Skip to playerSkip to main content
  • 14 minutes ago
क्या ईरान युद्ध के लिए अमेरिका पर भी कड़े प्रतिबंध लगेंगे? रूस ने पूछा सवाल

Category

🗞
News
Transcript
00:00इस युद्ध के बीच रश्या के विदेश मंती सरगेल आवरोव ने अमेरिका पर जूप बोलने का आरोप लगा दिया है।
00:30इस इया है।
01:00और कि भादन है लिए डिए उन जांदिक एक्राइब मेड और कि धना दिया जार करो दो बादनी तो आप
01:13तो उनी तोप्र इन अजा इन डिए नश्ट
01:29प्रिच्ट अफ्टियू का एचिव पुर्ण पर बंश्ट और अगजिए प्राइब क्यूंद एचे उप अपने टेक्ट आप्स एचे आर्पड उप्स है
01:42अमेरिका खुट को दुनिया की सबसे बड्य सूपरपार कहता है
01:46लेकिन हकीकत तो ये है कि उसने हमेशा अपने हितों को साधने के लिए लोगतंत्र मानवादिकार, शेत्रे सुरक्षा, शांती की
01:53याड लेकर कई देशों की संप्रभुता को कुछला है
01:55और क्या रश्या के इन सवालों में दम नहीं है
01:58अगर रश्या आज ये सवाल पूछ रहा है कि क्या जिस तरह से क्रिमिनल वारंट जारी किया गया पूटिन पर
02:06यूक्रेइन पर अटाक करने के लिए वैसे ही डॉनल्ड टरम्प के खिलाफ किया जाएगा
02:10लेकिन अमेरिका पर सांक्शन कौन लगाएगा
02:15अमेरिका वही देश है जिसने दूसरे विश्वयूद के दौरान जापान के हिरोशिमा नागासाकी पर परमाणू हमला किया
02:21परमाणू खत्रा परमाणू खत्रा परमाणू खत्रा लेकिन एक मात्र देश विश्व का जिसने आज तक परमाणू हमला किया है
02:27कौन अमेरिका है यह वही हमला था जिसमें डेड़ माख लोग जलकर खाक हो गयhee लेकिन अमेरिका ने कहा कि
02:36यह हमला जरूरी था
02:37दुनिया अमेरिका से कुछ नहीं कह पाई
02:40इसके बाद वियत नामयुद
02:42अमेरिका ने नपाम पर बंप गिराया
02:45जिसमें कई बच्चों की खाल तक पिगल गई थी
02:48लेकिन तब भी दुनिया ने अमेरिका से सवाल नहीं पूचा
02:52और पूछा भी तो बस बातचीत होती रह गए
02:55अमेरिका पर सांक्शन्स नहीं लगता
02:58साल 1953 में अमेरिका ने इसी एरान में चुनी हुई सरकार को दखल करके हटवा दिया
03:02महापने हितों के लिए राजशाई को सत्ता की कुर्सी दिला दी
03:05और तब भी दुनिया में कोई कुछ नहीं बोल पाई
03:07जहां जाता है गुसता है तखता पलट करता है
03:12और फिर जमन करता है बरबादी के आलम में छोड़कर निकल जाता है
03:15दुनिया ने तो ये तक कहने की हमत नहीं रिकाई की
03:18अमेरिका एरान के कच्चे तेल के लिए एरान की संप्रबुदा के साथ गंदा खेल खेल रहा है
03:23इसके बाद साल 2001 से लेकर 2021 के बीच 20 सालों तक
03:29अमेरिका ने अफगानिस्तान में आतंकवाद और तालिबान के खिलाफ युद लड़ा
03:46साल 2003 में इराक के साथ भी अमेरिका ने यही किया
03:49और इराक के पास वेपन्स अफ मास्ट इस्ट्रक्शन होने का रूप लगा दिया
03:53यह सद्दाम हुसेन है
03:55लेकर बाद में यह दावे भी साबित नहीं हुए
03:58और इराक में सद्दाम हुसेन को फांसी दे दी गई
04:00और उस वक्त भी अमेरिका से किसी ने कोई सवाल नहीं पूचा
04:03इसके बाद 2011 में लिबिया में घदाफी के साथ भी यही हुआ
04:08फिर अब आईए वेनिसवेला
04:11पूर राज़पती निकलेस मादरो के साथ भी यही हुआ
04:13और अब इरान में भी अमेरिका रजीम चेंज के नाम पर युद लड़ रहा है
04:17लेकिन हकीकत यह है कि यह सब बहाने है
04:19अमेरिका इरान में भी अपने हिदों को साधना चाहता है
04:23अप अमेरिका के रख्शा मंस्री पीछ हैकसद को सुनिये
04:25जिन्हों ने खुद ये कहा कि अमेरिका ये युद जीतने के लिए लड़ रहा है ना कि एरान में लोग
04:30तंतरो और सत्ता परिवरतन करने के लिए
04:33No stupid rules of engagement, no nation building quagmire, no democracy building exercise, no politically correct wars
04:41We fight to win and we don't waste time or lives
04:47America में अब तक का इतिहास यही रहा है कि वहाँ जब भी किसी राश्रपती ने किसी देश के खलाप
04:53युद लड़ा है
04:53तो उसकी लोग प्रियता तेजी से बढ़ी है
04:56साल 1990 से लेकर 1990 के भी जब मिरलीज के खाड़ी देशों में गल्फ वार लड़ा गया
05:01तब उस वक्त के अमेरिकी राश्रपती जोज बुश सीनियर की लोग प्रियता सारे रेकॉर्ड तोड़कर
05:06बासी प्रतिशत पर पहुँच गई
05:08इसके बाद अमेरिका में ये पैटर्न बन गया
05:11वहाला गलग राश्रपती अपने अपने वक्त में सैन्य संगर्ष करते और ऐसा करके अपनी लोग प्रियता को बढ़ाते
05:18और राश्रपती ट्रम्प ने भी यही सोचा होगा कि वो इस इरान युद से अपनी लोग प्रियता बढ़ा लेंगे
05:24लेकिन अभी ऐसा लगता है कि युद्ध राश्रपती ट्रम्प का भयंकर नुकसान करने वाला है
05:28क्यूंकि इपसॉस ने सवे किया है 28 फर्वरी
05:31यानि हमले के बाद 28 फर्वरी से 1 मार्च को युद्ध के दौरान
05:36रॉइटर्ज और इपसॉस ने अमेरिका में जो सवे किया
05:39उसमें सबसे जादा 43 फर्वरी पर्वरी परसेंट लोग
05:43इरान पर अमेरिका हमलों का समर्थन नहीं करते हैं
05:48जबकि 27 फर्वरी लोग भी इन हमलों के लिए ट्रम्प का साथ 27 फर्वरी दे रहे
05:55इसी से पता चलता है कि अमेरिका के लोग भी नहीं चाहते थे कि यूद लड़ा जाए
06:01खामनाई इसराइल के लोगों का तो सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है
06:04लेकिन अमेरिका के लोग, अमेरिका के लोगों के लिए खामन ही, क्या वाकई इतना बड़ा दुश्मन था
06:09लोग तो छोड़िये, पेंटेगन ने अमेरिका की संसत को बताया था कि एरान अपनी तरफ से अमेरिका पर पहला हमला
06:15नहीं करेगा
06:16लेकिन इसके बाजूद राश्रपती टरंप ने युद्ध छेड़ दिया, मिडलीस के देश इस युद्ध की आग में जल रहे
06:24इस युद्ध से पहले तक UAE, साओधी अरब, काटार, कुवेट, खुद को दुनिया का सबसे सुरक्षत देश माने जाते थे
06:31और बताते भी, 2025 के ग्लोबल पीस इंडेक्स में, काटार, 27 वे नंबर पर, कुवेट, 31 वे नंबर पर, उमान,
06:4142 वे नंबर पर, जॉड़न, 73 वे नंबर पर, साओधी अरब, 92 वे नंबर पर, जबकि भारत इन सब देशों
06:49से बहुत पीछे
06:52115 वे स्थान पर था, दुनिया में इन देशों की 26 सुरक्षित देशों की बनी, तो इससे अलग-अलग देशों
06:58के अरब पती, UAE, साओधी अरब में पलायन करने लगे, निवेश करने लगे
07:03साल 24-25 में पूरी दुनिया में सबस्यादा अमीर लोग जिस देश में जाकर बसे वो देश है, UAE, जहां
07:09पर दुबाई है, आबुधाबी है
07:11उस वक्त भारत समेट दुनिया के अलग-अलग देशों के 9800 मिलियनेर, UAE में जाकर बसे
07:20इसी सूची में पाँचवे स्थान पर सौधी अरब था, जहां दुनिया भर के 2400 मिलियनेर पलाइन करके रहने लगे
07:30इससे एक और चीज यह हुई कि दुनिया के बड़े-बड़े उद्योग पती इन देशों में अपना निवेश करने लगे
07:34होटेल से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनिया, बड़ी-बड़ी कंपनियों के दफ्तर खोले गए से हुआ यह कि इन देशों की
07:40अर्थवेवस्ताओं ने कच्छे तेल पर अपनी निर्भरता को कम कर लिए
07:43आज युएई की 75 प्रतिशत, ओमान की 73.3 प्रतिशत, कतर की 60 प्रतिशत, सौधी अरब की 70 प्रतिशत, कुवेट
07:52की 51.9 प्रतिशत अर्थवेवस्ता गेर तेल से आती है
07:58यानि इनकी इतनी निर्भरता तेल पर नहीं, अन्य व्यापार पर है
08:03लेकिन अब इस युद ने इन मुस्लिम देशों के सामने संकट पैदा कर दिया है
08:07जो लोग कल तक दुबाई और अबुदाबी में प्रॉपटी खरीदने के बारे में सोच रहते
08:11वो ये कह रहे थे कि भारत ही उनके लिए अब वो कह रहे हैं कि सही देश है
08:15ये युद इस बात को भी तै करेगा कि अब अमेरिका के साथ उनके रिष्टे कहां जाएंगे
08:21अमेरिका ने साओधी अरब, UAE, कुवेट, काटार, बहरेन और ओमान के साथ एक समझोता किया था
08:27जिसे पेट्रो डॉलर पैक्ट कहते हैं
08:29इसके तहट ये तै हुआ था कि अमेरिका इन देशों को सुरक्षा की गारंटी देगा
08:33और बदले में ये देश अपना सारा कच्छा तेल डॉलर में ही बेचेंगे
08:37लेकिन अमेरिका अपने वादे को निभा नहीं पाया
08:41इस युद में इरान ने साओधी अरब की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी अरामको की तेल कंपनी को निशाना बनाया
08:47और अमेरिका कुछ नहीं कर पाया
08:48इसलिए अब सवाल यही है कि जब अमेरिका इन देशों को सुरक्षा नहीं दे पाया
08:52तो यह देश क्यों अपना कच्छा तेल डॉलर में ही बेचते रहेंगे
08:56आज हम 57 मुस्लिम देशों के इसलामिक जो औरगनाइजेशन अफ इसलामिक को उपरेशन है
09:02उससे भी कुछ कड़वे सवाल पूछना चाहते हैं
09:04संसा है जिसने भारत के मुसल्मानों को खत्रे में बताने का ठेका लिया हुआ है
09:08साल 2022, 2023, 2024, 2025 में भी इस संसा के सभी 57 मुसलिम देशों ने सयुक्त बयान जारी करके
09:17भारत के 24 करोन मुसल्मानों को खत्रे में बताया था
09:20लेकिन आज हकीकत क्या है आज हकीकत यह है कि जब रमजान का पवेत्र महीना चल रहा है तब एरान
09:28के 9 करोड लोगों पर लगातार बंबारी हो रही है
09:31और ये मुस्लिम देश उस एरान के खिलाफ खड़े है एरान मिडलीज के सबी मुस्लिम देशों पर पूरी टाकत के
09:38साथ मिसाइल हमले कर रहा है
09:39एक मुसलिम देश दूसरे मुसलिम देशों पर हमला कर रहा है
09:43अफगानिस्तान में भी इसलामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान आम मुसल्मानों की जाने ले रहा है
09:48तालिबान भी पाकिस्तान में मुसल्मानों का खुन बाहरा है
09:53कहां है ये इसलामिक कोपरेशन
09:57लेकिन भारत एक ऐसा देश है जहां शांती के साथ रमजान के पाक महीने में हमारे जो आम मुसलमान भाई
10:03हैं वो रोजे रख रहे हैं
10:05मस्जिदों में नमाज पड़ी जा रही है हमारे देश के मुसलिमों में कोई डर नहीं है
10:09और इसलिए आज हम कहना चाहते हैं कि भारत के मुसलिमों को खत्रे में बताने की ये राजनीती बंद हो
10:15जानी चाहिए
Comments

Recommended