- 7 minutes ago
क्या ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए इजरायल ने भड़काया? देखें वारदात
Category
🗞
NewsTranscript
00:00नमस्कार मैं हूं शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाद
00:03ये सवाल पूरी दुनिया पूछ रही है कि आखिर इस वक्त अमेरिका ने एरान पर हमला क्यों किया
00:09वो बी तब जब حमले से ठीक 48 घंटे पहले तक अमेरिका और इरान के बीच जिनेवा में बातचीत चल
00:16रही थी
00:17इस बातचीत में खुद इरान के विदेश मंतरी शामिल थे
00:21बातचीत में इरान अमेरिका की कई शर्तों को भी मानने को तयार था
00:25तो जानकारों की माने तो असल में ट्रम्प नेतन याहू के बहकावे में आ गए
00:41इरान पर अमेरिकी और इस्राइली हमले से सिर्फ 48 घंटे पहले जिनेवा में एक बेहत एहम मीटिंग चल रही थी
00:49ये मीटिंग अंग्रेजी बोलने वाले इरान के विदेश मंतरी अबास अराग्जी और अमेरिका के मिडल इस्ट के दूड विटकॉफ और
00:58डोनेल ट्रम्प के दामाद जेट कुष्टर के बीच थी
01:02इन दोनों को खुद ट्रम्प ने जिनेवा भीजा था
01:05इस मीटिंग का मकसद था इरान को इस बात पर राजी करना कि वो अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को जीरो कर
01:12देगा
01:12इस बात्चीत के दौरान इरानी विदेश मंतरी ने दोनों अमेरिकी दूट के सामने साथ पन्नों का एक प्रपोजल रखा
01:20इस प्रपोजल के जरीए एरान अमेरिका को ये बताने की कोशिश कर रहा था
01:25कि कैसे आने वाले वक्त में अलग अलग लेवल पर अपने प्रवानों कारिकरम को वो कम करेगा
01:31हाला कि दोनों दूट के जरीए टर्म्प ने ये साफ संदेश भिजवाया था
01:35कि जब तक एरान अपने प्रवानों कारिकरम को जीरो नहीं कर देता बात नहीं बड़ेगा
01:4226 फरवरी की इस मीटिंग में पहला दौर इसी के साथ खत्म हो गया
01:46दोनों दूट ने टर्म्प को जानकारी दी कि एरान एक ही जटके में अपने न्यूकलियर प्रोग्राम को जीरो करने पर
01:53राजी नहीं है
01:54इसी के बाद विटकॉफ और कुष्णर जिनेवा से वाशिंग्टन लोट आते हैं
01:59अब दोनों टर्म्प को ये बताते हैं कि उन्हें नहीं लगता कि एरान इस मुद्दे पर किसी डील के लिए
02:05तैयार होगा
02:09यही वो घड़ी थी जब टर्म्प फैसला जे चुके थी कि अब एरान से आगे कोई बात चीत नहीं होगी
02:15इस तैसले के पीछे सबसे एहम वज़ा इसराइल के प्रधान मंत्री तेंजा में नेतनियाहू थी जो बीते 11 फरवरी से
02:23टर्म्प को इरान पर हमला करने की सलाह दे रहे थी
02:2611 फरवरी की सुबह नेतनियाहू वशिंटन के ओवल आफिस में टर्म्प से मिलने पहुँचे थे
02:32इस मुलाकात से कई हफ़ते पहले से इसराइल लगातार अमेरिका को इरान पर हमले के लिए उकसा रहा था
02:39इसराइल टर्म्प को इस बात के लिए मनाने की कोशिश कर रहा था
02:43कि इरान से बात्ची का कोई फायदा नहीं है
02:45इरान के सर्वोट चनेता आयतल्ला खामी ने नूकलिर प्रोग्राम को जीरो करने पर कभी राजी नहीं होंगे
02:5411 फरवरी की इस मुलाकात के दोरान टरंप और नेतनियाहू के बीच करीब 3 घंटे तक मीटिंग चली
03:00इस मीटिंग के दोरान एरान के साथ जंक और हमले की तारीफ तक को लेकर बात चीट हुई
03:06इस मीटिंग के अगले दिन टरंप ने सारवजनिक तोर पर ये बयान दिया
03:10कि उन्हें डिपलोमेटिक चैनल से इरान के साथ बात चीत कर
03:14किसी नतीजे पर पहुँचने को लेकर शक है
03:16और वो इरान के साथ बात करकर के ठक चुके है
03:20इस पर एक रिपोर्टर ने टरंप से पूछा कि क्या वो इरान में सब्ता पलटना चाहते हैं
03:25टरंप का जवाब था कि इस से बहतर और कुछ हो नहीं सकता
03:30दरसल इसराईल लगातार टरंप से इरान पर हमले की अजासत मांग रहा था
03:34पर जिनेवा में जब टरंप को अपनी मर्जी के हिसाब से जवाब नहीं मिरा
03:38तब उन्होंने तै कि वो सिर्फ इसराईल को इरान पर हमले की इजासत नहीं देंगे
03:43बलकि इरान के टॉप लीडर्शिप को खत्म करने के लिए इस हमले में इसराईल के पार्टनर भी बनेंगे
03:49नेतन याहू को और क्या चाहिए था अब बस हमले की तारीख तै होनी थी
03:54वाइट हाउस में इसको लेकर एक हाई लेवल मीटिंग इस मीटिंग में वाइस प्रेसेडेंट जेडी वेंस यूएस सेक्रेटरी मार्को रूब्ली
04:02सी आईए डारेक्टर जॉन रेकलिफ चेर्मेन अफ जॉएंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेन कैन शामिल थी
04:10जनरल गेन की सलाती कि यूएस फॉर्स को इरान पर सिर्फ लिमिटेड हमले करने चाहिए ताकि अरान को ड़रा कर
04:17उससे संजھोता किया जा सके या फिर सीधे एरान की सरकार को ही गिराने के लिए
04:22बड़ा हमला किया जाए
04:23मगर जनर्ल डैन के मताबिक बड़े हमले में
04:26बड़ी तादाद में अमरिकी फोर्सेस के मारे जाने का खत्रा था
04:29वाइस प्रेसरेंट वेंस की मीटिंग में राय थी
04:32कि एरान पर हमला बड़ा और जल्द होना चाहे
04:35रूबियों ने इस मीटिंग में ही ये चेतावनी दी थी
04:39कि एरान पर चाहे पहले इसराइल हमला करे या अमरिका
04:42दोनों ही सूरत में एरान अमरिका पर पलटवार करेगा
04:45जिनमें खाड़ी के देशों में अमरिकी सैनने बेस और अमरिकी दूतावाद शामी होगी
04:52लेकिन टरंप मन बना चुके थे क्योंकि नेतनियाहू महीनों से टरंप के दिमाग में ये फढ़ चुके थे
04:57कि एरान पिछले साल जून के हमले के बाद की तेजी से अपने प्रवानु कारेकरम को आगे बढ़ा रहा है
05:04अमरिकी मीडिया के मताबिक एरान पर टरंप के हमले के फैसले के पीछे नेतनियाहू के इलावा एक और बज़ा थी
05:10हाल के वक्त में टरंप की लोकपलिता घट रही थी
05:13इसी साल नुवंबर में अमेरिका में मध्धवदी चुनाओ है
05:17टरंप अपने सलहाकारों से जानना चाहते थे
05:20कि अगर वो एरान पर पूरी तरह से हमला करते हैं
05:23तो क्या अमरिकी जंदा उन्हें एक ताकतवर लीडर के तोर पर मानने था देगी
05:27हाला कि सूतरों के मताविक सलहाकारों ने उन्हें ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया
05:32पर अब टरंप पीछे हटने को तयार नहीं थी
05:37हाला कि इसी बीच टरंप की कोर टीम ने एक और प्रपोजल रखा
05:41ये प्रपोजल ये था कि एरान की सबचे ताकतवर फोर्स
05:44इस्लामिक रिवलुशनरी गाड कॉप्स यानि आई आर जीसी में फूट डालकर
05:49ये कोशिश की जाए कि उनका एक गुट एरान के अंदर तखता पलट करें
05:53और अगली सब्ता उनके अपने किसी खास को सौट दी जाए
05:56इससे मैसेज ये जाएगा कि एरान के अंदर ही एरानी लोगों
06:00या एरानी सेना ने खामिनई का तखता पलट दिया
06:03लेकिन ये तरीका काम ना आया
06:06अमेरिकी खुफ़े आजिंसी सी आईये ने टरम्प को जो ब्रीफिंग दी
06:10उसके हिसाब से आईयार जीसी को दोड़ना
06:12या उसके एक धड़े को बगावत के लिए मजबूर करना ना मुद किना
06:16क्योंकि ये वो फोर्स है जिसे खुद खामिनी ने जर्म दिया था
06:20और बड़ा भी किया
06:21आयार जीसी खामिनी के खलाफ गद्दारी नहीं कर सकते
06:28नेतनियाहू टरम्प को लगतार ये भी समझाने की कोशिश कर रहे थे
06:32कि जब तक आयतल्ला खामिनी एरान की सक्ता पर काबिज रहे एरान का नीकलियर प्रोग्राम रुकने वाला ने
06:39असल में नेतनियाहू खामिनी को भी मारना चाहते थे
06:43पिछले साल जून में जब अमरिका और इसराहिल के साथ एरान की 12 दिन की जंग ही
06:47तब पहली बार नेतनियाहू ने टरम्प को खामिनी को मारने की इजाज़त मागे थी
06:52हाला कि तब खुद टरम्प इसके लिए तैयार नहीं थे
07:00इतफाक से इसी दोरान दिसंबर के आखरी हफते में इरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो चुके थे
07:06इरानी अवाम डॉलर के मुकाबले गिरते इरानी करिंसी और महंगाई को लेकर सलकों पर उतर आई थी
07:12इरान के कई शहरों में आंदोलन तेजी पकड़ चुका था
07:16सरकार और खामने दोनों ही जन्ता के निशाने पर थी
07:19कई जगों पर प्रदर्शन कारियों को काबू करने के लिए इरानी फोर्सेज ने ताकत का इस्तेमाल किया
07:26दरजन और लोगों की मौत हुए इरान के अंदर खामनी के खिलाफ इरानी अवाम के इस तरह सलकों पर आने
07:33से
07:33फिर से नेतनियाहू और टरम्प को एक मौका दिखाई दिया
07:36आंदोलन को कुचलने के नाम पर टरम्प ने इरानी हुकूमत को धंकी दे डाली
07:41कि वो जरूरत पढ़ने पर इरानी जन्ता की मदद के लिए आगे आ सकते हैं
07:46इस मौके का फायदा उठाने के लिए नेतनियाहू ने फिर से टरम्प को एरान पर हमले के लिए उकसाना शुरू
07:51कर दिया
07:52मगर ये मौका धीरे धीरे इसलिए हाथ से निकल गया
07:55क्योंकि सरकार विरोधी परदशन आहिस्ता आहिस्ता कम होता गया
08:00जैसा नेतनियाहू टिया टरम्प को मीद थी कि शायद इरानी अवाम के दबाओं में सरकार पलट जाएगी
08:06वैसा हुआ नहीं
08:13नेतनियाहू के बहकावे और अपने कुछ करीबी सलाहकारों की सलाह को अंदेखी कर
08:18टरम्प ने इसराइल के साथ मिलकर 28 फरवरी को इरान पर हमला कर दिया
08:23नतीजा वही हुआ जो जनरल डैन केन ने कहा था
08:26इरान ने परटवार करते हूँ साओधी अरग, युए, गतर, कुए, बहरी, जॉडर, इरान
08:32यानि जहां जहां खाड़ी के देशों में
08:35अमेरिकी सेन अड़ा है, उन्हें अपनी मीजाईलों और ड्रोन से निशाना बना है
08:39अब तक छे अमेरिकी सेनिकों के मारे जाने की खबर है
08:45खोड़ टरम्प ने जंग शुरू होने के तीसरे दिन ये कहा है
08:48कि ये जंग अभी शायद तीन-चार हफ़ते और चले
08:51हो सकता है उससे भी लंबी चले
08:53उन्होंने ये भी माना कि इस जंग में और भी अमेरिकीों की जान जा सकती
09:02हाला कि टरम्प का कहना था कि अभी हालाद जमीन पर सेनिक भेजने की नहीं है
09:06लेकिन जरूरत पड़ी तो सेनिक भी भेजेगे
09:09अगर ऐसा हुआ तो अफगानिस्तान और इराक के बार ये पहली बार होगा
09:14हाला कि ये वही टरम्प है जन्होंने राश्टपती बनते हैं
09:18अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने का हुक्म दिया था
09:21ये वही टरम्प है जन्होंने राश्टपती चुनाओं के दौरान कैम्पेनिंग में बार बार ये कहा था
09:27कि अब अमेरिका किसी देश में अपनी सेना नहीं भेजेगा
09:30ना जंग का कोई नया मोर्चा खोलेगा
09:32क्योंकि इस सेर्बो डॉलर खर्च होता है
09:35लेकिन अपने दूसरे कारेकाल में जब से टरम्प आए आठ देशों पर अब तक हमला कर चुके है
09:41पिछले साल जून को जोड़ ले तो इरान पर दो बार
09:44इसके अलावा इराब, सीरिया, यमन, सुमालिया, नाइजीरिया, लेटिन अमेरिका में नौकाओं पर हमले और विनेज़ुआजुआजुआजुआजुआजुआजुआजुआ
10:04कमाल ये कि ये वही टरम्प है जो चीए खुचीख कर अपने लिए नौबल पीस प्राइज मांगते नहीं थकते इस
10:10दम पर कि उन्होंने आठ देशों के भी जंग रुपाई जिन में भारत पाकिस्तान भी शामिल है पर दूसरा पहलु
10:16ये है कि आठ देशों पर हमले भी थ
10:19अमेरिका के इतिहास में टरम्प पहले ऐसे प्रेजिडिन्ट है जिन्होंने सिर्फ साल भर के अंदर आठ देशों पर हमले थी
10:27आज तक पिरूँ
10:33टरम्प ने ये हमला बेशकिन नेतनियाहू के बहकावे में आकर किया मगर इस हमले के लिए आखरी कील खुद सियाईये
10:40ने ठोकी
10:4128 फरवरी को इरान के सरवोच चनेता आयतुल्ला खुमैनी इरान के टॉप लीडर्शिप के साथ तहरान में एक मीटिंग करने
10:49जा रहे हैं
10:50ये खबर सियाईये नहीं पहले टरम्प को दी बाद में इस खबर को नेतनियाहू के साथ साज़ा किया गया
10:56और इसी के बाद हमले की तारीख और वक्त तैह हुआ
11:11वो 13 जून की सुभा थी जब इसराइल ने इरान के कई धिकानों पर हमले किये थी
11:17इस हमले के ठीक चार दिन बाहर अमेरिकी राश्रुपदी डोनेल्ड टरम्प में 17 जून 2025 की शाम 5 बचकर 19
11:26मिनट पर सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया था
11:29इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था हमें पता है कि तधाकतित सोप्रीम लीडर कहा छुपे है
11:36वो एक आसान टार्गेट है लेकिन सुरक्षित है अभी हम उन्हें बाहर निकालना नहीं चाहते यानि मारना नहीं चाहते
11:46दरसल जून में 12 दिनों तक चली एरान इसराइल के बीच इस जंग इसराइल को एक बार एक मौका मिला
11:53था
11:53इरान के सर्वोच जनीता आयतला आली खामिनी को मारने का
11:58लेकिन तब खुद टर्म्प ने इसराइल को ऐसा करने से रोग दिया था
12:02सलाहकारों ने टर्म्प को समझाया था कि खामिनी को मारने का असर पूरे मिडल इस पर पड़ेगा
12:08बारह दिन बाद तब वो जन्ग रुक गई
12:11लेकिन इसराइल नहीं रुका
12:13डिप्लोमेटिक चैनल से एरान और अमेरिका के बीच बात चीछ जारी थी
12:17अमेरिका चाहता था कि एरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम और खास्ताओ पर लंबी दूरी की बैलिस्टिक विजाईल को बनाना रोक दे
12:25पर बाद नहीं पर गए थी
12:32इसे बीच फरवरी के दूसरे हफते में टर्म्प ने ठंकी थी
12:36टर्म्प ने एरान को न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने या न्यूक्लियर डील पर समझाओता करने के लिए
12:41दस से पंदरा दिन का वक्त जीए
12:43साथ ही ये भी कहा कि ऐसा नहीं होता है तो फिर अन्जाम पुरा होगा
12:48और एक छूबर टेन्से पंदरावड़ी करने पावजों, और अमेरिका गया तर रहा था
12:54एरान पर अमेरिका के इस अमले की दो और वज़ा थी
12:57पहली वजा इसराईल था
12:58टर्मम के डेड् लाइन दिये जने के बाद इसराईल लगतार अमेरिका को ये यकिन दिलानी
13:18पूरी तरह यकीन नहीं करना चाहिए
13:20इसराइल बढ़ा चढ़ा कर बता रहा
13:22दूसरी तरफ साओधी अरफ के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सल्मार
13:26लगातार ट्रम को फोन कर जल से जल इरान के खलाफ एक्शन लेने की बाख कर रहे थे
13:32क्राउन स्प्रिंस का कहना था कि अगर अभी इरान पर एक्शन नहीं दिया गया
13:37तो इरान पूरे मिडल इस्ट के लिए खत्रा बन जाएगा
13:42एक तरफ ये सारी प्लैनिंग और बात चीच चल रही थी
13:45ट्रम की दिव ही डेडलाइन खत्म हो रही थी
13:48और इसे बीच अमेरिकी खुफ़ एजनसी सियाईय ने एक एहम जानकारी दी
13:53ये जानकारी इरान के सर्वोट चिधार मिकनेटा
13:56आयतल्ला आली खामने के तहरान में मौदू ठिकाने को लेकर थी
14:01SIAE से मिली इस जानकारी को अमेरिका ने इस्रायल के साथ शेयर किया
14:05SIAE की जानकारी को हर तरह से क्रॉस चेक करने के बाद ये साफ हो गया
14:10कि खबर पक्की है
14:12खामने तहरान में ही अपने दफ्तर में
14:15अब चीजें तेजी سے बदलने लगी
14:17इसे बीच CIA ने एक और बड़ी खबर दी
14:20खबर ये कियातुला खामिनी एरान के टॉप ओफिशल्स के साथ 28 फरवरी
14:26यानि शनिवार की सुभा अपने कमपाउन में ही एक हाई लिवल मीटिंग करने जा रहे है
14:31ये खबर और भी बड़ी थी क्योंकि एरान की टॉप लीडर्शिप और इरानी रिवलिशनरी गाट कॉपस एक साथ खामिनी के
14:39साथ होने वाले थी
14:42असल में बीते कई महीनों से CIA और मौसाद खामिनी के हर गतिविधिया पर नसर रख रहे थी
14:49बीते साल जून में हुई 12 दिनों की जंग में खामिनी के ठिकाने के बारे में अमेरिका और इसराहिल को
14:56पूरी जानकारी थी
14:57आला की तब ये कहा गया था कि खामिनी अपनी जान बचाने के लिए रूज भाग सकते हैं
15:03लेकिन खामनेई को गरीब से जानने वालों के मताबिक खामनेई कभी देश छोड़कर भागने वाले लीडर नहीं थे
15:09अलबता जून की जंग के बाद उन्होंने अपना ठिकाना पदल लिया था
15:14बताते हैं कि वो तेरान में एक ऐसी विल्डिंग में रह रहे थे
15:17जिसमें लिफ्ट जमीन के अंदर पांच फलोर तक जा सकती है
15:21यानि एक गहरे बंकर में बने खर में
15:26जून के बाद मुसाद और सी आई ये दोनों ही खामनेई का निया ठिकाना जानने की कोशिश में चुटे रहे
15:32सियाई ये ज्यादा तर टेकनोलोजी और सेटलाइट इमेज की मदद से
15:36खामनेई के नए ठिकाने को धूँट रहा था
15:39जबकि मुसाद इरान में मौझूद अपने लोकल एजिन्टों की मदद से
15:44दरसल मौसाद ने कुछ वक्त पहले ही अपने ऑपरेशन में एक नया बदलाओ लाया
15:49अब मौसाद के एजिन्ट मिडिल इस्ट में ज्यादा तर लोकल लोगों को अपना एसिट बनाते है
15:55ये वो लोग होते हैं जो सत्ता या सरकार में बैठे लोगों से नाराज रहते हैं
16:00इन्हें मौसाद खुद ट्रेनिंग देता है और पिर उन्ही देशों में उनकी तैनाती करती जाती है
16:05अब पहरान के अंदर रहकर मौसाद के जासूस खामनई का ठिकाना ढूंड रहते हैं
16:10तो वही दूसी तरह CIA सेटलाइट, ड्रोन, सिग्नल इंटलिजन्स, AI और डेटा एनलिसिस की मदस से खामनई को ढूंड रहा
16:19था
16:22हाई रिजलोशन सेटलाइट जो तस्वीरें भेचती है, वो इतनी साफ होती है कि कार में बैठा शक्स तक नजर आ
16:28जाता है
16:29CIA ने सेटलाइट का इस्तमाल हर उन ठिकानों पर किया, जहां खामनई की मौझूदगी का जरा भी शक होता
16:36किस इलाके में या किस कमपाउंड के हिट गिट सुरक्षा बढ़ा दी गई है, कौन सी गाड़ी किस बिल्डिंग तक
16:42जा रही है, कहां पर अचानक रोजमर्रा से हटकर ज्यादा गतिवितियां नजर आ रही है
16:47सुरक्षा काफिलों का मूवमेंट ज्यादा किधर है, सेटलाइट के जरीए मिली इन तस्वीरों से, टार्गेट के बारे में बहुत कुछ
16:55जानकारी नी जाती है
16:57सेटलाइट इमेज के अलावा सी आईयर, मॉबाई, फोन या दूसरे डिवाइस पर भी नजर रखी
17:03इसके जरीए ये पता करना था कि कौन किसके संपर्ग में, कहां से संपर्ग किया जा रहा है
17:09किसी खास ठिकाने पर अचानक कोई मॉबाईल या फोन, चालू या बन तो नहीं हो, ये भी एक तरह का
17:15संकेत होता है
17:18सियाई और मॉसाद ने मिलकर 86 साल के खामिनई की महीनों जासोजी की
17:23खामिनई का रुटीन क्या है, वो कब उटते हैं, कब सोते हैं, क्या खाते हैं, किन किन से मिलते हैं,
17:29जिन से नहीं मिलते हैं, उन से कैसे संपर्ग करते हैं, कैसे बात चीत करते हैं
17:34हमले की सूरत में कहा कहा पना ले सकते हैं
17:37ये सारी जानकारी बहीनों तक C.I.A. चुटाती रही
17:40इस दोरान ऐसा कई बार हुआ जब C.I.A. ने खामने के ठिकाने के बारे में
17:45मुसाद को जानकारी लेकिन तब ऐसी तमाम जानकारिया बुखता नहीं थी
17:54लेकिन 27 फरवरी की रात तहरान में जब एक खास बिल्डिंग के इतकित C.I.A. ने हलचल महसूस की
18:01तब लगा कि इस बिल्डिंग में कुछ बड़ा होने वाला है
18:04दरसल खामनी के चुछनिंदा ठिकाने थे जिन पर C.I.A. महीनों से नज़र रख रही थी
18:10उनमें से एक बिल्डिंग ये भी थी
18:12C.I.A. को बिल्डिंग में ये हल चल थोड़ी अजीब लगती है
18:15इसी के बाद C.I.A. तहरान में अपनी लोकल एजेंट को एक्टिव करता है
18:20और तब एक सबसे बड़ी खबर में दी है
18:23खबर ये कि 28 फरवरी यानी शनिवार के सुबह तहरान की इस बिल्डिंग में
18:28आयतल्ला खामनी एरान के टॉप लिडर्शिप जिनमें एरान के डिफेंस मिनिस्टर
18:33और एरानी रिगुलुस्टरी गार्ट कॉप्स के कमांडर इंचीफ समये
18:37तमाम आला अफसरों के साथ मीटिंग करने वाले है
18:42सियाए की ये फुफता जानकारी इसराइल को दी गए
18:45इसी जानकारी के बार अमेरिका और इसराइल ने एरान पर फॉरण हमला करने का प्लैन बनाए
18:51पहले इरान पर हमला शायद 28 फरवरी ये एक मार्च की रात को होना था
18:56लेकिन चूकी खामनई की मीटिंग 28 फरवरी की सुबा होनी थी
19:01लिहाजा हमला पहले करने का फैसला लिया गया
19:04तैय ये हुआ कि इसराइल खामनई के ठिकाने पर हमला बोलेगा
19:08जब कि अमेरिका इरान के सैन निठिकानों पर
19:11इससे पहले इसराइल ने हमेशा इरान पर रात के अंधेरे में हमला किया था
19:17पर ये पहली बार था जब सुभा के उजाले में इरान पर हमला होने वाला था
19:27यही वो वक्त था जब इजराइल से कुछ फाइटर जिट्स अपनी बेस से उड़ान भरते हैं
19:33इन फाइटर जिट्स में लंबी दूरी से मार करने वाले बेहत खातक हत्यार थे
19:38इन फाइटर जिट्स का रुख इरान की राजधानी तहरान के करीब था
19:48ठीक यही वो वक्त था जब इजराइली फाइटर जिट्स ने लंबी दूरी तक मार करने वाले वीजाई से
19:53तहरान के उस सबसे ताकतवर बिल्डिंग को निशाना बना है
19:57जिस बिल्डिंग में खामने की मौजूदगी की बात कही गई थी
20:01इस बिल्डिंग के करीब एक और बिल्डिंग थी जिस वक्त बिल्डिंग पर बम गिराए गए
20:06तब एरानी रिवलूशनरी गाट कॉपस के टॉप आफिसर एक बिल्डिंग में थे
20:11जबकि खामने ये अपने फैमली के कुछ सदस्यों के साथ बरावर की दूसरी बिल्डिंग में बिल्डिंग पर कुल बारा बब
20:18गिराए गए
20:19ये सब कुछ सिर्फ एक मिनट में हुआ यानि साठ सेकंड में
20:24साथ सेकंड बाद इसराईल के फाइटर टिप्स वापस अपनी पेस की तरफ मुल चुके थी
20:29खामनी ये और टॉप इरानी ओफिशिल्स को निशाना बनाने के कुछ तेर बाद ही
20:34अमेरिका और इसराईल ने अब एरान की बाकिस सेहने ठिकानों पर बंबारी शुरू करती थी
20:40इसी के बाद पूरी दुनिया को पता चला कि अमेरिका और इसराईल ने एरान पर हमला बोल दिया है
20:46लेकिन घंटो बीच जाने के बाद भी किसी को ये पता नहीं था
20:50कि इस हमले में आयतल्ला खामिनी की मौत हो चुकी है
20:54असल में खुद ट्रम्प और इजराईल पहले ये पुखता कर लेना चाहते थे
20:58कि हमले में खामिनी की मौत हो चुकी है
21:01इसमें कुछ फ़क लगा
21:02जिस बिल्डिंग में खामिनी की मौत हुई
21:04उसी बिल्डिंग से खामनी की लाश की तस्वीरे ली गए
21:08उस तस्वीर को पहले सियाई ए और फिर मुसाद ने कन्फरम किया
21:12और जब ये पुखता हो गया कि ये खामनी की ही लाश है
21:15तब सबसे पहले पहली बार एक मार्च की देर रात
21:19तरके तीन बचकर सत्रह मिनट पर डोनेल ट्रम्प ने खामनी की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर इपोस्ट डाए
21:28हाला कि तब तक 15 गंटे से ज़्यादा बीच चुके थे
21:31लेकिन एरान अभी खामनी की मौत पर खामोश था
21:35बलकि एरान की तरफ से खामनी की मौत को लेकर ऐसी तमाम ख़बरों को अफवाब बताया गया था
21:41लेकिन फिर लगभग 15 गंटे बाद एरानी सरकारी टीवी और नेस्टर मीडिया ने ये खबर दी
21:47कि एरान के रहनुमा आयतुल्ला अली खामनी की मौत हो चुकी
21:52रूह बुलंद और मलकूते कुह नस्थूह बलायाद
22:00इस खबर के साथ ही पूरे एरान में मातम पसर गया
22:04बस महीने भर पहले तक जो लोग एरानी सरकार और खामनी से नारास थे
22:09वो खामनी के समर्थन में सलकों पर उता रहीं
22:12लोगों का सैला अब सलकों पर था
22:15और सभी अपने लीडर की मौत का पदला लेनी की मांग कर रहे थे
22:25आज तक पर लोगों
22:28तो वारदात में फ़राल इतना ही
22:30मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहीं आज तक
Comments