00:02आज की शाम थड़ी खास थी, ना कोई बड़ा प्लान, ना कोई बड़ी तैयारी, बस हम सब फ्रेंग्स ने सोचा
00:08चलो आज गवालियोर मेला देखते हैं।
00:30एंडर किया चारो तरफ रोशनी, रंग बिरंगी लाइटें, हसी और मस्तिकी वाजे, दिल सच में खिल खिला उठा।
00:37मेले में एंडर करते ही सबसे पहले नजर पड़ी ग्रेट जुम्बो सरकसपल, बड़ा सा टेंट, लाल पिली लाइटों से चुमकता
00:44हुआ, बाहर खड़े लोग और अंदर से आती हुई तालियों की आवाज।
00:49उसे देखकर ऐसा लगा जैसे बचपन फिर से सामने आ गया हुँ, थोड़ा और आगे बड़े तो आचानक सामने एक
00:56ऐसा नज़ादा आया जिसने हमें कुछ पल के लिए रोख ही लिया, चारो तरफ रोशनी से जग मगाते बड़े बड़े
01:03जुले, आसमान को छुते हुए
01:18जी रहे थे, जब जुला घुमता तो हवा का एक ठंडा जोका चेहरी से टकराता और ऐसा लगता जैसे सारे
01:26थकान उड़ गई हो, लेकिन असली रोमाज तो उन लंबे जुलो में था, वो जुले इतने उचे जा रहे थे
01:33कि कुछ पल के लिए लगता था जैसे आसमान को छु
01:45फिर अचानक बहुत उचाई से नीचे की तरफ जुल जाता, उस पल दिल की धड़कन तेर हो जाती और नीचे
01:54खड़े लोग भी रोमाज से चिला उड़ते, हर बार जब जुला उपर जाता तो नीचे की पूरी मेला ग्राउंड की
02:01रोशनी एकदम छोटी छोटी चमकती हु
02:15मेले की असले खुशी ही है, मैंने वहां खड़े खड़े अपनी वीडियो बनाई, दोस्तों के साथ हसी मजा किया और
02:23उस पल को कैमरे में कैट कर लिया, सच कहूं तो उस समय ऐसा लग रहा था कि हम सब
02:29फिर से बच्चे बन गए हैं, जहां सिर्फ हसी है, हवा है और मस्ती है
02:34और यही तो मेले के सबसे खुबसूरत बात है, वो हमें कुछ तेर के लिए जिन्दगे के सारे टैंशन बुलाकर
02:41बस खुशी से जीना से खा देता है, हम थोड़ा और आगे बड़े तो देखा, कहीं लड़कियां रंग भिरंगी चुड़ियां
02:49खुड़ियां खुड़ियो
03:04और खाने पीने की चीज ना हो, ऐसा तो कभी होई नहीं सकता, हमने सबसे पहले सौफटी चाउमिन बर्गर की
03:10शोप देखी, लेकिन फिर एक दुकान से हमने पापड़ खाए, और वो पापड़ इतने कुरक्रे थे जो हमें मेले के
03:18मजे को हमारे और बढ़ा गई, मेले में �
03:22आगे बढ़ते हुए हमने कई शोपस देखी, घर संसार महासेल, जहां लोग खाय का समान देख रहे थे, लुध्याना होजरी
03:29वालों की सेल, जहां कपड़ों की अच्छे खासी भीड थी, फिर हमने देखा राजस्थानी मार्केट, वहां रंग पिरंगे कपड़े, पारं�
03:51इसके शोपस भी थी, हर दुखान पर कुछ नया, हर चेरे पर मुस्कान, मेले के सबसे प्यारी बात होती है,
03:58वहां मिलने वाले लोग, मैंने एक दुखान वाले भीया से भी बात की, उनकी मुस्कान और अपना पन देखकर लगा,
04:04यही तो है असली भारत, जहां मेला सिरफ �
04:07ख्रेदारी नहीं, दिलों को जोडने का मुका होता है, जिया
04:42जब हम वापस लोट रहे थे, तो दिल में एक भी बात आ रही थी, मेला सिरफ जूले या दुकाने
04:48नहीं होता, मेला होता है लोगों की हसी, रोशनी और यादों का संग, सचकम आज की इस शामने दिल को
04:55सच में खुश कर दिया, खुश हैने के लिए बड़े चीजों की जु
05:07पिले, सरकस, शोपिंग और मेले की मस्ती पसंद है, तो इस वीडियो को जरूर लाइक करें और कैंडले ली चैनल
05:14को सब्सक्राइब करें, क्योंकि यहां हर व्लोग में वीडियो नहीं, हर दिल से निकली हुई कहानी होती है, जो दिल
05:21से बनती है, और दिल तक पहुशती है,
05:23दिलते हैं, नेक्स लोग में, तब तक आप हसते रहें, मुस्कुराते रहें, राधे राधे,
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