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रंग, गुलाल और उत्साह से भरे होली के पर्व पर इस बार एक खगोलीय घटना भी लोगों का ध्यान खींचने वाली है। पंचांग के अनुसार होली के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं, जैसे कि क्या यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, क्या इस दिन सूतक काल मान्य होगा और धार्मिक कार्यों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। चूंकि यह ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर पड़ रहा है, ऐसे में इसका धार्मिक महत्व भी खास माना जा रहा है। तो आइए जानते हैं होली पर लगने वाले चंद्र ग्रहण से जुड़ी पूरी जानकारी और सूतक काल का समय।

This time on the festival of Holi full of colors, gulal and enthusiasm, an astronomical event is also going to attract people's attention. According to the Panchang, a lunar eclipse is going to occur on the day of Holi, regarding which people have many questions in their minds, such as whether this eclipse will be visible in India, whether Sutak period will be valid on this day and what effect it will have on religious activities. Since this eclipse is falling on the full moon of Phalgun month, its religious significance is also considered special. So let us know the complete information related to the lunar eclipse on Holi and the timing of Sutak period.

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~PR.518~HT.408~ED.110~GR.506~

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00:01रंग गुलाल और उत्सा से भरे होली के पर्व पर इस बारेग खगोली ए घटना भी लोगों का ध्यान खीशने
00:07वाली है
00:08पंचांग के नुसार होली के दिन चंद ग्रहेंड लगने जा रहा है जैसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल
00:13है
00:13जैसे कि क्या ये ग्रहेंड भारत में दिखाई देगा, क्या इस दिन सूतक काल मानने होगा और धार्मिक कारियों पर
00:19इसका क्या प्रभाव पड़ेगा
00:21चूकि ये ग्रहेंड फालगुन मास की पूर्णिमा पर बढ़ रहा है, ऐसे में इसका धार्मिक महत्व भी खास माना जा
00:27रहा है
00:27तो आईए आपको बताते हैं होली पर लगने वाले चंद ग्रहेंड से जड़ी पूरी जानकारी और सूतक काल का समय
00:34वैदिक पांचांग के अनुसार इस साल का पहला चंद ग्रहेंड 3 मार्च को पढ़ने जा रहा है
00:39पांचांग के अनुसार ये ग्रहेंड दोपहर 2 बचकर 16 मिनट से शुरू होकर 5 बचकर 33 मिनट तक रहेगा
00:45खास बात ये है कि एक पूर्ण चंद ग्रहेंड होगा जिसे एशिया के कई देशों के साथ साथ आस्ट्रेलिया में
00:51भी देखा जा सकेगा
00:52जो तीशों के अनुसार पूर्ण चंद ग्रहेंड एक महत पूर्ण खगोली घटना होती है
00:56ये तब तक घटित होती है जो प्रत्वी सूर और चंद्रमा के बीच आ जाती है
01:00इसके कारण सूर की केड़ने सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुच पाती
01:04और चंद्रमा पूरी तरह से प्रत्वी की चाय में आ जाता है
01:09साल का पहला चंदुग्रहिन इस बार भारत में देखा जा सकेगा
01:12खासतोर पर पूर्वी भारत में इसका नजारा इस पश्च होगा
01:16अरुनाचल प्रदेश, असम, नागालेंड, मनिपुर, मिजोरम में ये चंदुग्रहिन पूर्ण याधिक सपश्च रूप में दिखाई देगा
01:22इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की पूर्वी हिस्सों में भी लोग इस खगोलिय घटना का अदभुत दरश्च देख सकेंगे
01:28वही कॉलकत्ता, गुहाटी, इतनगर और आईजोल जैसे शेहरों में ये ग्रहिन बेहद आकर्शक रूप में नसर आएगा
01:34इसके अलावा दिल्ली, मुंबाई, बैंगलोर, चैननाई, लखना और जैपुर, सहिद देश के कई अन्हिसों में ये आंशिक चंदग्रहन के रूप
01:41में दिखाई देगा
01:45साल का पहला चंदग्रहन भारत में दिखाई देने वाला है, ऐसे में इस बार सूतक काल के नियम भी लागू
01:50माने जाएंगे
01:51धार्मिक माननताओं के अनुस्वार, चंदग्रहन शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल की शुरुआत हो जाती है
01:57इस गर्णा के मताबिक 3 मार्च को सुबह 9 बचकर 30 मिनट से सूतक काल शुरू हो जाएगा, जो ग्रहन
02:03के समापती के साथ ही समापत माना जाएगा
02:08वैदिक पांचांग के अनुस्वार, इस वर्ष होली का दहन 3 मार्च को किया जाएगा और इसे दिन चंदग्रहन का प्रभाव
02:14भी रहेगा
02:14ऐसे में होली का दहन को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं
02:18विधानों का मानना है कि चंदग्रहन की कारण होली का दहन सुतक्काल शुरू होने से पहले या फिर शास्त्रों में
02:24बताया गए विशेश मोरत में ही संपन्न किया जाएगा
02:29धार्मेक माननताओं के अनुशार सुतक्काल के दौरान कुछ कार्यों को करने से परहेज करने की सला दी चाती है
02:34इस समय भगवान की प्रतीमा को सपर्ष करना नहीं चाहिए ना ही कोई नया या शुपकारिश शुरू करना उचित्मारा चाता
02:41है
02:41विभा ग्रह प्रवेश जैसे मांगले कारों को भी टालना चाहिए
02:45इसके अलावा सुतक्काल में भोजन पकाने और ग्रहन करने से बचने की परंपरा है
02:48साथी गर्ववती महिलाओं को इस अबदी में विशेश साबधनी रहने की सला दी चाती है
02:55साल का पहला चंद्र ग्रहन होली के पावन दिन पर पढ़ रहा है
02:58इस दोरान चंद्रमा सीहराशी में स्टित रहेगा और केतू के साथ यूती बनाएगा
03:03जोती शिर रश्टी से इस ग्रहन स्टिती के कारण कुछ राश्यों पर नकरात्मक प्रभाव पढ़ने की संभावना जताई जा रही
03:09है
03:09जोससे उनके जीवन में मानसिक तनाव या अन्य चनौतियां सामने आ सकती है
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