00:01रंग गुलाल और उत्सा से भरे होली के पर्व पर इस बारेग खगोली ए घटना भी लोगों का ध्यान खीशने
00:07वाली है
00:08पंचांग के नुसार होली के दिन चंद ग्रहेंड लगने जा रहा है जैसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल
00:13है
00:13जैसे कि क्या ये ग्रहेंड भारत में दिखाई देगा, क्या इस दिन सूतक काल मानने होगा और धार्मिक कारियों पर
00:19इसका क्या प्रभाव पड़ेगा
00:21चूकि ये ग्रहेंड फालगुन मास की पूर्णिमा पर बढ़ रहा है, ऐसे में इसका धार्मिक महत्व भी खास माना जा
00:27रहा है
00:27तो आईए आपको बताते हैं होली पर लगने वाले चंद ग्रहेंड से जड़ी पूरी जानकारी और सूतक काल का समय
00:34वैदिक पांचांग के अनुसार इस साल का पहला चंद ग्रहेंड 3 मार्च को पढ़ने जा रहा है
00:39पांचांग के अनुसार ये ग्रहेंड दोपहर 2 बचकर 16 मिनट से शुरू होकर 5 बचकर 33 मिनट तक रहेगा
00:45खास बात ये है कि एक पूर्ण चंद ग्रहेंड होगा जिसे एशिया के कई देशों के साथ साथ आस्ट्रेलिया में
00:51भी देखा जा सकेगा
00:52जो तीशों के अनुसार पूर्ण चंद ग्रहेंड एक महत पूर्ण खगोली घटना होती है
00:56ये तब तक घटित होती है जो प्रत्वी सूर और चंद्रमा के बीच आ जाती है
01:00इसके कारण सूर की केड़ने सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुच पाती
01:04और चंद्रमा पूरी तरह से प्रत्वी की चाय में आ जाता है
01:09साल का पहला चंदुग्रहिन इस बार भारत में देखा जा सकेगा
01:12खासतोर पर पूर्वी भारत में इसका नजारा इस पश्च होगा
01:16अरुनाचल प्रदेश, असम, नागालेंड, मनिपुर, मिजोरम में ये चंदुग्रहिन पूर्ण याधिक सपश्च रूप में दिखाई देगा
01:22इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की पूर्वी हिस्सों में भी लोग इस खगोलिय घटना का अदभुत दरश्च देख सकेंगे
01:28वही कॉलकत्ता, गुहाटी, इतनगर और आईजोल जैसे शेहरों में ये ग्रहिन बेहद आकर्शक रूप में नसर आएगा
01:34इसके अलावा दिल्ली, मुंबाई, बैंगलोर, चैननाई, लखना और जैपुर, सहिद देश के कई अन्हिसों में ये आंशिक चंदग्रहन के रूप
01:41में दिखाई देगा
01:45साल का पहला चंदग्रहन भारत में दिखाई देने वाला है, ऐसे में इस बार सूतक काल के नियम भी लागू
01:50माने जाएंगे
01:51धार्मिक माननताओं के अनुस्वार, चंदग्रहन शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल की शुरुआत हो जाती है
01:57इस गर्णा के मताबिक 3 मार्च को सुबह 9 बचकर 30 मिनट से सूतक काल शुरू हो जाएगा, जो ग्रहन
02:03के समापती के साथ ही समापत माना जाएगा
02:08वैदिक पांचांग के अनुस्वार, इस वर्ष होली का दहन 3 मार्च को किया जाएगा और इसे दिन चंदग्रहन का प्रभाव
02:14भी रहेगा
02:14ऐसे में होली का दहन को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं
02:18विधानों का मानना है कि चंदग्रहन की कारण होली का दहन सुतक्काल शुरू होने से पहले या फिर शास्त्रों में
02:24बताया गए विशेश मोरत में ही संपन्न किया जाएगा
02:29धार्मेक माननताओं के अनुशार सुतक्काल के दौरान कुछ कार्यों को करने से परहेज करने की सला दी चाती है
02:34इस समय भगवान की प्रतीमा को सपर्ष करना नहीं चाहिए ना ही कोई नया या शुपकारिश शुरू करना उचित्मारा चाता
02:41है
02:41विभा ग्रह प्रवेश जैसे मांगले कारों को भी टालना चाहिए
02:45इसके अलावा सुतक्काल में भोजन पकाने और ग्रहन करने से बचने की परंपरा है
02:48साथी गर्ववती महिलाओं को इस अबदी में विशेश साबधनी रहने की सला दी चाती है
02:55साल का पहला चंद्र ग्रहन होली के पावन दिन पर पढ़ रहा है
02:58इस दोरान चंद्रमा सीहराशी में स्टित रहेगा और केतू के साथ यूती बनाएगा
03:03जोती शिर रश्टी से इस ग्रहन स्टिती के कारण कुछ राश्यों पर नकरात्मक प्रभाव पढ़ने की संभावना जताई जा रही
03:09है
03:09जोससे उनके जीवन में मानसिक तनाव या अन्य चनौतियां सामने आ सकती है
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