00:006 March 2026,
00:02was the last day in the year
00:03and in the price of a magazine,
00:05there was a price on the dollar by using the dollar.
00:09We got the price on the dollar and the dollar.
00:10Sin6 and FFT,
00:11is the company of Banshee for every single-million dollar.
00:15Sin6 and FFT,
00:16so closing the dollar a month,
00:18the dollar was 1,000-0.
00:21The actual price on the dollar is 1,000-0.
00:22And the FFT was 24,500.
00:25Banking shareo's cost is the dollar.
00:28They got the dollar,
00:28But the big question is how you should be in the EU?
00:32Because the reason why you should be in the EU is a big question.
00:32So let's go.
00:32Asan Bhasha, you can see in this video, there are 5 factors that are in the EU.
00:37Why are the EUs?
00:42The EUs, the EUs, are in the EUs.
00:42And they are in the EUs, and they are in the EUs.
00:43Hello and welcome.
00:44You are in the EUs.
00:45I am with you with your own.
00:47Bhaartiya Share, Bazaar,
00:486 March 2026,
00:50Kamsori, Kama Hall,
00:51Bhano Bhano's,
00:53Karoobar,
00:53Promoke Index,
00:54Lala Nishan,
00:55Trade,
00:57Karmuska,
01:21This is the most important thing in the banking sector.
01:25The bank of Nifty is 57,900-58,300 in the range of trade was a few days before closing.
01:33The bank of Nifty is 1100-1200 in the range of trade.
01:36The Nifty Financial Services Index was about 1.5% down to the price of Friday.
01:43The IT sector has a little bit of stability,
01:47while in the auto and energy sector there is a mixed trading.
01:515 of the big factors of interest spoke on the局 website.
01:57The US in Bank of Nifty is 10.
02:01The Secretary of Nifty is 40,000-55,000-47,000 in the Chinese and other cities.
02:10The Minister of Nifty is 70,000-602,000.
02:10The President of North Korea has a strong pressure.
02:10The President and theineness debate has a strong pressure that has complementary pressure to go.
02:33বિરાકྱ বિંત
02:41तो निवेशा किस समय ऐसे समय में ज्यादा तर बाजार में निवेश करने से पहले रिस्क को अनलाइज करते हैं
02:47और पॉशिस रूख अपना लेते हैं और भारतिय बाजार में भी वही देखने को मिल रहा है.
02:50अब दूसरे कारण पर आईए कमजोर ग्लोबल मार्केट जैसे ही वोर के कारण अस्थिरता का माहौल बना सबसे पहला असर
02:57बना ग्लोबल मार्केट पर एशियाई बाजारों में उतार चड़ाफ देखने को मिल रहा है दक्षन कोरिया का कॉस्पी करीब 2
03:04% गिल चुका है जब
03:46अब इससे शेर बाजार में पैसा कमाता है और बाजार पर दबाव बनता है
03:50तो भारतिय बाजार पर दबाव बनने का एक कारण ये भी है कि सरकारी बॉंड इल जादा अट्राक्टिव नजर आ
03:56रहे है
03:56चौधा कारण है विदेशी निवेशिकों की लगातार बिक्वाली
04:00FII's एक बार को लोटते नजर आये थे लेकिन इस अंसर्टिन ग्लोबल एकॉनमिक जंक के चलते
04:06FII's एक बार फिर भारतिय बाजार से बाहर निकल रहे है
04:09NAC के आंक्रों के मताबिक पिछले कारोबारी सत्र में FII's ने करीब 3,752 करूर रुपे के शेर बेचे
04:16जबकि DII's यानी घरेलू निवेशिकों ने करीब 5,153 करूर रुपे के खरीदारी की है
04:22इस माईने अब तक विदेशी निवेशक 21,436 करूर रुपे के शेर बेच चुके है
04:27और इसके अलावार Morgan Stanley ने भी बारतिय बाजार पर अपना रुप थोड़ा सा कौशुस कर दिया है
04:32और भारत की रेटिंग को ओवर रेट से घटा कर इकुल वेट कर दिया है
04:37और Morgan Stanley जैसे ब्रोकरज की तरफ से ओवर वेट रेटिंग कम हो जाना
04:41भारतिय बाजार के लिए एक छूटा मोटा ही सही वर जटा जरूर है
04:45पाचवे बड़े कारेट पर आईए तेल की बढ़ती कीमते
04:48Middle East के वर की वज़े से संघर्ष की वज़े से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है
04:53क्योंकि स्ट्रेट ओफ हॉर्मोस से दुनिया की करीब 20 वीसिदी तेल की सप्लाई गुजरती है
04:58काई टैंकर्स पर हमले के बाद ये रास्ता लगभग बंद हो गया है
05:01हाला कि ये जरूर कहा जा रहा है कि कुछ देशों के लिए इसको बंद किया गया है
05:05जैसे यरॉप और यूएस भारत के लिए इसको बंद अभी तक नहीं किया गया है
05:09इरान की दर से दावा है कि लिमिटेट सप्लाई चल रही है
05:12लेकिन फिलहाल इन्वेस्टर्स को इस बात पर शायद पुरी तरीके से भरोसा नहीं हो रहा
05:16ब्रेंट प्रूट के कीमत करीब 83 डॉलर पती बैरल के आसपास ट्रेट कर रही है
05:20जबकि एक हफते पहले ये करीब 79 डॉलर थी
05:23यानि सिर्फ एक हफते में तेल की कीमतों में भारी उच्छा लाया है
05:27अब ऐसे में एक्सपर्ट का कहना ये है कि फिलहाल बाजार करेक्शन फेज में है
05:31टेक्निकल आनिलिस्ट की माने तो निफ्टी अभी 200 डियमे के नीचे ट्रेट कर रहा है
05:35नीचे की तरफ 24,530 और 24,300 सपोर्ट लेवल माने जा रहा है
05:39जबकि उपर की तरफ 24,850 और 25,000 रेजिस्टेंस है
05:43जब तक निफ्टी 25,000 के उपर मजबूती से नहीं निकलता
05:46तब तक बाजार में सेल उन राइस की स्ट्राटेजी जारी रह सकती है
05:51फुल मिलाकर मिडल इस का यूद, कमजोर ग्लोबल संकेत, बढ़ती बॉंड इल्ड, विदेशी निवेशकों की बिक्वाली और महंगा होता तेल
05:59ये पाँच बड़े कारण शेयर बाजार पर 6 मार्च को काफी हावी रहे और गिरावट के पीछे भी यही रहे
06:05आने वाले इननों में बाजार की दिश्वा काफी हद तक इन ही फाक्टर्स पर फिर से डिपेंड करने वाली है
06:10यानि बाजार वॉलेटाइल रहने वाला है
06:12इसलिए किसी भी निवेश से पहले फाइनांशिल एडवाईजर की राय बेहत जरूरी है
06:16देख देख देख देख देख गुटर्स
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