00:00मंगलम भगवाने विष्टनू, मंगलम गरुनत्धवजा, मंगलम पुंडरी काक्षो, मंगलाय तनुहरी
00:07प्यारे मित्रों जैश्याराम, जैमातादी, आज आप से चर्चा करते हैं
00:123 मार्च 2026 को लगने जा रहा है चंद्र ग्रहन
00:17चंद्र ग्रहन में बिसेश रूप से गर्वबती महिलाओं को किन बिसेश नियमों का पालन करना चाहिए
00:27आज इसी बिसेश पर आप से चर्चा करते हैं
00:31ग्रहन के दावरान बिसेश साउधानिया बरती जाती हैं
00:35विसेश करके सभी लोगों को साउधानिया बरतनी होती हैं, परन्तु मैं आज बात कर रहा हूँ गर्वबती इस्त्रियों की महिलाओं
00:45की, जो गर्व से हैं और इस गर्व के दौरान ये जो ग्रहन पढ़ने जा रहा है, इसमें इनको विसेश
00:55रुप से साउधानिया बरतनी है
00:56जैसे नुकीली बस्तु जैसे की चाकू है, कैची है, इत्यादी का प्रियोग नहीं करना है, चाकू से किसी भी फल
01:07को आपको नहीं काटना है, और कैची से किसी भी वस्त्र को नहीं काटना है, सुई से किसी भी वस्त्र
01:16की सिलाई इत्यादी आपको आज के दिन नहीं करनी चाह
01:22इससे गरवस्त शिशू को पीड़ाएं हो सकती हैं आपको कश्ट हो शकता है इसके साथ ही आज के दिन विशेश
01:34करके ब्यक्तियों को बाल नाई के यहां जा करके नहीं कटवाने चाहिए
01:43क्योंकि सूतक भी लगा हुआ है प्रातेकाल से और आज ग्रहण भी पड़ रहा है और पूरिमा भी है तो
01:51इसलिए बाल नहीं कटवाना नाखून नहीं कटवाना
01:56किसी भी व्यक्ति से अनायास जगडे नहीं करना है जगडे जहां पर हो रहे हो वहां से आपको दूर हट
02:06करके खड़े होना है नकारात्मक्ता से आपको दूर रहना है
02:12बुजूर्ग गर्ववती इस्त्रियों को उनकी सुविधा के अनुशार भोजन इत्याद की विवस्था बराबर करते रहना है
02:24क्योंकि जो बुजुर्ग व्यक्ति है उसको दवा भी चाहिए समय से
02:29उसको समय से भोजन भी चाहिए जो गर्वबती इस्त्री है उसको भी भोजन चाहिए
02:35और इन लोगों को हलका और फलाहर हो सके या जो भोजन आपने सूतक लगने से पहले बना रखा है
02:44उस भोजन को आप इनको दे सकते हैं
02:48ग्रहन के दाउरान आपको पिसेश करके उन महिलाओं को जो गरभवती हैं
02:55उनको खुले में बिल्कुल नहीं निकलना चाहिए
03:00पुना मैं बताऊं आपको ग्रहन जिस समय प्रारंब हो रहा है
03:05उस समय भूल कर भी आप घर के बाहर बिल्कुल मत निकलिएगा
03:10और आप अधिक से अधिक भगवान के नाम का मनहिमन इश्मरन करते रहिएगा
03:19शुमिरन करते रहिएगा ध्यान करते रहिएगा
03:23भगवान के भजनों को मध्यम मंदश्वर में मोबाइल इत्यादि के माध्यम से भी आप स्रमण कर सकते हैं।
03:53उनको स्रमण करते रहिएगा। जिस समय ग्रहण पढ़ रहा हो गर्ववती स्त्रियों को उस समय विशेश रूप से सूना नहीं
04:04चाहिए। उस समय आप बैट करके भगवान का मन ही मन इश्मर्ण करिएगा। भजन करिएगा।
04:11और अगर हो शकता है कि उस समय भोजन ना किया जाए तो भी आप इसका भी ध्यान रखिए कि
04:19उतने समय आप भोजन ना करें।
04:21और अगर भोजन करना ही है तो श्वलपाहार थोड़ा सा भोजन ले करके अगर बहुत तेज आपको भूख लगी हुई
04:29है और आपको ऐसा लग रहा है कि मैं भोजन नहीं ले सकती।
04:33मैं यदि भोजन नहीं लेती हूँ तो मुझे कोई प्राबलम होगी दिक्कत होगी तो आप भोजन अवश्च लीजिएगा थोड़ा सा
04:41और जल का पान करिएगा तो इस तरह से आप लोग नियमों का पालन करिएगा और विशेश रूप से मैं
04:48पुना कहता हूँ कि ग्रहन ज
05:02कोई सबजी इत्याद नहीं काटना के तरह टाशलो सबजी तूहिं काटना बिल्मकुल कि भूल कर केब इस्काम को नहीं करना
05:09धा भगुषन बगवान के नाम का श्मर्न करना जैश्री कृष्णा जैस्याराम अगर चाहते हैं कोई भी जानकारी तो मेरे नंबर
05:19आपको दिख
05:19खाई दे रहें आप शंपर कर सकते हैं, जैसे कृष्टना जैस्ट शियराम
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