00:02मिडल एस्ट में जारी एरान एजराईल युद्ध ने एरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामने के परिवार का खात्मा कर
00:10दिया है
00:10इरानी सरकारी मीडिया के मताबिग खामने की बीवी मनसूरी खोजस्ते बागेर जाधे की दो मार्च को अस्पताल में मौत हो
00:18गई
00:1818 फर्वरी को अमारिका इस्राईल के जॉइंट हमलों में गंभी रूप से घायल हो गई थी
00:22आपको बता दें की खामने की बीवी का जीवन एक रहसे में कहानी की तरहा है
00:27वो इरान की सबसे अद्रिश्य महिला कहला दी थी
00:30यानि एक हिडन औरत
00:32क्योंकि वो राज़दीतिक या समाजी कारेक्रामों से पूरी तरह दूर रही
00:36लेकिन एक रियर इंटर्वियू में उन्होंने खामने के साथ अपने निकाह परिवार और जीवन के बारे में खुलासा किया था
00:41ये इंटर्वियू पहली बार 1993 में एक एरानी मैगजीन में अंग्रेजी में पबलिश हुआ था
00:46और बाद में फार्सी में ऑनलाइन वार्ल हुआ
00:48मनसूरी ने इंटर्वियू में बताया था कि उनकाह 1964 में हुआ था
00:53ये कोई लव मैनेज या रोमैंटिक मुलाकात नहीं थी
00:55बलकि धार्मिक परिवारों की परंपरा के मतामिक अरेंजड मैरिज थी
00:58खामनेई की माँ खदीज बिंटमादी ने मनसूरी के घर जाकर उनका हाथ मांगा था
01:03उस वक्त मनसूरी सिर्फ 17 साल की थी
01:06और खामनेई एक साधारन मौलवी थे
01:08जो रजा शाह पहलवी के संतान मौम्मद रजा शाह पहलवी के शासन के खिलाफ विरोधी गतिविदियों में आक्टिव हो रहे
01:16थे
01:16मनसूरी का जन्म 1947 में मशहद शहर के एक धार्मिक और कारोबारी परिवार में हुआ था
01:22उनके बिता मौम्मद एस्माईल खाजस्ते बगर जादे के एक सक्सिस्फुल बिजनस्मेंट थे
01:28निगाँ के बाद खामनेई के राजनीति गतिविदियों के कारण शाह की पुलिस ने उन्हें कई बार ग्रफतार किया
01:33जेल के दोर में मनसूरी ने अकेले चे बच्चों की परवरिश की वो जेल में खामनेई से मिलने जाती थी
01:39और डोनों एक दूसरे के दुख दर्द बागते थे
01:41मनसूरी ने कभी घर की मुश्किले या समस्याओं का जिक्र नहीं किया बलकि सिर्फ अच्छी खबरे सुना कर उनका मनोबल
01:47बनाया रखा
01:48उन्होंने बताया था कि मेरा सबसे बड़ा रोल घर में शानती बनाया रखना था कि वो अपना काम सुकून से
01:53कर सके
01:53मनसूरी खुद भी करांटी में आक्टिव रही वो सरकार विरोधी पर्चे बाटने संदेश पहुचाने और दस्ताविस छिपाने में मदद करती
01:59थी
01:59लेकिन इन्हें उन्होंने बताने लायक नहीं बताया जेल के दौर ने उनके निकाह को और मजबूत बनाया जहां इश्क और
02:06सपोर्ट का रिष्टा गहरा हुआ
02:08मनसूरी ने खामनई को एक इसने ही और समझदार शोहर बताया
02:12उन्होंने कहा की काम से ठ garment की समस्याओं को घर से दूर रखते थे
02:17गरेलु कामम में मदद के बारे में बताया था
02:20कि उनके पास समय नहीं है और ना ही मैं ऐसी उम्मीद करती हूँ
02:24खामनाई उन से सिर्फ एक खुशाल, शान्त और हैल्ली परिवार चाहते थे
02:28हिजाब के बारे में मनसूरी का कहना था कि घर के बाहर के रिये चादर सबसे अच्छा आवरण है
02:33घर के अंदर अलग है लेकिन कपड़े हमेशा इसलामी मर्यादा के मताबिक होने चाहिए
02:37उन्होंने ये भी बताया था कि वो सरकारी करमचारी नहीं है
02:40लेकिन मुस्लिम महिला के रूप में वो अन्य बहनों की तरहां जिम्दारिया निभाती है
02:45फिलाल इस वीडियो में इतना ही आप क्या कहें कि कॉमेंट सेक्शन में हमें लिक करें
02:48जरूर बताएं वीडियो को लाइक करें शेर करें और चानल को सब्सक्राइब करना बिलकुल न भूलें
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