00:00सर जिस टाइम पर उपनिशद लिखे गए थे उस वग ओपन रिलेशनशिप्स को एक्सेप्टेंस मिलता था बिल्कुल मिलता था बिल्कुल
00:08मिलता था ओपन रेशनशिप्स को ही मिलता था और महिलाएं जिस तरीके से जीती थी रहती थी चलती थी खाती
00:15थी पीती थी यहां त
00:27तो कुंती इतने अलग अलग देवताओं से पुत्रप्राप्त कर पाती और उन्हें सामाजिक स्विक्रते भी मिल जाती तभी उच्यतम की
00:35और उनमुख था भारत जो छोटी चीज को बहुत बड़ी चीज बना लेगा वो बड़ी चीज से तो हाथ दो
00:40बैठेगा ना ये कल्च
00:56करेना ये तो भारत में कभी था ही नहीं ये ऐसारी प्रथा ये तो हमारे पास आई हैं अफडानिस्तान और
01:02इरान एराक और तुर्की और अरेज़िया से भारत में सब नहीं था कि महिला ऐसे करेगी भारत गरम-देश था
01:08भाई महिलाएं वस्त्र भी बहुत खुले पहनती �
01:11तो पिर्धे करदे की तो फिर्धे की जो हम पुरूब है पिर्धे की तो शाइब की तो सामिपिन।
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