00:02क्वेशान साथ कि शेक्षानी के अब जानी है रहा है नाम बहु का यह है शान हमाज
00:10कि सर मेर फोटो लेरो
00:13पहुंआ है बहुंआ है रहा है रहा है रहा है मेला प्सीप प्रस वह का वह ख़र से निक छूप़
00:29आहें रेखर, किसी को कुछ नहीं पता है, क्या है सही है।
00:36अब एक छुट चीपाने के लिए बार बर जुट बोलना पड़ें।
00:39कोशिश करो जुट न बोलना
00:41अगली बार कोशिश करणागी तो अजो नहीं नहीं देगी।
00:44इतनी मजबूरी रखो महा, कोशिश करो कि सच बोल के भी आत्मबल के दम पर आसक, अगली बार कोशिश करना,
00:53कि सच बोलो और फिर भी कहो कि सही काम है, मुझे रोकिये महा, बोल रहे हैं क्या भी पढ़ाई
01:00कुरो अभी इसके क्या सब्सक्राइब पढ़ाई करो ना, पढ़ा
01:15क्या सब्सक्राइब पास निच कहने के लिए तुम नहीं है, बट थाइंक्यू बेरी मुट सब्सक्राइब
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