00:00यह जो स्वामाजी के कलंग है, मेंस्ट्रेशन हाईजीन पर बात्चित करना, यह लगबग कॉमन है, हर जगे वही सिती है
00:07लगबग, इस पर बात्चित नहीं होती है
00:30अगर वाशे गंदा है, अगर वाशे गंदा है, तो दुनिया की सारी अबादी गंदी है, एक एक इंसान वहीं से
00:35आ रहा है, तो गंदा क्या है? और यह अच्छे से समझ लो, एक सीधी सहज साधारन चीज को जितना
00:41दबाओगे न, उसे अपने लिए उतना बड़ा बना लोग
00:57कितनी महिलाएं बीमार पढ़ती हैं, मरती भी हैं, जबकि यह एक बहुत सीधी सहज सी बात है, जिसकी चर्चा करने
01:05में किसी को कोई आपत्ती होनी नहीं चाहिए, आपत्ती तो यह होनी चाहिए, कि दो ही लिंग होते हैं, और
01:1250% हैं दुनिया की अबादी की महिलाएं, और �
01:15तुम इसकी बात क्यों नहीं करना चाहते हो, महिला को अगर सिर्फ देह मानोगे तो बहुत कमजोर हो जाएगी, और
01:22महिला कमजोर हो गई तो तुम्हारी ताकत भी चली जाएगी, तो अपनी खाते रही सही, लेकिन उसको इनसान समझना शुरू
01:27करो, लेकिन शरीर शरीर कर क
01:29कर करके, हमने अपनी बेटियों को, अपनी लड़कियों को, अपनी महिलाओं को, हमने इन सब को बस मास का पिंड
01:38बना दिया है,
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