00:00जब बात उर्जा की आती है तो वास्तव में अमेरिका साओधी अरब से भी बड़ा है।
00:04उसे उर्जा के लिए किसी पर हमला करने की ज़रूरत नहीं है।
00:07चाहे वह इराक हो, इरान हो, कुवेत हो या वेनेजुएला।
00:09इरान के पास शायद ऐसा कोई हथियार नहीं है जो कभी अमेरिका तक पहुँच सके।
00:13फिर दाओ पर क्या लगा है? उपभोग! मुझे और अधिक उर्जा चाहिए, और अधिक और अधिक।
00:19और इरान के पास उर्जा है।
00:23इसलिए अमेरिका को इरान में एक अनुकूल सरकार चाहिए, ताकि वहां की उर्जा का भी दोहन किया जा सके।
00:30लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं होगा।
00:33पूरे ग्रह के उर्जा भंडार भी पर्याप्त नहीं होगे, क्योंकि अपूर्णता से भरा अहंकार कभी त्रिप्त नहीं हो सकता।
00:42तुम पूरे ब्रह्मांड को भी उसमें जोग दो, वह फिर भी भीतर से खोकलाई रहेगा।
00:48इसलिए कूटनीती आधि काम नहीं करेगी, तुम्हें कूटनीती की नहीं विवेक की आवशक्ता है।
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