00:00एक बार एक यात्री उचे और कथिन पहाडों की चड़ाई कर रहा था, रास्ते में उसे एक नोजवान युवक दिखा, अकेला शान पर गहरी सोच में डुबा हुआ, यात्री ने जिग्यासा से पूछा,
00:17भाई, तुम यहाँ इस विरान जगह पर अकेले क्या कर रहे हो, तो नोजवान युवक मुस्कुराया और बोला, मैं बहुत फ्यस हूँ, मुझे अपने भीतर बहुत काम करना है, यात्री हैरान होकर बोला, यहाँ तो कोई नहीं दिखता, फिर कैसा काम,
00:39युउक ने गहरी सांस ली और कहा, मुझे दो बाजों को साधना है, दो चीलों को काबू में करना है, दो खरगोशों को हिम्मत सिखानी है, एक गघे से महिनत करवानी है, एक सर्थ को अनुशासित करना है, और एक शेर को वशमे करना है,
01:01यात्री और भी चो गया
01:04भाई ये सब है कहां
01:07तो युवक मुस्कुराया और बोला
01:09ये सब मेरे अंदर है
01:12दो बाज मेरी आखे हैं
01:15जो हर वक्त दुनिया में कमिया खोशती रहती है
01:19मुझे उन्हें सिखाना है
01:21कि वे सिरफ अच्छाई और अफसर देखे
01:26लोगों में गुणों को देखे
01:28दो चील मेरे हाथ हैं
01:31जो कभी गुस्से में चोट पहुचा देते हैं
01:35मुझे उन्हें सिखाना है
01:37कि ये केवर मदद और दूसरों को आशिरवाद देने के लिए ही उठे
01:42दो खरगोश मेरे पैर हैं
01:46जो मुश्किल आते ही भाग जाना चाते हैं
01:50मुझे इन्हें सिखाना है कि ठोकर लगने पर दृड़ता से खड़े रहो
01:56गधा मेरा श्रीर है
01:59जो अकसर ठक कर हार माल लेना चाता है
02:02मुझे इसे याद दिलाना है कि महेनत ही असली तपस्या है
02:08और साप बेरी जुबान है जो मोका मिलते ही किसी को भी डसने को तयार रहती है
02:15मुझे इसे सिखाना है कि शब्दों में सहयम और मिठास रखो
02:20और सबसे कठीन वो शेर जो मेरे अंदर का एहंकार है
02:26जो हर वक्त गरस्ता है मैं ही सही हूँ
02:29हाँ मैं ही सही हूँ
02:31मुझे उसे समझाना है कि असली वीर वही है जो स्वयम पर विजय पा लेता है
02:39सीख जीवन का सबसे बड़ा युद बाहार नहीं है अपने अंदर से लड़ा जाता है
02:46जब आदमी अपनी नजरों, हाथों, जुबान, शरीर और एहंकार को साध लेता है
02:55तो ये दुनिया नहीं बदलती हम खुद बदल जाती है यही है असली आतम सुधा स्वयम से युद और स्वयम पर विजय
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03:11और ऐसे ही वीडियो को देखने के लिए कैंटी डेली चैनल को सब्सक्राइब करे तब तक हसते रहे, मुस्कुराते रहे हैं मिलते हैं
03:19नेक्स युडियो में नए टोपिक के साथ जैशरी शाम, राधे राधे
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