे शनीदेव को पकर लिए और फिर उशलते कूते चेटानों और समुन्दर के पत्रों पर तोरने लगे हर शलांग में
00:57शनीदेव को जोर से
00:59जटका लगता कुछी समय में शनीदेव डर से कहराने लगे आकिरार शनीदेव बोले हनुमान जी मुझे शमा कर दीजिए आज
01:08के बाद जो भी आपका बक्त होगा उसे मेरी बुजी दिस्टी से डरने की जुरूरत नहीं होगी तब हनुमान जी
01:15ने शनीदेव को शोर दिया
01:16तबी से माना जाता है जो व्यक्ति हनुमान जी की भक्ति करता है उस पर शनीदेव की कुछ डिरुस्टी का
01:22प्रवा बहुत कम हो जाता है जै श्री राम जै बजरंग वली
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